IMD ने अगले कई दिनों तक Bihar में Heavy Rain और Thunderstorm की चेतावनी दी; पूर्णिया-कटिहार-अररिया-किशनगंज में बदलते मौसम पर नजर—पहले से जलमग्न इलाकों में थोड़ी बारिश भी बढ़ा सकती है परेशानी
पटना/पूर्णिया, 7 सितंबर 2026: बिहार में बाढ़ से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए मौसम एक बार फिर चिंता बढ़ा रहा है। India Meteorological Department यानी IMD के ताजा forecast के मुताबिक राज्य में 8 सितंबर को भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने केवल एक दिन की चेतावनी नहीं दी है।
7 सितंबर के IMD warning bulletin में बिहार के लिए 7 सितंबर को very heavy rain की संभावना, जबकि 8, 9 और 10 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर heavy rain की चेतावनी दिखाई गई है। इसके साथ thunderstorm और lightning का खतरा भी बना रहेगा।
यह forecast सामान्य मानसूनी बारिश के समय आता तो शायद इतनी बड़ी चिंता नहीं होती।
लेकिन इस समय बिहार के कई जिले पहले से बाढ़ की चपेट में हैं।
इसलिए थोड़ी अतिरिक्त बारिश भी राहत और बचाव कार्यों को मुश्किल बना सकती है।
8 सितंबर को फिर Heavy Rain का खतरा
IMD के 7 सितंबर को जारी subdivision-wise warning के अनुसार बिहार में मंगलवार 8 सितंबर को Heavy Rain की संभावना है।
इसके साथ thunderstorm और lightning की warning भी है।
9 सितंबर को भी heavy rain की चेतावनी बनी हुई है।
10 सितंबर को भी यही स्थिति जारी रह सकती है।
इसके बाद 11 से 13 सितंबर के बीच thunderstorm और lightning का खतरा forecast में दिखाई देता है।
यानी बिहार के लिए फिलहाल लगातार कई दिनों तक मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा।
सीमांचल में क्या स्थिति?
Seemanchal के लिए सबसे महत्वपूर्ण जिले हैं—
पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज।
एक district-wise forecast report में 8 सितंबर के लिए उत्तर और उत्तर-पूर्व बिहार के कई जिलों के साथ अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार को भी Yellow Alert वाले क्षेत्र में बताया गया है। इसमें rain, thunderstorms और strong winds की संभावना बताई गई है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण सावधानी जरूरी है।
Weather warnings लगातार update होती रहती हैं और अलग समय पर जारी district-wise bulletins में बदलाव हो सकता है।
इसलिए लोगों को पुरानी WhatsApp image या social-media weather map के बजाय IMD और स्थानीय प्रशासन का latest alert देखना चाहिए।
पूर्णिया में पहले ही बारिश
IMD के Purnea station के उपलब्ध observation के मुताबिक 6 सितंबर तक पिछले 24 घंटों में 17.2 mm rainfall दर्ज हुई थी।
Relative humidity सुबह 97 प्रतिशत तक थी।
पूर्णिया के लिए forecast में cloudy sky और rain/thundershowers का दौर आगे भी दिखाई देता है।
आने वाले दिनों में heavy rain की संभावना भी forecast में दर्ज है।
इसलिए पूर्णिया में फिलहाल बारिश खत्म मान लेना सही नहीं होगा।
कटिहार में 25 mm से ज्यादा बारिश
Bihar Water Resources Department के district-wise rainfall data के अनुसार 6 सितंबर को कटिहार में 25.08 mm rainfall दर्ज की गई।
इसी data में पूर्णिया में 6.65 mm, अररिया में 6.60 mm और किशनगंज में 2.46 mm बारिश दर्ज थी।
25.08 mm rainfall सामान्य classification में moderate rainfall के दायरे में आती है।
लेकिन कटिहार के लिए समस्या यह है कि जिले के कई हिस्सों में पहले से बाढ़ का पानी मौजूद है।
ऐसे में नई बारिश का पानी drainage को और मुश्किल बना सकता है।
पहले से पानी में डूबे गांवों के लिए ज्यादा चिंता
कटिहार के अमदाबाद और बरारी क्षेत्रों में कई गांव पहले से floodwater से प्रभावित हैं।
कुछ जगह घरों में पानी घुस चुका है।
सड़क संपर्क प्रभावित है।
लोग नावों पर निर्भर हैं।
ऐसी परिस्थिति में नई बारिश का प्रभाव केवल नदी का level बढ़ने तक सीमित नहीं रहता।
राहत शिविर तक पहुंचने में परेशानी बढ़ सकती है।
नाव संचालन कठिन हो सकता है।
कच्ची सड़कें और कमजोर हो सकती हैं।
घर में पहले से जमा पानी निकलने में ज्यादा समय लग सकता है।
और सबसे महत्वपूर्ण—
पीने के साफ पानी की समस्या बढ़ सकती है।
बिजली गिरने का खतरा नजरअंदाज न करें
IMD की warning केवल rainfall की नहीं है।
Thunderstorm और lightning भी महत्वपूर्ण खतरा है।
ग्रामीण बिहार में बारिश के दौरान खेत, नदी किनारे और खुले स्थान पर मौजूद लोगों के लिए वज्रपात गंभीर जोखिम बन सकता है।
मौसम खराब होने पर पेड़ के नीचे खड़े होना सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
खुले खेत, नदी किनारे और ऊंचे खुले स्थान से दूर रहना बेहतर है।
पक्की इमारत उपलब्ध हो तो उसके भीतर जाना ज्यादा सुरक्षित है।
किसान क्या करें?
सितंबर की बारिश किसानों के लिए दो तरह का असर ला सकती है।
जिन इलाकों में पर्याप्त drainage है वहां मानसूनी बारिश कुछ फसलों के लिए उपयोगी हो सकती है।
लेकिन पहले से flood-affected खेतों में अतिरिक्त पानी नुकसान बढ़ा सकता है।
धान के खेत कुछ हद तक पानी सहन कर सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक पूरी फसल डूबी रहने पर नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।
सब्जियों और दूसरी sensitive crops के लिए waterlogging ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है।
इसलिए किसानों को अपने जिले के agriculture department और मौसम संबंधी स्थानीय advisory को देखना चाहिए।
बिहार में मौसम क्यों बदल रहा है?
IMD के 6 सितंबर रात के meteorological bulletin के अनुसार दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में low-pressure area बना हुआ था।
इसके साथ cyclonic circulation ऊंचाई तक फैला था।
Monsoon trough श्रीगंगानगर, रोहतक, low-pressure area के centre, सीधी, रांची और बांकुरा होते हुए पूर्व की तरफ जा रही थी।
इसके अलावा दक्षिण गुजरात से northern Bangladesh तक एक trough भी मौजूद थी।
इन weather systems के combination से बिहार और आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी activity बनी रहने की परिस्थितियां तैयार हो रही हैं।
बाढ़ के समय 50 mm बारिश भी अलग मायने रखती है
किसी सामान्य दिन 20 या 30 mm rainfall केवल अच्छी बारिश लग सकती है।
लेकिन flood-hit district में इसका अर्थ अलग होता है।
जमीन पहले से saturated हो सकती है।
तालाब और छोटे drainage channels भरे हो सकते हैं।
नदियों का level पहले से ऊंचा हो सकता है।
ऐसे में नई rainfall तेजी से surface runoff में बदल सकती है।
यानी पानी जमीन में absorb होने के बजाय गांव और सड़क पर जमा होने लगता है।
यही कारण है कि बाढ़ के दौरान weather forecast को ज्यादा गंभीरता से देखा जाता है।
नदी का पानी और स्थानीय बारिश—दोहरी चुनौती
Seemanchal में flood situation को समझने के लिए केवल स्थानीय बारिश देखना पर्याप्त नहीं है।
कटिहार पर गंगा और कोसी systems का असर है।
अररिया और पूर्णिया में अलग-अलग local river systems महत्वपूर्ण हैं।
किशनगंज और आसपास महानंदा तथा उसकी tributaries महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इसके ऊपर नेपाल और Himalayan catchment में होने वाली बारिश का असर अलग है।
इसलिए किसी जिले में उस दिन बारिश कम हो, फिर भी upstream से आने वाला पानी river level बढ़ा सकता है।
और अगर दोनों एक साथ हों—
upstream discharge भी बढ़े और local heavy rainfall भी हो—
तो स्थिति तेजी से बदल सकती है।
आज भी देशव्यापी Forecast में Bihar शामिल
IMD के आज सुबह के national forecast में भी Bihar को heavy rainfall वाले राज्यों में शामिल किया गया है।
इसके साथ Madhya Pradesh, East Uttar Pradesh, Uttarakhand, West Bengal और Northeast के कुछ हिस्सों में भी heavy rainfall की संभावना बताई गई है।
इससे स्पष्ट है कि मौजूदा weather activity केवल किसी एक जिले की localized घटना नहीं है।
बड़े क्षेत्र में monsoon system सक्रिय है।
9 और 10 सितंबर को भी नजर रखना जरूरी
अगर 8 सितंबर की बारिश निकल भी जाती है तो तुरंत राहत मान लेना सही नहीं होगा।
IMD के latest subdivision warning में 9 और 10 सितंबर को भी Bihar में heavy rain का संकेत है।
इसके बाद thunderstorm-lightning का दौर जारी रहने की संभावना है।
इसलिए अगले 72 घंटे flood-management authorities के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
Seemanchal के लोगों के लिए पांच जरूरी सावधानियां
बाढ़ और बारिश एक साथ हों तो सबसे पहले flooded road पर पानी की गहराई का अंदाजा लगाकर बाइक या कार निकालने की कोशिश न करें।
दूसरा, बिजली चमकने के दौरान खुले खेत और पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें।
तीसरा, बच्चों को नदी, नाला और floodwater के पास अकेले न जाने दें।
चौथा, mobile phone charge रखें और district administration की emergency information पर नजर रखें।
पांचवां, अगर प्रशासन evacuation का निर्देश देता है तो पानी और बढ़ने का इंतजार न करें।
फिलहाल Panic नहीं, लेकिन Alert जरूरी
मौसम forecast संभावना बताता है, यह guarantee नहीं कि हर चेतावनी वाले जिले में एक जैसी बारिश होगी।
किसी जिले के एक हिस्से में तेज बारिश हो सकती है और दूसरे हिस्से में बहुत कम।
इसीलिए Yellow Alert को “भयंकर बाढ़ निश्चित” समझना गलत है।
लेकिन मौजूदा परिस्थितियां सामान्य भी नहीं हैं।
बिहार पहले से बड़े flood emergency से गुजर रहा है।
ऐसे में 8 सितंबर से आने वाला हर नया rain spell महत्वपूर्ण होगा।
खासकर Seemanchal में—
कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज के लोगों को district-level latest forecast पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
अगले कुछ दिनों का सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या नई बारिश केवल मानसून की सामान्य बारिश बनकर गुजर जाएगी, या पहले से उफनती नदियों और जलमग्न गांवों पर एक और दबाव डाल देगी?
फिलहाल IMD का संदेश स्पष्ट है—
8 सितंबर को Bihar में Heavy Rain का खतरा है और Thunderstorm-Lightning को लेकर सावधानी जरूरी है।












