पूर्णिया। जिले में मौसम ने एक बार फिर अपना रुख बदल लिया है। तेज बारिश और आंधी के कारण बायसी प्रखंड क्षेत्र में कई परिवारों को नुकसान का सामना करना पड़ा है। गुरुवार दोपहर आई तेज आंधी में 50 से अधिक घरों के टिन के छप्पर उड़ गए, जबकि एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
घटना बायसी प्रखंड की गंगार पंचायत के मालोपाड़ा तेलंगा और शेरण पोखर गांव में हुई। अचानक तेज हवा चलने के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। कई घरों की छत के टिन और अन्य हिस्से हवा के साथ उड़ गए।
तेज हवा के साथ अचानक बदला मौसम
स्थानीय जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे इलाके में तेज आंधी आई। हवा इतनी तेज थी कि देखते ही देखते कई घरों के टिन के छप्पर क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा।
घटना के दौरान कुछ लोगों को हल्की चोटें आने की जानकारी है। तेज हवा के कारण एक बड़ा पेड़ भी जमीन पर गिर गया। गनीमत रही कि बड़े स्तर पर जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
सबसे ज्यादा नुकसान मालोपाड़ा तेलंगा और शेरण पोखर इलाके के वार्ड नंबर एक, दो और तीन में बताया गया है।
प्रशासन ने शुरू कराया नुकसान का आकलन
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने की प्रक्रिया शुरू की।
स्थानीय मुखिया ने प्रभावित इलाके में पहुंचकर नुकसान की जानकारी ली। अंचल अधिकारी ने राजस्व कर्मचारी को स्थल निरीक्षण कर क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया है।
एसडीएम ने भी क्षतिग्रस्त मकानों की पहचान कर सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन किए जाने के बाद प्रभावित परिवारों को मिलने वाली सहायता के संबंध में आगे की प्रक्रिया की जा सकती है।
करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा
मौसम विभाग के सहायक वैज्ञानिक के अनुसार इलाके में हवा की रफ्तार करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे रही। तेज हवा और बारिश के कारण कमजोर तथा कच्चे मकानों को ज्यादा नुकसान पहुंचा।
ग्रामीण इलाकों में कई घरों की छत टिन या दूसरे हल्के निर्माण सामग्री से बनी होती है। ऐसे में तेज हवा के दौरान इन घरों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा अधिक रहता है।
पूर्णिया शहर में भी जलजमाव से परेशानी
उधर पूर्णिया शहर में भी लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है। बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश गुरुवार तक रुक-रुककर जारी रही।
शहर के कई गली-मोहल्लों में पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को भी जलजमाव के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण जहां मौसम सुहाना हुआ है और गर्मी से लोगों को राहत मिली है, वहीं लगातार बारिश से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
अगले दो दिन भी सतर्क रहने की जरूरत
मौसम में बदलाव के बीच पूर्णिया और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को तेज हवा और बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर कच्चे मकान, कमजोर छत और पुराने पेड़ों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त मकानों और प्रभावित परिवारों का आकलन किया जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नुकसान के बाद प्रभावित परिवारों को किस तरह की प्रशासनिक सहायता मिलती है।
पूर्णिया में बदले मौसम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि ग्रामीण इलाकों में कमजोर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को तेज आंधी और बारिश से बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर कितनी तैयारी है।
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