पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में गठबंधन के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 23 अक्टूबर को होने वाले MLC चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसी बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA के भीतर सामने आए कुछ मतभेदों को लेकर बातचीत और समन्वय का दौर शुरू होने की खबर है।
मंगलवार को लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के प्रमुख चिराग पासवान ने दिल्ली में अपने पहले के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े आलोचनात्मक रुख से पीछे हटते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। वहीं जेडीयू नेतृत्व की ओर से मोकामा विधायक अनंत सिंह और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार के बीच सामने आए विवाद को सुलझाने के लिए कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
MLC चुनाव के बीच क्यों बढ़ी चर्चा
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है। पहले दिन तीन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है।
चुनाव में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
ऐसे में अलग-अलग दलों के बीच उम्मीदवारों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर गतिविधियां बढ़ना स्वाभाविक है।
चिराग पासवान ने बदला अपना रुख
NDA के भीतर चर्चा का एक प्रमुख कारण चिराग पासवान का बयान है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार चिराग पासवान ने मंगलवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपने पहले के आलोचनात्मक बयान से पीछे हटते हुए विपक्ष की SIR संबंधी आलोचना को निशाना बनाया।
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया है। बिहार में इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच लंबे समय से राजनीतिक बहस चल रही है।
चिराग के रुख में बदलाव को NDA के भीतर चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दे पर समन्वय के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि किसी नेता के बयान में बदलाव के राजनीतिक कारणों को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं हो सकती हैं, इसलिए इसे अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
जेडीयू के भीतर अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद
दूसरी ओर जेडीयू के भीतर मोकामा विधायक अनंत सिंह और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार के बीच विवाद भी चर्चा में है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं के बीच सामने आए मतभेद को लेकर जेडीयू नेतृत्व ने मामले को सुलझाने के लिए कार्रवाई के संकेत दिए हैं। विवाद की पृष्ठभूमि विधान परिषद चुनाव से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़ी बताई जा रही है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। वहीं जन सुराज ने अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त बताया गया है।
यही कारण है कि पटना स्नातक सीट पर होने वाली राजनीतिक गतिविधियां विशेष चर्चा में हैं।
आठ सीटों पर अलग-अलग समीकरण
इस चुनाव में सिर्फ पटना स्नातक सीट ही चर्चा में नहीं है। दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों तथा चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी अलग-अलग दलों के उम्मीदवार मैदान में उतर रहे हैं।
बीजेपी ने चार सीटों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। जेडीयू ने भी चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। जन सुराज ने सभी आठ सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
आरजेडी समेत अन्य दल भी चुनावी मैदान में हैं।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रत्येक सीट पर उम्मीदवारों की अंतिम संख्या और चुनावी तस्वीर साफ होगी।
चिराग के बयान पर क्यों है नजर
चिराग पासवान की पार्टी NDA का हिस्सा है। इसलिए चुनाव आयोग और SIR जैसे मुद्दों पर उनके सार्वजनिक रुख को गठबंधन की राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
हालांकि उनके बयान को लेकर किसी व्यापक राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह देखना जरूरी होगा कि आने वाले दिनों में वह और NDA के दूसरे घटक दल इन मुद्दों पर क्या कहते हैं।
SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी कुछ प्रक्रियागत मुद्दों पर सवाल उठाए जाने की मीडिया रिपोर्ट सामने आई है। चुनाव आयोग ने कहा है कि बहुसदस्यीय संस्था में सवाल और टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती हैं तथा अंतिम निर्णय आयोग की सामूहिक मंजूरी से लिए जाते हैं।
इसलिए SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बयानों और चुनाव आयोग के आधिकारिक पक्ष को अलग-अलग देखना जरूरी है।
MLC चुनाव की अगली तारीखें महत्वपूर्ण
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे।
इसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।
अगले कुछ दिन राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि नामांकन के साथ-साथ मतदाताओं से संपर्क का अभियान भी तेज होगा।
अब नजर NDA के भीतर समन्वय पर
MLC चुनाव से पहले NDA के भीतर सामने आए अलग-अलग बयानों और मतभेदों को सुलझाने की कोशिशों पर अब नजर रहेगी।
एक तरफ चिराग पासवान ने CEC को लेकर अपने पहले के रुख में बदलाव किया है, तो दूसरी तरफ जेडीयू नेतृत्व के सामने अनंत सिंह और नीरज कुमार से जुड़ा विवाद है।
इन घटनाक्रमों का आगे क्या राजनीतिक प्रभाव पड़ता है, यह आने वाले दिनों में सामने आएगा। फिलहाल चुनावी प्रक्रिया जारी है और अंतिम तस्वीर 9 अक्टूबर को नाम वापसी के बाद ज्यादा स्पष्ट होगी।
बिहार MLC चुनाव में आपके क्षेत्र में सबसे बड़ा मुद्दा क्या है? शिक्षा, रोजगार, शिक्षक समस्याएं या मतदाता सूची? अपनी राय Seemanchal Live को बताएं।












