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Politics

नीतीश पर 10 गुना, चिराग पर 100 गुना चंदे की बारिश, बीजेपी को मिला 6654 करोड़ का चंदा

बिहार की राजनीति में चंदे का खेल तेज, सत्ताधारी दलों को मिला रिकॉर्ड फंड नीतीश पर 10 गुना, चिराग पर 100 गुना चंदे की बारिश —बिहार की राजनीति में यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024–25 में बिहार की सत्ताधारी और राष्ट्रीय पार्टियों को भारी मात्र

नीतीश पर 10 गुना, चिराग पर 100 गुना चंदे की बारिश, बीजेपी को मिला 6654 करोड़ का चंदा

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बिहार की राजनीति में चंदे का खेल तेज, सत्ताधारी दलों को मिला रिकॉर्ड फंड नीतीश पर 10 गुना, चिराग पर 100 गुना चंदे की बारिश —बिहार की राजनीति में यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024–25 में बिहार की सत्ताधारी और राष्ट्रीय पार्टियों को भारी मात्रा में राजनीतिक चंदा मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना अधिक चंदा प्राप्त हुआ है। 🏛️ राज्य स्तरीय दलों में जदयू सबसे आगे नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को वित्तीय वर्ष 2024–25 में कुल 18.69 करोड़ रुपये का चंदा मिला है। जबकि इससे पिछले वर्ष 2023–24 में जदयू को सिर्फ 1.81 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। ➡️ यानी एक ही साल में जदयू के चंदे में लगभग 10 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह साफ दिखाता है कि सत्ता में बने रहने का असर राजनीतिक फंडिंग पर सीधा पड़ता है। 66 संस्थाओं ने दिया जदयू को चंदा चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार: प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट → 10 करोड़ प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट → 5 करोड़ समाज इलेक्टोरल ट्रस्ट → 2 करोड़ इसके अलावा सांसदों, विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और कंपनियों सहित कुल 66 संस्थाओं ने जदयू को 18.69 करोड़ रुपये का चंदा दिया है। चिराग पासवान की पार्टी को 100 गुना उछाल लोजपा (रामविलास) के लिए यह साल बेहद खास रहा। जहां 2023–24 में पार्टी को सिर्फ 11.67 लाख रुपये का चंदा मिला था, वहीं 2024–25 में यह बढ़कर 11.09 करोड़ रुपये हो गया। ➡️ यानी चिराग पासवान की पार्टी को लगभग 100 गुना ज्यादा चंदा मिला। 📌 प्रमुख दानदाता: प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट → 10 करोड़ प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट → 1 करोड़ राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक केंद्र सरकार में चिराग पासवान की मजबूत भूमिका और NDA में सक्रियता इसका बड़ा कारण मानी जा रही है। राष्ट्रीय पार्टी बीजेपी चंदे में सबसे आगे राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) चंदा प्राप्त करने में सबसे आगे रही है। वर्ष BJP को मिला चंदा 2023–24 3967 करोड़ 2024–25 6654 करोड़ ➡️ सिर्फ एक साल में बीजेपी के चंदे में करीब 2700 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस को कम हुआ चंदा बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस को 2024–25 में चंदा कम मिला है। 2023–24 → 1129 करोड़ 2024–25 → 522.113 करोड़ इस गिरावट को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। आरजेडी ने नहीं दिया चंदे का ब्यौरा बिहार की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अब तक 2024–25 के लिए चुनाव आयोग को चंदे का विवरण जमा नहीं किया है। इसी कारण चुनाव आयोग ने आरजेडी के चंदे से संबंधित कोई आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है। वाम दलों को भी मिला चंदा सीपीआई (माले) 2023–24 → 43 लाख 2024–25 → 49.9 लाख अधिकांश चंदा पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं से प्राप्त हुआ है। AIMIM 2023–24 → 9 लाख 2024–25 → कोई जानकारी नहीं बिहार चुनाव से पहले संकेत साफ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चंदे में यह भारी उछाल राजनीतिक गतिविधियों के तेज होने का संकेत है। सत्ता में मौजूद दलों को जहां बड़ा फायदा मिला है, वहीं विपक्षी दलों की आर्थिक स्थिति सवालों के घेरे में है। ❓ जदयू को 2024–25 में कितना चंदा मिला? 18.69 करोड़ रुपये। ❓ लोजपा (रामविलास) को कितना चंदा मिला? 11.09 करोड़ रुपये। ❓ बीजेपी को कितना चंदा मिला? 6654 करोड़ रुपये।

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