अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
बिहार में 3 बड़ी वारदातें: बेगूसराय के होटल में लड़की से दरिंदगी, दरभंगा के मंदिर में बच्ची से छेड़छाड़, पटना में चाकू से हमलाExclusive: बिहार में जाति हट जाए तो…, BJP विधायक मैथिली ठाकुर का बड़ा बयानIAS-IPS, डॉक्टर, इंजीनियर और वकीलों का गढ़ है बिहार का ये गांव, 90% परिवार में है सरकारी नौकरी'रॉकी सिंह-रविलाल', बिहार में क्या-क्या हैं तस्करों के सीक्रेट कोडवर्ड, चखना की बोरी में छिपा था माल...Bihar Tender Investigation: बिहार में बड़े सरकारी ठेकों की खुलेगी फाइल, 5 करोड़ से ज्यादा के टेंडरों का होग...बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 29 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचारBihar Flood: बेतिया में दो जगह टूटा चंपारण तटबंध टूटने से अफरा-तफरी, गांवों में घुसा गंडक का पानी, NDRF तैन...कौन हैं पटना के ADM रवींद्र कुमार दिवाकर, जो टीचर से अफसर बनते ही खड़ी कर दी करोड़ों की संपत्तिभारत-नेपाल सीमा पर चौदह मवेशी बरामदBihar Weather: बिहार में मानसून की विदाई शुरू, घटेगी बारिश और बढ़ेगी गर्मी, जानें 5 अक्टूबर तक कैसा रहेगा म...Maharajganj News: तिनाऊ नदी में डूबे नेपाली व्यक्ति की तलाश जारीबिहार में 3 बड़ी वारदातें: बेगूसराय के होटल में लड़की से दरिंदगी, दरभंगा के मंदिर में बच्ची से छेड़छाड़, पटना में चाकू से हमलाExclusive: बिहार में जाति हट जाए तो…, BJP विधायक मैथिली ठाकुर का बड़ा बयानIAS-IPS, डॉक्टर, इंजीनियर और वकीलों का गढ़ है बिहार का ये गांव, 90% परिवार में है सरकारी नौकरी'रॉकी सिंह-रविलाल', बिहार में क्या-क्या हैं तस्करों के सीक्रेट कोडवर्ड, चखना की बोरी में छिपा था माल...Bihar Tender Investigation: बिहार में बड़े सरकारी ठेकों की खुलेगी फाइल, 5 करोड़ से ज्यादा के टेंडरों का होग...बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 29 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचारBihar Flood: बेतिया में दो जगह टूटा चंपारण तटबंध टूटने से अफरा-तफरी, गांवों में घुसा गंडक का पानी, NDRF तैन...कौन हैं पटना के ADM रवींद्र कुमार दिवाकर, जो टीचर से अफसर बनते ही खड़ी कर दी करोड़ों की संपत्तिभारत-नेपाल सीमा पर चौदह मवेशी बरामदBihar Weather: बिहार में मानसून की विदाई शुरू, घटेगी बारिश और बढ़ेगी गर्मी, जानें 5 अक्टूबर तक कैसा रहेगा म...Maharajganj News: तिनाऊ नदी में डूबे नेपाली व्यक्ति की तलाश जारी

Article Advertisement

Education

कोटा अस्पताल में 107 बच्चों की मौत को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, विशेषज्ञों की टीम ने बताया कैसे हुई मौत

कोटा अस्पताल में 107 बच्चों की मौत को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, विशेषज्ञों की टीम ने बताया कैसे हुई मौत राजस्थान के कोटा स्थित जे.के.लोन सरकारी अस्पताल में एक महीने में 107 बच्चों की मौत के बाद सरकार ने जांच पैनल नियुक्त किया था। विशेषज्ञों की टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि हाइपोथर्मिया (शरीर का ता

कोटा अस्पताल में 107 बच्चों की मौत को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, विशेषज्ञों की टीम ने बताया कैसे हुई मौत

Article Advertisement

कोटा अस्पताल में 107 बच्चों की मौत को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, विशेषज्ञों की टीम ने बताया कैसे हुई मौत राजस्थान के कोटा स्थित जे.के.लोन सरकारी अस्पताल में एक महीने में 107 बच्चों की मौत के बाद सरकार ने जांच पैनल नियुक्त किया था। विशेषज्ञों की टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान असंतुलित हो जाना) के कारण बच्चों की मौत हुई है। अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की कमी भी इसकी वजह हो सकती है। राजस्थान सरकार द्वारा बच्चों की मौतों के कारण का पता लगाने के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की है कि हाइपोथर्मिया के कारण शिशुओं की मौत हुई है। हाइपोथर्मिया एक ऐसी आपात स्थिति होती है, जब शरीर का तापमान 95 एफ (35 डिग्री सेल्सियस) से कम हो जाता है। वैसे शरीर का सामान्य तापमान 98.6 एफ (37 डिग्री सेल्सियस) होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल में बच्चे सर्दी के कारण मरते रहे और यहां पर जीवन रक्षक उपकरण भी पर्याप्त मात्रा में नहीं थे। नवजात शिशुओं के शरीर का तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, इसलिए उन्हें वार्मरों पर रखा गया, जहां उनका तापमान सामान्य रहता है। हालांकि अस्पताल में काम कर रहे वार्मर की कमी होती गई और बच्चों के शरीर के तापमान में भी गिरावट जारी रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि 28 में से 22 नेबुलाइजर दुष्क्रियाशील (डिसफंक्शनल) मिले। वहीं 111 में से 81 जलसेक (इनफ्यूजन) पंप काम नहीं कर रहे थे और पैरा मॉनिटर और पल्स ऑक्सीमेटर्स के हालात भी खस्ता थे। जिस चीज ने मामले को बदतर बना दिया, वह थी अस्पताल में ऑक्सीजन पाइपलाइन की अनुपस्थिति, जिससे सिलेंडर की मदद से बच्चों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। रिपोर्ट में आईसीयू के हालात भी खराब बताए गए हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा, “अशोक गहलोत ने राज्य में 'निरोगी राजस्थान' अभियान की शुरुआत की, वहीं दिसंबर में बच्चों की मृत्यु जारी रही।” अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि जे.के. लोन अस्पताल के अधिकांश बालरोग विशेषज्ञों को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में तैनात किया गया है। सूत्रों के अनुसार, बच्चों के लिए खरीदे गए 40 हीटरों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि अस्पताल के पास छह करोड़ रुपये का बजट होने के बावजूद कोई खरीद नहीं की गई। Source-HINDUSTAN

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read