अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
परिहार में 34.5 लीटर नेपाली शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार: SSB ने भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा, दो बाइक जब्त कर आर...मधुबनी में चाची सिंडिकेट के बाद राजा व्यार, 13 लाख नेपाली करेंसी के साथ गिरफ्तारबिहार: आर्मी जवान पर पेट्रोल छिड़ककर लगा दी आग, जमीन के 16 लाख रुपए को लेकर था विवाद, जानेंपश्चिम चंपारण : मानव तस्करी पर एसएसबी की सख्ती, सीमा पर संदिग्धों की पहचान और पीड़ितों की सुरक्षा का प्रशिक्षण शुरूबढ़नी बॉर्डर पर एसएसबी ने पकड़ी विदेशी मक्के की बड़ी: कार से 18 बोरी मक्का बरामद; नेपाल के रास्ते भारतीय बा...बिहार सरकार दे रही ₹7-7 हजार, 8.5 लाख परिवारों के खाते में आए पैसे, आपको नहीं मिला तो जल्दी करें आवेदनबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 17 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचारबिहार: नवजात गायब होने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, थानाध्यक्ष को एसआईटी से हटाकर तबादले का आदेशबिहार मौसमः पटना समेत 20 जिलों में आज बारिश, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 40 km/h से चलेंगी हवाएं, ठनका से सावध...बिहार से सटे जिलों की खुद निगरानी करेंगे एडीजीभारत नेपाल सीमा पर बैद्यनाथपुर में एक सप्ताह से जारी आन्दोलन स्थगितपरिहार में 34.5 लीटर नेपाली शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार: SSB ने भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा, दो बाइक जब्त कर आर...मधुबनी में चाची सिंडिकेट के बाद राजा व्यार, 13 लाख नेपाली करेंसी के साथ गिरफ्तारबिहार: आर्मी जवान पर पेट्रोल छिड़ककर लगा दी आग, जमीन के 16 लाख रुपए को लेकर था विवाद, जानेंपश्चिम चंपारण : मानव तस्करी पर एसएसबी की सख्ती, सीमा पर संदिग्धों की पहचान और पीड़ितों की सुरक्षा का प्रशिक्षण शुरूबढ़नी बॉर्डर पर एसएसबी ने पकड़ी विदेशी मक्के की बड़ी: कार से 18 बोरी मक्का बरामद; नेपाल के रास्ते भारतीय बा...बिहार सरकार दे रही ₹7-7 हजार, 8.5 लाख परिवारों के खाते में आए पैसे, आपको नहीं मिला तो जल्दी करें आवेदनबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 17 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचारबिहार: नवजात गायब होने के मामले में हाईकोर्ट सख्त, थानाध्यक्ष को एसआईटी से हटाकर तबादले का आदेशबिहार मौसमः पटना समेत 20 जिलों में आज बारिश, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 40 km/h से चलेंगी हवाएं, ठनका से सावध...बिहार से सटे जिलों की खुद निगरानी करेंगे एडीजीभारत नेपाल सीमा पर बैद्यनाथपुर में एक सप्ताह से जारी आन्दोलन स्थगित

Article Advertisement

India

उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर को गिराया गया

उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर को गिराया गया । नोएडा (उप्र), 28 अगस्त (भाषा) नोएडा के सेक्टर 93ए में स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर को रविवार दोपहर गिरा दिया गया। अवैध रूप से निर्मित इस ढांचे को ध्वस्त करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के साल भर बाद यह कार्रवाई की गई। लगभग

उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर को गिराया गया

Article Advertisement

उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर को गिराया गया । नोएडा (उप्र), 28 अगस्त (भाषा) नोएडा के सेक्टर 93ए में स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर को रविवार दोपहर गिरा दिया गया। अवैध रूप से निर्मित इस ढांचे को ध्वस्त करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के साल भर बाद यह कार्रवाई की गई। लगभग 100 मीटर ऊंचे टावर को विस्फोट कर चंद सेकेंड में धराशायी कर दिया गया। दिल्ली की प्रतिष्ठित कुतुब मीनार (73 मीटर) से ऊंचे गगनचुंबी ट्विन टावर को ‘वाटरफॉल इम्प्लोजन’ तकनीक की मदद से गिराया गया। टावर गिराए जाने के कुछ मिनट बाद आसपास की इमारतें सुरक्षित नजर आईं। विस्तृत सुरक्षा ऑडिट बाद में किए जाने की संभावना है। ट्विन टावर भारत में अब तक ध्वस्त की गई सबसे ऊंचे ढांचे थे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगे नोएडा के सेक्टर 93ए में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी के भीतर 2009 से ‘एपेक्स’ (32 मंजिल) और ‘सियान’ (29 मंजिल) टावर निर्माणाधीन थे। इमारत गिराने के लिए 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया। ट्विन टावर में 40 मंजिलें और 21 दुकानों समेत 915 आवासीय अपार्टमेंट प्रस्तावित किए गए थे। दोनों टावर को गिराए जाने से पहले इनके पास स्थित दो सोसाइटी एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के करीब 5,000 लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके अलावा, करीब 3,000 वाहनों और बिल्ली तथा कुत्तों समेत 150-200 पालतू जानवरों को भी हटाया गया। अनुमान के मुताबिक, ट्विन टावर को गिराने के बाद इसके 55 से 80 हजार टन मलबा हटाने में करीब तीन महीने का समय लगेगा। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने अगस्त 2021 में ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने एमराल्ड कोर्ट सोसायटी परिसर के बीच इस निर्माण को नियमों का उल्लंघन बताया था। मुंबई की एडिफिस इंजीनियरिंग को 28 अगस्त को लगभग 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावर को सुरक्षित रूप से गिराने का कार्य सौंपा गया था। कंपनी ने इस जोखिम भरे काम के लिए दक्षिण अफ्रीका की जेट डिमॉलिशन्स के साथ एक करार किया था। शीर्ष न्यायालय द्वारा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) को परियोजना के लिए तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया था। एडिफिस इंजीनियरिंग और जेट डिमॉलिशन्स ने इससे पहले 2020 में कोच्चि (केरल) स्थित मराडू कॉम्प्लेक्स को ढहाया था, जिसमें 18 से 20 मंजिलों वाले चार आवासीय भवन थे। वर्ष 2019 में जेट डिमॉलिशन्स ने जोहानिसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में बैंक ऑफ लिस्बन की 108 मीटर ऊंची इमारत को ढहाया था, जिसके आठ मीटर के दायरे में कई भवन थे। इमारतों को ध्वस्त किये जाने की इन दोनों ही प्रक्रियाओं को ‘इंप्लोजन तकनीक’ के माध्यम से अंजाम दिया गया था।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read