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विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश के वाइजैग की एक केमिकल यूनिट में गैस लीकेज, 10 लोगों की मौत

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक फार्मा कंपनी में गैस लीकेज का मामला सामने आया है. यह घटना गुरुवार सुबह हुई. स्थानीय प्रशासन और नेवी ने फैक्ट्री के पास के गांवों को खाली करा लिया है. इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 800 अधिक लोगों की हालत गंभीर है. आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एल

विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश के वाइजैग की एक केमिकल यूनिट में गैस लीकेज, 10 लोगों की मौत

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आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक फार्मा कंपनी में गैस लीकेज का मामला सामने आया है. यह घटना गुरुवार सुबह हुई. स्थानीय प्रशासन और नेवी ने फैक्ट्री के पास के गांवों को खाली करा लिया है. इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 800 अधिक लोगों की हालत गंभीर है. आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एलजी पॉलिमर उद्योग में रासायनिक गैस लीक हो गई। गुरुवार सुबह, प्‍लांट के आसपास कई जगहों पर लोग बेहोश पड़े दिखे सड़क किनारे मृत मवेशी भी नजर आए बच्चों को कंधे पर रखकर घबराए लोग अस्पतालों की ओर भागे भर्ती हुए मरीजों में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं विशाखापट्टनम गैस ट्रेजडी ने दिलाई 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की याद करीब 8 हजार लोगों को अपना घर खाली करना पड़ा है आरआर वेंकटपुरम गांव में गुरुवार की सुबह हुई इस घटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात का जायजा लिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर चिंता व्यक्त की। फिलहाल गैस के रिसाव पर काबू पा लिया गया है। https://twitter.com/PMOIndia/status/1258261929723940864 https://twitter.com/PMOIndia/status/1258261929723940864 https://twitter.com/narendramodi/status/1258253228308742147 https://www.youtube.com/watch?v=F6XY1Ue84G8 आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हुई गैस लीक ट्रेजडी से नुकसान का अंदाजा अभी लगना मुश्किल है। घटनास्‍थल से जो रिपोर्ट्स आ रही हैं, उसके मुताबिक, कई घरों से लोगों को दरवाजे तोड़कर निकालना पड़ा है। राहत और बचाव के काम में लगी टीमें लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने में जुटी हैं। केमिकल प्‍लांट के तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों से लोगों को निकाला जा रहा है। हो सकता है इससे ज्‍यादा एरिया को भी खाली कराना पड़े। पूरा मंजर इतना भयावह था कि 1984 भोपाल गैस ट्रेजडी की यादें ताजा हो गईं। वैसा ही खौफ, वैसी ही बदहवासी देखने को मिल रही है।

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