अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
किशनगंज के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, 3 रेलवे स्टेशनों पर खुलेंगे ‘One Station One Product’ स्टॉलहिरासत से छूटते ही तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, बोले- छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाईपटना की सड़कों पर उतरे तेजस्वी यादव: पेपर लीक और छात्र फायरिंग के खिलाफ RJD का लोक भवन मार्च, 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनातUGC-NET 2026: English-Commerce की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर को, Sociology का पेपर 10 सितंबर; केंद्र ने हाईकोर्ट को दी जानकारीStarlink का भारत में बड़ा दांव: मोबाइल में सीधे Satellite Connectivity की तैयारी, Gen-2 नेटवर्क के लिए फिर मांगी मंजूरीBWF World Championships 2026: PV Sindhu और Ayush Shetty की आज बड़ी परीक्षा, जीतते ही Quarterfinal में होगी एंट्रीआवाज की दुनिया के श्रोता: मधुर गीत-संगीत, सुखमय जीवन का आधारTrump की ईरान को लेकर बड़ी चेतावनी: मदद करने वाले देशों पर भी आर्थिक कार्रवाई की धमकी, Hormuz संकट से दुनिया की बढ़ी चिंतापेपरलेस रजिस्ट्री पर बिहार में हाहाकार, जमीन खरीद-बिक्री क्यों हुई ठप?देहरादून में भारत-नेपाल JWG की 14वीं बैठक शुरू, सीमा सुरक्षा और व्यापार पर होगी चर्चाबिहार में एनएच-22 का बड़ा उन्नयन, नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी होगी मजबूतनेपाल सीमा पर 56 बोरी यूरिया खाद जब्त, दो गिरफ्तार: सिद्धार्थनगर में एसएसबी ने दो वाहनों के साथ खाद तस्करी ...किशनगंज के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, 3 रेलवे स्टेशनों पर खुलेंगे ‘One Station One Product’ स्टॉलहिरासत से छूटते ही तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, बोले- छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाईपटना की सड़कों पर उतरे तेजस्वी यादव: पेपर लीक और छात्र फायरिंग के खिलाफ RJD का लोक भवन मार्च, 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनातUGC-NET 2026: English-Commerce की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर को, Sociology का पेपर 10 सितंबर; केंद्र ने हाईकोर्ट को दी जानकारीStarlink का भारत में बड़ा दांव: मोबाइल में सीधे Satellite Connectivity की तैयारी, Gen-2 नेटवर्क के लिए फिर मांगी मंजूरीBWF World Championships 2026: PV Sindhu और Ayush Shetty की आज बड़ी परीक्षा, जीतते ही Quarterfinal में होगी एंट्रीआवाज की दुनिया के श्रोता: मधुर गीत-संगीत, सुखमय जीवन का आधारTrump की ईरान को लेकर बड़ी चेतावनी: मदद करने वाले देशों पर भी आर्थिक कार्रवाई की धमकी, Hormuz संकट से दुनिया की बढ़ी चिंतापेपरलेस रजिस्ट्री पर बिहार में हाहाकार, जमीन खरीद-बिक्री क्यों हुई ठप?देहरादून में भारत-नेपाल JWG की 14वीं बैठक शुरू, सीमा सुरक्षा और व्यापार पर होगी चर्चाबिहार में एनएच-22 का बड़ा उन्नयन, नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी होगी मजबूतनेपाल सीमा पर 56 बोरी यूरिया खाद जब्त, दो गिरफ्तार: सिद्धार्थनगर में एसएसबी ने दो वाहनों के साथ खाद तस्करी ...

Article Advertisement

World

Ukraine War: कीव पर रूस का भीषण मिसाइल-ड्रोन हमला, कम से कम 14 की मौत; अस्पताल और रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त

रातभर बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन से हमला; जेलेंस्की ने मांगे और Patriot Air Defence सिस्टम, पड़ोसी देशों ने भी बढ़ाई सैन्य सतर्कता कीव: रूस…

Ukraine War: कीव पर रूस का भीषण मिसाइल-ड्रोन हमला, कम से कम 14 की मौत; अस्पताल और रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त
रातभर बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन से हमला; जेलेंस्की ने मांगे और Patriot Air Defence सिस्टम, पड़ोसी देशों ने भी बढ़ाई सैन्य सतर्कता कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर बड़ा हमला हुआ है। रूस ने बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह तक यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। एसोसिएटेड प्रेस की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है और करीब 40 लोग घायल हुए हैं। हमलों में रिहायशी इमारतों के साथ चिकित्सा और शैक्षणिक सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने और फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। रात में अचानक शुरू हुआ बड़ा हमला यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक रूस ने हमले में अलग-अलग तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया। इनमें ballistic missiles, cruise missiles और drones शामिल थे। यूक्रेन के कई इलाकों में रात के दौरान air-raid alerts जारी किए गए। कीव में कई स्थानों पर विस्फोट सुनाई दिए और कुछ रिहायशी इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं। बच्चों के अस्पताल को भी नुकसान हमले का सबसे चिंताजनक पहलू civilian infrastructure को हुआ नुकसान है। रिपोर्टों के मुताबिक राजधानी में residential buildings के अलावा एक children's hospital, medical facility और educational infrastructure को नुकसान पहुंचा। हमलों के बाद emergency services ने कई इलाकों में rescue operation शुरू किया। कुछ इमारतों के मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के कारण तलाशी अभियान भी चलाया गया। जेलेंस्की ने दुनिया से मांगी मदद यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने हमले की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मजबूत प्रतिक्रिया की मांग की है। जेलेंस्की ने खास तौर पर यूक्रेन की anti-ballistic missile defence क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया। यूक्रेन लंबे समय से अमेरिका निर्मित Patriot air-defence systems और interceptors की अतिरिक्त आपूर्ति की मांग करता रहा है। ताजा हमले ने इस जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। रूस ने क्या कहा? रूस ने हमले को लेकर दावा किया कि उसने कीव में ऐसे औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया जो missile manufacturing, drone production और ammunition से जुड़े थे। वहीं यूक्रेन का कहना है कि हमलों में बड़े पैमाने पर नागरिक इलाकों और infrastructure को नुकसान पहुंचा है। युद्ध से जुड़े दोनों पक्षों के सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि अक्सर तत्काल संभव नहीं होती। यूक्रेन ने भी रूस पर किया बड़ा Drone Attack यह हमला एकतरफा escalation तक सीमित नहीं है। रूस ने दावा किया है कि उसने बड़े यूक्रेनी drone attack का सामना किया और बड़ी संख्या में drones को मार गिराया। AP के मुताबिक रूस ने 726 Ukrainian drones को गिराने का दावा किया है। यूक्रेन पिछले कुछ समय से रूस के सैन्य और energy infrastructure को लंबी दूरी के drones से निशाना बना रहा है। इन हमलों का असर रूस की fuel supply पर भी दिखाई देने की रिपोर्ट है। रूस को आयात करना पड़ रहा Gasoline आज की एक और महत्वपूर्ण रिपोर्ट के अनुसार रूस अब अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए gasoline import कर रहा है। यूक्रेन द्वारा रूसी oil refineries और fuel depots पर किए गए हमलों के बाद कुछ क्षेत्रों में fuel shortage की स्थिति बनी है। रूस ने domestic supply बचाने के लिए fuel exports पर भी प्रतिबंध लगाया है। इससे साफ है कि युद्ध अब केवल battlefield तक सीमित नहीं है। दोनों देश एक-दूसरे की military capability के साथ energy infrastructure और supply chains को भी प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। Poland और दूसरे पड़ोसी देश भी Alert कीव और पश्चिमी यूक्रेन पर बड़े हवाई हमलों का असर आसपास के NATO देशों की सुरक्षा तैयारियों पर भी पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक हमलों के दौरान Poland ने अपने military defence systems सक्रिय किए, जबकि क्षेत्र में aircraft को भी सतर्क किया गया। Romania और Moldova से जुड़े airspace incidents की भी रिपोर्ट सामने आई है। यही वजह है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में होने वाला कोई बड़ा missile या drone attack केवल दोनों देशों का मामला नहीं रहता। सीमा के पास मिसाइल या ड्रोन पहुंचने पर NATO देशों की चिंता भी बढ़ जाती है। युद्ध खत्म होने के फिलहाल संकेत नहीं रूस-यूक्रेन युद्ध लंबे समय से जारी है और diplomatic efforts के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ताजा हमला दिखाता है कि दोनों पक्षों के बीच military escalation अभी भी गंभीर स्तर पर है। खास तौर पर long-range missiles और drones का बढ़ता इस्तेमाल इस युद्ध को और खतरनाक बना रहा है। दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है Ukraine War? इस युद्ध का प्रभाव यूक्रेन और रूस से बहुत आगे तक जाता है। Energy prices, food supply, global trade और यूरोप की security architecture पर इसका सीधा असर पड़ता है। भारत सहित दुनिया के कई देशों के लिए रूस महत्वपूर्ण energy supplier है। इसलिए रूस के oil infrastructure या fuel supply में बड़े बदलाव का असर international energy market तक पहुंच सकता है। अब आगे क्या? ताजा हमले के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यूक्रेन की air-defence capability को लेकर है। अगर रूस ballistic और hypersonic missiles के साथ बड़े drone swarms का इस्तेमाल जारी रखता है, तो यूक्रेन को अधिक interceptor missiles और advanced air-defence systems की आवश्यकता होगी। दूसरी तरफ यूक्रेन भी रूस के भीतर energy और military targets पर long-range drone attacks तेज कर रहा है। इसलिए आने वाले दिनों में Russia-Ukraine war में aerial attacks और counter-attacks पर दुनिया की नजर रहेगी।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

boloindia

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read