अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
नीतीश के जन्मस्थान बख्तियारपुर पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, अब संतोष मांझी ने सुझाया नया नामबिहार का मशहूर ‘डॉक्टरों का स्कूल’, यहां पढ़े छात्र बने डॉक्टर, इंजीनियर और CO-BDO, कई सालों से रिकॉर्ड काय...बाइक की डिक्की में ले जा रहा था 2.80KG चरस: बेतिया में SSB ने दबोचा, इनरवा SSB की 47वीं वाहिनी की कार्रवाईभारत-नेपाल सीमा पर 14.40 क्विंटल चाइनीज लहसुन बरामद: झोपड़ी में 72 बोरियों में छिपाकर रखा था माल; तस्कर अंध...आधी आबादी बनाम खजाना खाली, 'वचन' पर मन में कसक और दिल में डर, किस दुविधा में सम्राट सरकार?बॉर्डर पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 2340KG यूरिया पकड़ी: नेपाल ले जा रहे दो तस्कर अरेस्ट, 7 साइकिल-1 बाइक मिली; ...बहराइच: भारत-नेपाल सीमा पर 60 लाख की अफीम के साथ चार तस्कर गिरफ्तारBihar Flood : पुनपुन नदी का एक और बांध टूटा, 15 फीट चौड़ी दरार से कई इलाकों में घुसा पानीGround Report: बाढ़ राहत कैंप में नहीं मिला कोई डॉक्टर, एंबुलेंस का ड्राइवर भी गायब, प्रशासन के दावों की जम...Railways News: बिहार में बाढ़ से ट्रेनों की रफ्तार पर पड़ा असर, कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आईं विलंब सेराहत की आस में टकटकी लगाए बच्चे, नवगछिया सिंहकुंड में जिंदगी पानी के बीच कैद, 6 टोलों के 10 हजार लोग बने 'ज...नीतीश के जन्मस्थान बख्तियारपुर पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, अब संतोष मांझी ने सुझाया नया नामबिहार का मशहूर ‘डॉक्टरों का स्कूल’, यहां पढ़े छात्र बने डॉक्टर, इंजीनियर और CO-BDO, कई सालों से रिकॉर्ड काय...बाइक की डिक्की में ले जा रहा था 2.80KG चरस: बेतिया में SSB ने दबोचा, इनरवा SSB की 47वीं वाहिनी की कार्रवाईभारत-नेपाल सीमा पर 14.40 क्विंटल चाइनीज लहसुन बरामद: झोपड़ी में 72 बोरियों में छिपाकर रखा था माल; तस्कर अंध...आधी आबादी बनाम खजाना खाली, 'वचन' पर मन में कसक और दिल में डर, किस दुविधा में सम्राट सरकार?बॉर्डर पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 2340KG यूरिया पकड़ी: नेपाल ले जा रहे दो तस्कर अरेस्ट, 7 साइकिल-1 बाइक मिली; ...बहराइच: भारत-नेपाल सीमा पर 60 लाख की अफीम के साथ चार तस्कर गिरफ्तारBihar Flood : पुनपुन नदी का एक और बांध टूटा, 15 फीट चौड़ी दरार से कई इलाकों में घुसा पानीGround Report: बाढ़ राहत कैंप में नहीं मिला कोई डॉक्टर, एंबुलेंस का ड्राइवर भी गायब, प्रशासन के दावों की जम...Railways News: बिहार में बाढ़ से ट्रेनों की रफ्तार पर पड़ा असर, कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आईं विलंब सेराहत की आस में टकटकी लगाए बच्चे, नवगछिया सिंहकुंड में जिंदगी पानी के बीच कैद, 6 टोलों के 10 हजार लोग बने 'ज...

Article Advertisement

Seemanchal

बच्चे का शव गोद में उठाए भटकता पिता! किशनगंज अस्पताल में मानवता हुई शर्मसार, सिस्टम फिर हुआ फेल

बच्चे का शव गोद में उठाए भटकता पिता! किशनगंज अस्पताल में मानवता हुई शर्मसार, सिस्टम फिर हुआ फेल किशनगंज – एक गरीब बाप अपने डेढ़ साल के मासूम बेटे का शव गोद में लिए अस्पताल के गलियारों में भटक रहा था... न डॉक्टर संवेदनशील दिखे, न प्रशासन। बिहार सरकार के स्वास्थ्य तंत्र की पोल एक बार फिर सदर अस्पताल,

बच्चे का शव गोद में उठाए भटकता पिता! किशनगंज अस्पताल में मानवता हुई शर्मसार, सिस्टम फिर हुआ फेल

Article Advertisement

बच्चे का शव गोद में उठाए भटकता पिता! किशनगंज अस्पताल में मानवता हुई शर्मसार, सिस्टम फिर हुआ फेल किशनगंज – एक गरीब बाप अपने डेढ़ साल के मासूम बेटे का शव गोद में लिए अस्पताल के गलियारों में भटक रहा था... न डॉक्टर संवेदनशील दिखे, न प्रशासन। बिहार सरकार के स्वास्थ्य तंत्र की पोल एक बार फिर सदर अस्पताल, किशनगंज में खुल गई। इस दृश्य ने न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार किया, बल्कि ‘स्वास्थ्य सबके लिए’ जैसे सरकारी दावों की भी सच्चाई सामने ला दी। कार ने छीन ली गोद की किलकारी घटना मंगलवार सुबह की है। किशनगंज के मारवाड़ी कॉलेज के पास रहने वाले मजदूर सनोज महतो के डेढ़ साल के बेटे को एक तेज़ रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। घायल हालत में बच्चे को एमजीएम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक पिता के लिए इससे बड़ा दुःख क्या हो सकता है? न स्ट्रेचर, न संवेदना – शव गोद में लेकर पोस्टमार्टम इसके बाद जब मासूम का शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया , तो जो हुआ वो सरकारी व्यवस्था की क्रूरता का प्रतीक बन गया। अस्पताल प्रशासन ने मृत बच्चे को ले जाने के लिए एक स्ट्रेचर तक देने से मना कर दिया । बाप को अपने मासूम का शव गोद में उठाकर मॉर्चरी तक पैदल जाना पड़ा। वीडियो वायरल – जनता का फूटा ग़ुस्सा   इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जमकर घेरा: "क्या गरीब की जान की कोई कीमत नहीं?" "सरकारी अस्पताल में संवेदना भी खत्म हो गई है!" प्रशासन की लीपापोती – सिविल सर्जन ने कहा 'गलती हुई' मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल सर्जन ने कहा: " यह घटना हमारे संज्ञान में है, यदि ऐसा हुआ है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। आगे ऐसी लापरवाही नहीं दोहराई जाएगी। " लेकिन सवाल उठता है: क्या एक माफीनामा उस पिता के टूटे दिल का मरहम बन सकता है? SeemanchalLive की मांग: **- लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। हर अस्पताल में स्ट्रेचर जैसी मूलभूत सुविधा सुनिश्चित की जाए। गरीबों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए।** क्या बिहार का स्वास्थ्य तंत्र सिर्फ नाम का रह गया है? आपकी राय नीचे कमेंट करें या हमें seemanchallive.com पर लिखें। हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें और बनाएं आवाज़ का हिस्सा: 🔵 Facebook : fb.com/seemanchallive 📸 Instagram : instagram.com/seemanchallive 🔴 YouTube : youtube.com/@seemanchallive 📰 और पढ़ें या सुझाव भेजें 👉 www.seemanchallive.com

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read