अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
बिहार के बाद अब यूपी में सियासी जमीन तलाशेंगे निशांत कुमार, बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने की तैयारीबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 31 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचारSiwan News सीवान में बिहार राज्य पंचायत रोजगार सेवक संघ का प्रमंडलीय सम्मेलन आयोजित, पटना में 2-3 नवंबर को होगा धरना-प्रदर्शनइंडो-नेपाल बॉर्डर के स्टेशनों पर सुरक्षा राम भरोसे, मधुबनी में 2 साल बाद भी GRP को नहीं हुआ हैंडओवरभारतीय सब्जियों की नेपाल में 'नो एंट्री', मधुबनी में नाराज किसानों ने सील किया बॉर्डर1952 में बना स्कूल, आज भी दो कमरों में पढ़ रहे बच्चे, कभी पेड़ के नीचे तो कभी जर्जर बिल्डिंग में लगत...कल का मौसम: बिहार में आंधी-तूफान और भारी बारिश अलर्टएमएलसी चुनाव परिणाम के बाद नीरज कुमार के बदले तेवर, अब ललन सिंह की तारीफ में कही बड़ी बा, पॉलिटिकल ट्विस्ट ...भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर बैठक: 158वीं अग्रणी आसूचना बैठक में एजेंसियों के बीच समन्वय, सूचनाओं पर जोरPATNA NEWS: बिहार प्रभारी बने हरीश द्विवेदी, पीएम के अंत्योदय विजन की बात कहीGorakhpur News: वर्दी पहनाकर छह महीने तक बिहार में कराई फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी, बाद में पता चला सब फर्जी हैबिहार के बाद अब यूपी में सियासी जमीन तलाशेंगे निशांत कुमार, बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने की तैयारीबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 31 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचारSiwan News सीवान में बिहार राज्य पंचायत रोजगार सेवक संघ का प्रमंडलीय सम्मेलन आयोजित, पटना में 2-3 नवंबर को होगा धरना-प्रदर्शनइंडो-नेपाल बॉर्डर के स्टेशनों पर सुरक्षा राम भरोसे, मधुबनी में 2 साल बाद भी GRP को नहीं हुआ हैंडओवरभारतीय सब्जियों की नेपाल में 'नो एंट्री', मधुबनी में नाराज किसानों ने सील किया बॉर्डर1952 में बना स्कूल, आज भी दो कमरों में पढ़ रहे बच्चे, कभी पेड़ के नीचे तो कभी जर्जर बिल्डिंग में लगत...कल का मौसम: बिहार में आंधी-तूफान और भारी बारिश अलर्टएमएलसी चुनाव परिणाम के बाद नीरज कुमार के बदले तेवर, अब ललन सिंह की तारीफ में कही बड़ी बा, पॉलिटिकल ट्विस्ट ...भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर बैठक: 158वीं अग्रणी आसूचना बैठक में एजेंसियों के बीच समन्वय, सूचनाओं पर जोरPATNA NEWS: बिहार प्रभारी बने हरीश द्विवेदी, पीएम के अंत्योदय विजन की बात कहीGorakhpur News: वर्दी पहनाकर छह महीने तक बिहार में कराई फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी, बाद में पता चला सब फर्जी है

Article Advertisement

India

14 दिसंबर: जब दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार इंसान ने रखा कदम, इतिहास में दर्ज हुआ स्वर्णिम दिन

नयी दिल्ली: दिसंबर महीने की 14 तारीख विश्व इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण और साहसिक उपलब्धि के रूप में दर्ज है। इसी दिन वर्ष 1911 में इंसान ने पहली बार दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर कदम रखा था। ध्रुवीय खोज के क्षेत्र में दुनिया के महान खोजकर्ताओं में शामिल रोआल्ड एमंडसन (Roald Amundsen) ने 14 दिसंबर

14 दिसंबर: जब दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार इंसान ने रखा कदम, इतिहास में दर्ज हुआ स्वर्णिम दिन

Article Advertisement

नयी दिल्ली: दिसंबर महीने की 14 तारीख विश्व इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण और साहसिक उपलब्धि के रूप में दर्ज है। इसी दिन वर्ष 1911 में इंसान ने पहली बार दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर कदम रखा था। ध्रुवीय खोज के क्षेत्र में दुनिया के महान खोजकर्ताओं में शामिल रोआल्ड एमंडसन (Roald Amundsen) ने 14 दिसंबर 1911 को यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। वे नार्वे के रहने वाले थे और अपनी साहसिक यात्राओं के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहे। एमंडसन जून 1910 में अंटार्कटिका के लिए रवाना हुए थे। अत्यंत कठिन मौसम, बर्फीले तूफानों और जानलेवा ठंड के बीच उन्होंने लगभग डेढ़ वर्ष की लंबी और खतरनाक यात्रा पूरी की। अंततः 14 दिसंबर 1911 को वे अपने दल के साथ दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने में सफल रहे। यह अभियान मानव इतिहास की सबसे साहसिक खोज यात्राओं में से एक माना जाता है। उस समय आधुनिक तकनीक और संचार साधनों की कमी के बावजूद एमंडसन ने अनुशासन, योजना और धैर्य के बल पर यह असंभव सा दिखने वाला लक्ष्य हासिल किया। दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने के बाद उन्होंने वहां नॉर्वे का झंडा फहराया , जो न केवल उनके देश बल्कि पूरी मानव सभ्यता के लिए गर्व का क्षण था। आज भी 14 दिसंबर को ध्रुवीय खोज और वैज्ञानिक साहस की मिसाल के रूप में याद किया जाता है। यह दिन हमें बताता है कि दृढ़ संकल्प और साहस से इंसान दुनिया के सबसे कठिन कोनों को भी जीत सकता है

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read