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पूर्णिया एयरपोर्ट को लेकर बड़ा अपडेट: 31 अक्टूबर तक नया एप्रन तैयार करने का लक्ष्य, एक साथ खड़े हो सकेंगे 5 विमान

Published: 17/08/2026, 01:16:39 pm2 viewsSeemanchal Live

पूर्णिया: सीमांचल की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में पूर्णिया एयरपोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। एयरपोर्ट पर तैयार किए जा रहे नए एप्रन का निर्माण…

पूर्णिया एयरपोर्ट को लेकर बड़ा अपडेट: 31 अक्टूबर तक नया एप्रन तैयार करने का लक्ष्य, एक साथ खड़े हो सकेंगे 5 विमान
पूर्णिया: सीमांचल की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में पूर्णिया एयरपोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। एयरपोर्ट पर तैयार किए जा रहे नए एप्रन का निर्माण 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नया एप्रन तैयार होने के बाद यहां एक साथ पांच विमानों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। पूर्णिया एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं और उड़ानों की क्षमता बढ़ाने के लिए चल रहे विकास कार्यों को सीमांचल के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या होता है Airport Apron? एयरपोर्ट पर एप्रन उस निर्धारित क्षेत्र को कहा जाता है जहां विमान यात्रियों को उतारने-चढ़ाने, पार्किंग, ईंधन भरने और दूसरी ग्राउंड सर्विस के लिए खड़े किए जाते हैं। किसी एयरपोर्ट पर अधिक विमानों के लिए एप्रन उपलब्ध होने से एक ही समय में ज्यादा फ्लाइट को संभालने की क्षमता बढ़ जाती है। पूर्णिया में नया एप्रन तैयार होने के बाद एयरपोर्ट की विमान पार्किंग क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। एक साथ पांच विमानों की पार्किंग की तैयारी रिपोर्ट के मुताबिक, नए एप्रन को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि एक समय में पांच विमानों को पार्क किया जा सके। यह सुविधा भविष्य में पूर्णिया से उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अगर आने वाले समय में अलग-अलग शहरों के लिए नई फ्लाइट शुरू होती हैं तो बेहतर एप्रन और ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर एयरपोर्ट संचालन को अधिक सुविधाजनक बना सकता है। 31 अक्टूबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य पूर्णिया एयरपोर्ट के नए एप्रन का काम तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है और इसके लिए 31 अक्टूबर तक की समयसीमा तय किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि निर्माण परियोजनाओं की समयसीमा तकनीकी, मौसम और अन्य परिस्थितियों के कारण प्रभावित हो सकती है। इसलिए वास्तविक completion की स्थिति काम पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी। सीमांचल के चार जिलों को मिलेगा फायदा पूर्णिया एयरपोर्ट का महत्व केवल पूर्णिया जिले तक सीमित नहीं है। इससे अररिया, किशनगंज और कटिहार के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिल सकता है। इन जिलों के बड़ी संख्या में लोगों को हवाई यात्रा के लिए पहले बागडोगरा, दरभंगा या पटना जैसे एयरपोर्ट का रुख करना पड़ता रहा है। पूर्णिया से बेहतर और अधिक नियमित हवाई सेवाएं उपलब्ध होने पर सीमांचल के चारों प्रमुख जिलों के लोगों के लिए यात्रा का समय कम हो सकता है। कारोबार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी अहम हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने का फायदा केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहता। पूर्णिया सीमांचल का एक प्रमुख व्यापारिक और चिकित्सा केंद्र है। एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से स्थानीय कारोबार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और पर्यटन को भी फायदा मिलने की संभावना है। खासकर दिल्ली, कोलकाता और देश के दूसरे बड़े शहरों तक बेहतर कनेक्टिविटी सीमांचल के कारोबारियों और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। नई उड़ानों की संभावना पर भी नजर एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ने के साथ अब लोगों की सबसे ज्यादा नजर नई उड़ानों पर रहेगी। सीमांचल के यात्रियों के लिए दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहर महत्वपूर्ण गंतव्य हैं। ऐसे में भविष्य में पूर्णिया से किन नए रूट पर फ्लाइट उपलब्ध होती हैं, इसे लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि किसी नए रूट या अतिरिक्त उड़ान को तब तक निश्चित नहीं माना जाना चाहिए, जब तक एयरलाइन या संबंधित प्राधिकरण की ओर से आधिकारिक घोषणा न हो। पूर्णिया बन सकता है सीमांचल का Aviation Hub पूर्णिया की भौगोलिक स्थिति इसे सीमांचल के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। आसपास के अररिया, कटिहार और किशनगंज जिलों के अलावा कोसी क्षेत्र के यात्री भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। एयरपोर्ट का विस्तार और अधिक विमानों को संभालने की क्षमता विकसित होने से पूर्णिया आने वाले वर्षों में उत्तर-पूर्व बिहार के महत्वपूर्ण aviation hubs में जगह बना सकता है। इसके साथ सड़क और रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने पर पूर्णिया पूरे सीमांचल के लिए एक बड़े ट्रांसपोर्ट सेंटर के रूप में विकसित हो सकता है। अब 31 अक्टूबर पर टिकी नजर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य नए एप्रन का निर्माण पूरा करना है। अगर 31 अक्टूबर 2026 तक नया एप्रन तैयार हो जाता है तो पूर्णिया एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। सीमांचल के लोगों के लिए अब अगला बड़ा सवाल यही है कि इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के साथ पूर्णिया से नई और अधिक नियमित उड़ानों की घोषणा कब होती है। Seemanchal Live पूर्णिया एयरपोर्ट के निर्माण कार्य, नई फ्लाइट और किराए से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए हुए है। डिस्क्लेमर: निर्माण पूरा होने की तारीख लक्ष्य पर आधारित है। परियोजना की वास्तविक समयसीमा और नई उड़ानों से संबंधित जानकारी संबंधित प्राधिकरण एवं एयरलाइंस की आधिकारिक घोषणाओं के अनुसार बदल सकती है।

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