अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
बिहार MLC चुनाव से पहले NDA में हलचल, चिराग पासवान ने बदला रुख; अनंत सिंह-नीरज विवाद पर भी नजरबिहार में बाढ़ का तांडव: 6 जिलों में 1.59 लाख आबादी प्रभावित, तटबंध टूटने से हाहाकार, जानें आज कैसा रहेगा म...बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 30 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचारनेपाल से बहकर आ रहे हैं पहाड़ी सांप, बिहार के गोपालगंज में बुजुर्ग को डसा, हुई मौतजब पेड़ पर चढ़कर तेंदुआ ने बचाई अपनी जान, बिहार का वीडियो देख हैरत में पड़े लोगइंजीनियरिंग कॉलेज में स्टार्टअप बिहार आइडिया बूटकैंपसिकटी में 7 क्विंटल मक्का के साथ एक युवक गिरफ्तार: भारत-नेपाल सीमा पर SSB की कार्रवाई, 14 बोरे और 7 साइकिल ...भारत-नेपाल सीमा पर SSB की कार्रवाई, 14 बोरे और 7 साइकिल जब्तएड्स नियंत्रण में पूर्वी चंपारण बिहार में अव्वल'सार्वजनिक मंच के बजाय CM सम्राट के सामने बात रखें', महिला सुरक्षा पर चिराग पासवान को बिहार के मंत्री की नसीहतसम्राट के प्रधान सचिव की 66 माह बाद CMO से छुट्टी, नीतीश के करीबी IAS रहे दीपक को नया पद क्या मिलाबिहार MLC चुनाव से पहले NDA में हलचल, चिराग पासवान ने बदला रुख; अनंत सिंह-नीरज विवाद पर भी नजरबिहार में बाढ़ का तांडव: 6 जिलों में 1.59 लाख आबादी प्रभावित, तटबंध टूटने से हाहाकार, जानें आज कैसा रहेगा म...बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 30 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचारनेपाल से बहकर आ रहे हैं पहाड़ी सांप, बिहार के गोपालगंज में बुजुर्ग को डसा, हुई मौतजब पेड़ पर चढ़कर तेंदुआ ने बचाई अपनी जान, बिहार का वीडियो देख हैरत में पड़े लोगइंजीनियरिंग कॉलेज में स्टार्टअप बिहार आइडिया बूटकैंपसिकटी में 7 क्विंटल मक्का के साथ एक युवक गिरफ्तार: भारत-नेपाल सीमा पर SSB की कार्रवाई, 14 बोरे और 7 साइकिल ...भारत-नेपाल सीमा पर SSB की कार्रवाई, 14 बोरे और 7 साइकिल जब्तएड्स नियंत्रण में पूर्वी चंपारण बिहार में अव्वल'सार्वजनिक मंच के बजाय CM सम्राट के सामने बात रखें', महिला सुरक्षा पर चिराग पासवान को बिहार के मंत्री की नसीहतसम्राट के प्रधान सचिव की 66 माह बाद CMO से छुट्टी, नीतीश के करीबी IAS रहे दीपक को नया पद क्या मिला

Article Advertisement

Bihar

ट्रेन चलती तो हर दिन बचते 80 हजार रुपए

ट्रेन चलती तो हर दिन बचते 80 हजार रुपए सुपौल से सहरसा के बीच एक फेरा ट्रेन चलने का लाभ शायद ही किसी यात्री को मिल रहा है। खासकर रोज सहरसा आने-जाने वाले यात्री ट्रेन परिचालन शुरू होने के बाद भी ठगा सा महसूस कर रहे हैं। नियमित और पर्याप्त ट्रेन नहीं चलने से यात्रियों को रोज आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा

ट्रेन चलती तो हर दिन बचते 80 हजार रुपए

Article Advertisement

ट्रेन चलती तो हर दिन बचते 80 हजार रुपए सुपौल से सहरसा के बीच एक फेरा ट्रेन चलने का लाभ शायद ही किसी यात्री को मिल रहा है। खासकर रोज सहरसा आने-जाने वाले यात्री ट्रेन परिचालन शुरू होने के बाद भी ठगा सा महसूस कर रहे हैं। नियमित और पर्याप्त ट्रेन नहीं चलने से यात्रियों को रोज आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सहरसा आने-जाने वाले दैनिक यात्री बैद्यनाथ सिंह, अमित कुमार, सूरज कुमार, कंचन देवी, योगेन्द्र महतो, राम नारायण मंडल, विनोद यादव आदि का कहना है कि वे लोग नौकरी पेशा वाले हैं। रविवार छोड़कर सप्ताह के छह दिन सहरसा आते-जाते हैं। बसों में एक तो अधिक किराया लगता है, साथ ही समय की बर्बादी भी होती है। सुपौल से सहरसा के लिए ट्रेन तो चली लेकिन एक जोड़ी ट्रेन चलने का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। ट्रेन की समय-सारिणी नौकरी पेशा लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है। Source - Hindustan

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read