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RJD सांसद सुरेंद्र यादव के विवादित बयान से सियासी तूफान, यादव समाज पर टिप्पणी के बाद एक्शन पर टिकी नजरें

गया। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर बेचैनी और असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इसी कड़ी में जहानाबाद से आरजेडी सांसद सुरेंद्र यादव का एक बयान पार्टी के लिए नई मुसीबत बन गया है। गया जिले में ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सांसद द्वारा यादव समाज के नेता

RJD सांसद सुरेंद्र यादव के विवादित बयान से सियासी तूफान, यादव समाज पर टिप्पणी के बाद एक्शन पर टिकी नजरें

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गया। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर बेचैनी और असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इसी कड़ी में जहानाबाद से आरजेडी सांसद सुरेंद्र यादव का एक बयान पार्टी के लिए नई मुसीबत बन गया है। गया जिले में ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सांसद द्वारा यादव समाज के नेताओं और मतदाताओं को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद सियासी बवाल मच गया है। यादव समाज को लेकर बयान से मचा विवाद वायरल वीडियो में सुरेंद्र यादव यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि यादव समाज के एक बड़े वर्ग ने महागठबंधन के बजाय एनडीए उम्मीदवारों को वोट दिया, जिसकी वजह से आरजेडी को कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। बातचीत के दौरान उन्होंने स्थानीय यादव नेताओं और मतदाताओं पर गंभीर आरोप लगाए और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि मीडिया में आपत्तिजनक शब्दों को स्पष्ट रूप से नहीं दोहराया जा रहा, लेकिन बयान की भाषा को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अतरी और बेलागंज सीट की हार का जिक्र बताया जा रहा है कि यह बयान अतरी विधानसभा क्षेत्र के खिजरसराय इलाके में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। सुरेंद्र यादव वहां ग्रामीणों को समझाते हुए कह रहे थे कि अतरी सीट पर आरजेडी उम्मीदवार की हार और बेलागंज सीट पर उनके बेटे की पराजय के पीछे अपने ही समाज के लोगों की “दगाबाजी” जिम्मेदार है। अतरी सीट पर हम पार्टी के उम्मीदवार रोमित कुमार ने आरजेडी की बैजयंत्री देवी को हराया, जबकि बेलागंज में सुरेंद्र यादव के बेटे विश्वनाथ कुमार सिंह को जेडीयू की मनोरमा देवी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। बीजेपी ने की कार्रवाई की मांग इस बयान पर भाजपा ने आरजेडी नेतृत्व को घेर लिया है। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि जिस यादव समाज की बदौलत आरजेडी का राजनीतिक अस्तित्व बना रहा, उसी समाज को गाली देना निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी नेतृत्व ने सुरेंद्र यादव को ऐसी भाषा इस्तेमाल करने की छूट दी है या फिर आरजेडी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। जेडीयू का हमला, बताया आरजेडी की संस्कृति जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह आरजेडी की कार्य संस्कृति को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार के बाद आरजेडी नेताओं में हताशा इतनी बढ़ गई है कि अब वे जनता को ही दोषी ठहराने लगे हैं। माफी की मांग तेज भाजपा प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने सांसद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार मिलने पर जनता और समाज को गाली देना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इस तरह के बयान पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। आरजेडी की चुप्पी बढ़ा रही सवाल इस पूरे मामले में अब तक राष्ट्रीय जनता दल की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है । न ही पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और न ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सार्वजनिक रूप से इस पर प्रतिक्रिया दी है। पार्टी की चुप्पी को लेकर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या आरजेडी अपने सांसद के बयान से सहमत है या फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। कौन हैं सुरेंद्र यादव सुरेंद्र यादव आरजेडी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं और पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते हैं। वे गया जिले की बेलागंज सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं और बिहार सरकार में मंत्री भी रहे हैं। वर्तमान में वे जहानाबाद लोकसभा सीट से सांसद हैं। उनका नाम पहले भी कई विवादित बयानों से जुड़ चुका है। पार्टी के लिए बढ़ती मुश्किल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान से आरजेडी की सामाजिक राजनीति को नुकसान पहुंच सकता है, खासकर उस वर्ग में जिस पर पार्टी पारंपरिक रूप से भरोसा करती रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है।

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