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India-China Border: अरुणाचल सीमा पर कथित चीनी गतिविधियों को लेकर बढ़ी सियासत, ओवैसी ने केंद्र से पूछे सवाल

Published: 17/08/2026, 12:45:49 pm1 viewSeemanchal Live

नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा पर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC के पास कथित चीनी गतिविधियों को लेकर…

India-China Border: अरुणाचल सीमा पर कथित चीनी गतिविधियों को लेकर बढ़ी सियासत, ओवैसी ने केंद्र से पूछे सवाल
नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा पर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC के पास कथित चीनी गतिविधियों को लेकर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। ओवैसी ने उन रिपोर्टों को लेकर सवाल उठाए हैं, जिनमें अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में चीनी सेना की गतिविधियों का दावा किया गया है। उन्होंने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और देश को यह बताने की मांग की है कि सीमा पर वास्तव में क्या हुआ है। हालांकि, सीमा पर कथित घटनाओं से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आधिकारिक जानकारी और सरकार का विस्तृत पक्ष महत्वपूर्ण है। ओवैसी ने केंद्र सरकार से पूछे सवाल असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को भारत-चीन सीमा की स्थिति को लेकर केंद्र पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA ने भारतीय सेना की पेट्रोलिंग में बाधा डाली और क्या सीमा क्षेत्र में अस्थायी ढांचों या टेंट से जुड़ी कोई घटना हुई है। ओवैसी का कहना है कि यदि LAC पर कोई गंभीर घटनाक्रम हुआ है तो सरकार को इसकी वास्तविक स्थिति देश के सामने रखनी चाहिए। अरुणाचल प्रदेश के Pukar La और Ollo का जिक्र हालिया रिपोर्टों में अरुणाचल प्रदेश के Pukar La और Ollo जैसे सीमावर्ती इलाकों का जिक्र सामने आया है। दावा किया गया है कि इन क्षेत्रों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना जैसी स्थिति बनी थी। हालांकि सीमा क्षेत्र को लेकर भारत और चीन की अपनी-अपनी धारणाएं रही हैं और LAC के कई हिस्सों को लेकर दोनों देशों की समझ एक जैसी नहीं है। इसी कारण सीमा पर होने वाली सैन्य गतिविधियां अक्सर संवेदनशील मामला बन जाती हैं। भारत ने चीन को दिया है स्पष्ट संदेश हालिया विवाद के बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने चीन को स्पष्ट संदेश दिया है कि सीमा पर शांति और स्थिरता का सीधा असर दोनों देशों के व्यापक संबंधों पर पड़ेगा। भारत का रुख रहा है कि सामान्य द्विपक्षीय संबंधों के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखना जरूरी है। यानी व्यापार और कूटनीतिक संबंधों में सुधार के साथ-साथ LAC की स्थिति भी भारत-चीन रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार बनी रहेगी। Arunachal Pradesh पर चीन के दावों को भारत करता रहा है खारिज अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत और चीन के बीच लंबे समय से मतभेद हैं। चीन समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को लेकर दावे करता रहा है, जिन्हें भारत लगातार खारिज करता आया है। भारत का स्पष्ट रुख है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। ऐसे में अरुणाचल सीमा पर किसी भी कथित चीनी गतिविधि की खबर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बन जाती है। 2020 के Galwan संघर्ष के बाद बदले थे हालात भारत-चीन सीमा विवाद जून 2020 में गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के बाद बेहद गंभीर हो गया था। इसके बाद दोनों देशों ने LAC के कई इलाकों में बड़ी संख्या में सैनिक और सैन्य उपकरण तैनात किए थे। तनाव कम करने के लिए सैन्य कमांडर स्तर और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हुई। कुछ इलाकों में सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति भी बनी। इसके बावजूद भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि सीमा पर पूरी तरह शांति स्थापित होना दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए जरूरी है। सीमा पर सेना की रहती है कड़ी नजर अरुणाचल प्रदेश से लेकर लद्दाख तक फैली LAC बेहद संवेदनशील मानी जाती है। भारतीय सेना सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग करती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने सीमा तक सड़क, पुल और दूसरे बुनियादी ढांचे को भी तेजी से विकसित किया है। चीन की ओर से भी सीमा के दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इसी वजह से दोनों देशों की गतिविधियों पर एक-दूसरे की लगातार नजर रहती है। अब सरकार के विस्तृत जवाब पर नजर ओवैसी के सवालों के बाद अरुणाचल प्रदेश से जुड़ा सीमा विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सरकार LAC पर कथित हालिया घटनाओं को लेकर और क्या जानकारी सार्वजनिक करती है। भारत पहले ही साफ कर चुका है कि चीन के साथ संबंधों में सुधार के लिए सीमा पर शांति जरूरी है। ऐसे में अरुणाचल प्रदेश से जुड़े नए दावों पर आने वाला आधिकारिक स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल LAC पर किसी नई सैन्य झड़प या क्षेत्र पर कब्जे जैसे अपुष्ट दावों को आधिकारिक पुष्टि के बिना तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। डिस्क्लेमर: सीमा पर चीनी गतिविधियों से संबंधित कुछ बातें मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक आरोपों पर आधारित हैं। संबंधित दावों की आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि के बिना उन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

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