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पीएम मोदी आज भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे

पीएम मोदी आज भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे 5 दिवसीय ग्लोबल समिट में 13 देशों के पवेलियन, 2.5 लाख से अधिक विजिटर्स की उम्मीद नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे। यह पांच दिवसीय आयो

पीएम मोदी आज भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे

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पीएम मोदी आज भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे 5 दिवसीय ग्लोबल समिट में 13 देशों के पवेलियन, 2.5 लाख से अधिक विजिटर्स की उम्मीद नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे। यह पांच दिवसीय आयोजन ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले इस भव्य आयोजन में वैश्विक टेक कंपनियां, भारतीय स्टार्टअप, शोध संस्थान, विश्वविद्यालय, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय साझेदार एक मंच पर जुटेंगे। इस एक्सपो का उद्देश्य एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करना और भारत को एआई इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करना है। 13 देशों के पवेलियन, वैश्विक सहयोग पर जोर इस समिट में 13 देशों के विशेष पवेलियन लगाए गए हैं, जो एआई इकोसिस्टम में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को प्रदर्शित करेंगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और कई अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इन पवेलियनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नवीनतम शोध, टेक्नोलॉजी समाधान और नीतिगत पहल को प्रदर्शित किया जाएगा। भारत के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जहां वह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को एआई के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेगा। 300 से अधिक प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव डेमो एक्सपो में 300 से अधिक क्यूरेटेड एग्जिबिशन पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किए जाएंगे। इन्हें तीन प्रमुख थीम—‘पीपल’, ‘प्लैनेट’ और ‘प्रोग्रेस’—के अंतर्गत डिजाइन किया गया है। पीपल: शिक्षा, स्वास्थ्य और स्किल डेवलपमेंट में एआई की भूमिका प्लैनेट: जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और कृषि में एआई समाधान प्रोग्रेस: उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट गवर्नेंस में एआई का उपयोग 600 से अधिक स्टार्टअप की भागीदारी इस कार्यक्रम में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप भी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें कई ऐसे स्टार्टअप हैं, जो पहले से ही वैश्विक स्तर पर काम कर रहे हैं और जनसंख्या-स्तर के समाधान विकसित कर चुके हैं। ये स्टार्टअप हेल्थटेक, एग्रीटेक, फिनटेक, एडटेक और गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अपने कामकाजी मॉडल और समाधान प्रदर्शित करेंगे। आयोजकों के अनुसार, इस एक्सपो में 2.5 लाख से अधिक विजिटरों के आने की संभावना है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, निवेशक और नीति-निर्माता शामिल होंगे। 500 से अधिक सत्र और 3,250 विशेषज्ञ वक्ता एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान 500 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में 3,250 से अधिक विशेषज्ञ वक्ता और पैनल सदस्य भाग लेंगे। चर्चा का केंद्र बिंदु यह रहेगा कि एआई विभिन्न क्षेत्रों में किस तरह बदलाव ला रहा है और भविष्य में किन नीतिगत कदमों की जरूरत है, ताकि एआई का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, यह एक्सपो “एआई इन एक्शन” का राष्ट्रीय प्रदर्शन होगा, जहां नीति और व्यवहार, नवाचार और विस्तार, तथा तकनीक और आम नागरिक का संगम देखने को मिलेगा। भारत के लिए क्यों अहम है यह आयोजन? भारत तेजी से एआई टेक्नोलॉजी को अपनाने वाले देशों में शामिल हो रहा है। सरकारी सेवाओं से लेकर स्टार्टअप इकोसिस्टम तक, एआई का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह समिट भारत को वैश्विक एआई हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन न केवल नई साझेदारियों और निवेश के अवसर पैदा करेगा, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार शक्ति को भी विश्व पटल पर मजबूत करेगा।

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