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Trump का बड़ा फैसला: South Korea के साथ सैन्य अभ्यास घटाएगा अमेरिका, Pentagon को दिया निर्देश

Published: 17/08/2026, 12:32:37 pm1 viewSeemanchal Live

वॉशिंगटन/सियोल: एशिया की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Pentagon को दक्षिण कोरिया के साथ होने…

Trump का बड़ा फैसला: South Korea के साथ सैन्य अभ्यास घटाएगा अमेरिका, Pentagon को दिया निर्देश
वॉशिंगटन/सियोल: एशिया की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Pentagon को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में बड़े स्तर पर कटौती करने का निर्देश दिया है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया दशकों पुराने सैन्य सहयोगी हैं और दोनों देशों की सेनाएं नियमित रूप से संयुक्त अभ्यास करती रही हैं। ऐसे में ट्रंप का नया निर्देश न केवल दक्षिण कोरिया बल्कि पूरे कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा और अमेरिका की एशिया रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 10 दिनों के संयुक्त सैन्य अभ्यास पर असर Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले 10 दिनों के संयुक्त सैन्य अभ्यास को काफी हद तक कम करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के पीछे ट्रंप ने सैन्य अभ्यास पर होने वाले खर्च का मुद्दा उठाया है। ट्रंप लंबे समय से अमेरिका के सहयोगी देशों से उनकी सुरक्षा पर होने वाले खर्च में अधिक योगदान की मांग करते रहे हैं। दक्षिण कोरिया में भी बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ईरान को लेकर South Korea के रुख से भी नाराजगी रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के फैसले के पीछे केवल सैन्य अभ्यास की लागत ही कारण नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई में दक्षिण कोरिया की भागीदारी नहीं होने का मुद्दा भी उठाया है। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका अपने सहयोगी देशों से अधिक सहयोग की अपेक्षा कर रहा है। ऐसे समय में दक्षिण कोरिया का रुख दोनों देशों के संबंधों में एक नया मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और South Korea के रिश्ते क्यों हैं महत्वपूर्ण? अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य गठबंधन कई दशक पुराना है। कोरियाई प्रायद्वीप में उत्तर कोरिया से संभावित खतरे को देखते हुए अमेरिका ने दक्षिण कोरिया में अपने सैनिक तैनात कर रखे हैं। दोनों देशों की सेनाएं नियमित रूप से युद्धाभ्यास करती हैं, जिनका उद्देश्य किसी संभावित सैन्य संकट की स्थिति में आपसी तालमेल और तैयारियों को मजबूत रखना है। इसलिए इन अभ्यासों में बड़ी कटौती का फैसला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। North Korea की भी रहती है इन अभ्यासों पर नजर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का उत्तर कोरिया लंबे समय से विरोध करता रहा है। प्योंगयांग कई बार इन सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी के रूप में पेश करता रहा है, जबकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया इन्हें रक्षा तैयारियों के लिए जरूरी बताते हैं। ऐसे में संयुक्त अभ्यासों को कम करने का ट्रंप प्रशासन का फैसला उत्तर कोरिया की रणनीति पर भी असर डाल सकता है। क्या अमेरिका की Asia Policy बदल रही है? ट्रंप का यह कदम एक बार फिर उनकी 'America First' नीति की ओर ध्यान खींचता है। ट्रंप का रुख रहा है कि अमेरिका के सहयोगी देशों को अपनी सुरक्षा के लिए अधिक आर्थिक जिम्मेदारी उठानी चाहिए। यूरोप में NATO सहयोगियों के साथ रक्षा खर्च का मुद्दा उठाने के बाद अब दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास की लागत पर सवाल उठाना इसी नीति के विस्तार के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, संयुक्त अभ्यास में कटौती का मतलब अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य गठबंधन खत्म होना नहीं है। चीन भी घटनाक्रम पर रखेगा नजर अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य गतिविधियों में किसी बड़े बदलाव का असर केवल कोरियाई प्रायद्वीप तक सीमित नहीं रहता। इस क्षेत्र में चीन भी एक प्रमुख शक्ति है। अमेरिका की दक्षिण कोरिया और जापान के साथ सैन्य साझेदारी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उसकी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। ऐसे में अमेरिकी सैन्य अभ्यासों में कटौती के फैसले को बीजिंग भी करीब से देख सकता है। Pentagon के अगले कदम पर नजर ट्रंप के निर्देश के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Pentagon संयुक्त सैन्य अभ्यास में वास्तव में कितनी कटौती करता है और कौन-कौन सी गतिविधियां प्रभावित होती हैं। साथ ही दक्षिण कोरिया की सरकार की प्रतिक्रिया भी अहम होगी। अगर सैन्य अभ्यास का आकार लंबे समय के लिए कम किया जाता है तो इसका असर अमेरिका-दक्षिण कोरिया के रक्षा सहयोग और उत्तर कोरिया को लेकर उनकी संयुक्त रणनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल इतना साफ है कि Donald Trump के नए निर्देश ने एशिया की सुरक्षा राजनीति में एक नई बहस शुरू कर दी है। डिस्क्लेमर: यह खबर 17 अगस्त 2026 तक उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों पर आधारित है। सैन्य अभ्यास की अंतिम रूपरेखा और उसमें होने वाले बदलावों को लेकर आगे अतिरिक्त आधिकारिक जानकारी सामने आ सकती है।

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