लखीसराय: बिहार के लखीसराय में सावन की तीसरी सोमवारी पर बड़ा हादसा हो गया। प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर जाने वाले रास्ते पर अचानक भगदड़ मचने से कम से कम 7…
लखीसराय: बिहार के लखीसराय में सावन की तीसरी सोमवारी पर बड़ा हादसा हो गया। प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर जाने वाले रास्ते पर अचानक भगदड़ मचने से कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालुओं के बीच बिजली के तार और करंट को लेकर फैली अफवाह के बाद अफरातफरी मची। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित निकलने की कोशिश करने लगे और कई श्रद्धालु भीड़ में गिरकर एक-दूसरे के नीचे दब गए।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत
इस दर्दनाक हादसे में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। प्रतापपुर की रहने वाली श्रद्धालु कावित्री देवी ने सदर अस्पताल में बताया कि उनके परिवार की तीन महिलाओं की इस हादसे में मौत हो गई।
परिवार के लोग सावन की तीसरी सोमवारी के मौके पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने अशोक धाम गए थे।
प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और उनके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया की जा रही है।
करंट की अफवाह से मची भगदड़?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर बिजली के तार और पोल से जुड़ी समस्या की जानकारी लोगों के बीच फैल गई थी। इसके बाद कथित तौर पर यह अफवाह फैल गई कि बिजली का करंट आ गया है।
करंट की बात सुनते ही श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और लोग तेजी से सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। भारी भीड़ के कारण स्थिति कुछ ही समय में बेकाबू हो गई।
हालांकि, भगदड़ की वास्तविक वजह प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पैसेंजर ट्रेन पहुंचने के बाद अचानक बढ़ी भीड़
बताया जा रहा है कि झाझा EMU पैसेंजर ट्रेन के अशोक धाम पहुंचने के बाद स्टेशन और मंदिर जाने वाले रास्ते पर श्रद्धालुओं की संख्या अचानक काफी बढ़ गई थी।

Reference · X (formerly Twitter)
ANI_HindiNews (@AHindinews) on X
#WATCH | पटना: बिहार के लखीसराय में अशोक धाम में भगदड़ पर जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा, "...वहां जिला प्रशासन घायलों को पूरी मुस्तैदी के साथ चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था मिल सके, उसके प्रबंध में लगा है। पूरे प्रकरण की जांच जारी है। उसके बाद ही कोई प्रतिक्रिया देना उचित होगा।"
https://x.com/AHindinews/status/2089202539808043060?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2089202539808043060%7Ctwgr%5E741b38ab0277afcd8f4dd5e1b4c29eee35e6c62b%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fnewsroom.etvbharat.org
सावन की सोमवारी होने के कारण पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे। ट्रेन से और यात्रियों के पहुंचने के बाद स्टेशन और मंदिर के आसपास भीड़ का दबाव और बढ़ गया।
इसी दौरान भगदड़ की स्थिति बनने से कई लोग संभल नहीं सके और गिर पड़े।
भीड़ में गिरे श्रद्धालु, एक-दूसरे के नीचे दबे
भगदड़ के दौरान कई श्रद्धालु जमीन पर गिर गए। पीछे से आ रही भीड़ के कारण कुछ लोग एक-दूसरे के नीचे दबते चले गए।

Reference · X (formerly Twitter)
ANI_HindiNews (@AHindinews) on X
#WATCH पटना: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने लखीसराय अशोक धाम भगदड़ की घटना पर कहा, "लखीसराय के अशोक धाम में सावन महीने के तीसरे सोमवार के दिन अचानक काफी भीड़ बढ़ गई। एक अफवाह फैली की बिजली का तार गिर गया है करंट आ गया है। जिसके कारण भगदड़ मची और उसमें कई लोगों की मृत्यु
https://x.com/AHindinews/status/2089201716097143249?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2089201716097143249%7Ctwgr%5E741b38ab0277afcd8f4dd5e1b4c29eee35e6c62b%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fnewsroom.etvbharat.org
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और दूसरे श्रद्धालुओं ने फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
घायलों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मुंगेर कमिश्नर और IG ने लिया हालात का जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुंगेर के कमिश्नर प्रेम सिंह मीणा और आईजी राकेश कुमार भी लखीसराय पहुंचे।
अधिकारियों ने सदर अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज की जानकारी ली। इसके बाद अशोक धाम और घटनास्थल का निरीक्षण कर परिस्थितियों का जायजा लिया गया।
प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
मृतकों के परिवार को 4-4 लाख रुपये मुआवजा
हादसे के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को घायलों के समुचित और त्वरित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए दिवंगत श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
ललन सिंह ने जताया दुख
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सावन की तीसरी सोमवारी के कारण अशोक धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
ललन सिंह ने भी करंट की अफवाह के बाद भगदड़ की स्थिति पैदा होने की बात कही और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

Reference · X (formerly Twitter)
ANI_HindiNews (@AHindinews) on X
#WATCH पटना: बिहार के लखीसराय में अशोक धाम में भगदड़ पर बिहार के मंत्री और लखीसराय से विधायक विजय सिन्हा ने कहा, "बहुत दुखद घटना है। पीड़ित परिवार के प्रति हमारी संवेदना है। मैं घटनास्थल पर जा रहा हूं। मैंने सुबह 5 बजे अपने कार्यकर्ता जो राहत शिविर चलाते हैं उनसे बात की, सभी कुछ
https://x.com/AHindinews/status/2089205720101380455?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2089205720101380455%7Ctwgr%5E741b38ab0277afcd8f4dd5e1b4c29eee35e6c62b%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fnewsroom.etvbharat.org
विजय सिन्हा घटनास्थल के लिए हुए रवाना
लखीसराय के विधायक और मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि वह घटनास्थल पर जाकर स्थिति की जानकारी लेंगे। उनके मुताबिक, सुबह शुरुआती समय तक माहौल सामान्य था और श्रद्धालु उत्साह के साथ पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे थे। बाद में मंदिर परिसर के बाहर यह हादसा हुआ।
उन्होंने भी प्रारंभिक जानकारी के आधार पर करंट की अफवाह को भगदड़ की एक संभावित वजह बताया।
2019 में भी अशोक धाम में मची थी भगदड़
अशोक धाम में भगदड़ की यह पहली घटना नहीं है। 2019 में भी यहां भगदड़ की घटना सामने आई थी।
उस समय कथित तौर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर अफवाह फैलने के बाद श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई थी। लोग इधर-उधर भागने लगे थे और हादसे में एक श्रद्धालु की मौत की खबर सामने आई थी।
अब एक बार फिर सावन के दौरान हुई इस घटना ने भारी भीड़ वाले धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सावन में अशोक धाम पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
लखीसराय का अशोक धाम श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से भी प्रसिद्ध है। यह बिहार के प्रमुख शिव मंदिरों में गिना जाता है।
सावन के महीने और खासकर सोमवार के दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। इसी कारण सावन में मंदिर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।

Reference · X (formerly Twitter)
Samrat Choudhary (@samrat4bjp) on X
लखीसराय के अशोकधाम की घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।
हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
घायलों के समुचित एवं त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति
https://x.com/samrat4bjp/status/2089188491104272508?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2089188491104272508%7Ctwgr%5E741b38ab0277afcd8f4dd5e1b4c29eee35e6c62b%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fnewsroom.etvbharat.org
इस बार तीसरी सोमवारी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन अचानक मची भगदड़ ने धार्मिक उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों के इलाज और घटना के वास्तविक कारणों की जांच पर है। विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि भगदड़ की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं।
डिस्क्लेमर: मृतकों, घायलों और भगदड़ के कारण से जुड़ी जानकारी शुरुआती प्रशासनिक बयानों एवं उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। जांच के बाद आंकड़ों या घटना के कारणों में बदलाव संभव है।