अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
अररिया में नौकरी का मौका: 26 और 28 सितंबर को दो जॉब कैंप, 80 पदों पर भर्तीफरक्का संधि के नवीनीकरण के खिलाफ JDU का अभियान, बिहार के 12 जिलों में चलेगा नीतीश संवादSIR विवाद पर विपक्ष का बड़ा हमला, बिहार में फिर चुनाव कराने की मांग; चुनाव आयोग ने दिया जवाबNani की The Paradise रिलीज, पहले शो के बाद सामने आया दर्शकों का रिएक्शन; जानिए फिल्म में क्या है खासSIR विवाद पर बिहार की राजनीति गरम, तेजस्वी ने फिर उठाए सवाल; चुनाव आयोग ने अपने फैसलों पर दिया जवाबबिहार पुलिस के इकबाल को क्या हो गया, चिराग बोले- जमुई जैसा एनकाउंटर समस्तीपुर में होबिहार में जमुई के बाद समस्तीपुर में लड़की से बदसलूकी: युवकों ने नाबालिग को घसीटा, बाल खींचे; मंत्री बोले- इ...जीउतिया 3 को, बिहार सरकार की छुट्टी 5 अक्टूबर को... महिला टीचर्स ने शिक्षा मंत्री से लगाई गुहारकौन हैं अमित शाह के खास भीखूभाई दलसानिया? जिन पर BJP का भरोसा कायम, चुनाव के वक्त तेजस्वी ने उठाए थे सवालKal ka Mausam: बिहार के इन इलाकों में कल भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया 25 सितंबर का अलर्टBhagalpur News: सुपौल : बिहार नंबर के लिए 15 हजार घूस लेते डीटीओ कार्यालय का डाटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तारअररिया में नौकरी का मौका: 26 और 28 सितंबर को दो जॉब कैंप, 80 पदों पर भर्तीफरक्का संधि के नवीनीकरण के खिलाफ JDU का अभियान, बिहार के 12 जिलों में चलेगा नीतीश संवादSIR विवाद पर विपक्ष का बड़ा हमला, बिहार में फिर चुनाव कराने की मांग; चुनाव आयोग ने दिया जवाबNani की The Paradise रिलीज, पहले शो के बाद सामने आया दर्शकों का रिएक्शन; जानिए फिल्म में क्या है खासSIR विवाद पर बिहार की राजनीति गरम, तेजस्वी ने फिर उठाए सवाल; चुनाव आयोग ने अपने फैसलों पर दिया जवाबबिहार पुलिस के इकबाल को क्या हो गया, चिराग बोले- जमुई जैसा एनकाउंटर समस्तीपुर में होबिहार में जमुई के बाद समस्तीपुर में लड़की से बदसलूकी: युवकों ने नाबालिग को घसीटा, बाल खींचे; मंत्री बोले- इ...जीउतिया 3 को, बिहार सरकार की छुट्टी 5 अक्टूबर को... महिला टीचर्स ने शिक्षा मंत्री से लगाई गुहारकौन हैं अमित शाह के खास भीखूभाई दलसानिया? जिन पर BJP का भरोसा कायम, चुनाव के वक्त तेजस्वी ने उठाए थे सवालKal ka Mausam: बिहार के इन इलाकों में कल भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया 25 सितंबर का अलर्टBhagalpur News: सुपौल : बिहार नंबर के लिए 15 हजार घूस लेते डीटीओ कार्यालय का डाटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार

Article Advertisement

Politics

किसान आंदोलन को विमर्श से गायब करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही सरकार: कांग्रेस

कांग्रेस ने तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के 100 दिन पूरा होने की पृष्ठभूमि में शनिवार को सरकार पर अन्नदाताओं के साथ ‘अत्याचार करने’ का आरोप लगाया और दावा किया कि सरकार इस आंदोलन को सार्वजनिक विमर्श से गायब करने के लिए तरह-तरह के हथकंड़ों एवं षडयंत्र का सहारा ले रही है।   मुख्य

किसान आंदोलन को विमर्श से गायब करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही सरकार: कांग्रेस

Article Advertisement

कांग्रेस ने तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के 100 दिन पूरा होने की पृष्ठभूमि में शनिवार को सरकार पर अन्नदाताओं के साथ ‘अत्याचार करने’ का आरोप लगाया और दावा किया कि सरकार इस आंदोलन को सार्वजनिक विमर्श से गायब करने के लिए तरह-तरह के हथकंड़ों एवं षडयंत्र का सहारा ले रही है।   मुख्य विपक्षी पार्टी ने देश के मध्यम वर्ग सहित समाज के विभिन्न तबकों से किसानों का समर्थन करने की अपील भी की और यह मांग फिर उठाई कि तीनों कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए तथा इसके बाद किसान संगठनों से बातचीत कर नए कानूनों की पहल की जानी चाहिए।   कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘देश की सीमा पर जान बिछाते हैं जिनके बेटे, उनके लिए कीलें बिछाई हैं दिल्ली की सीमा पर। अन्नदाता मांगे अधिकार, सरकार करे अत्याचार!’’ पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘किसानों के आंदोलन के 100 दिन हो गए। इन 100 दिनों में 250 से अधिक लोगों की मौत हुई। इस दौरान किसानों को अपमानित किया गया, लेकिन बड़ी संख्या में किसान अब भी बैठे हुए हैं। वे सरकार के उस फोन कॉल की प्रतीक्षा कर रहे हैं जिसका वादा प्रधानमंत्री ने किया था।’’   उन्होंने दावा किया, ‘‘आंदोलन दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है, लेकिन खबरों से गायब है। विमर्श के इस आंदोलन को गायब करने के लिए सरकार कई हथकंडे अपना रही है और षडयंत्र कर रही है।’’   खेड़ा ने कहा, ‘‘किसानों का समर्थन हमें इसलिए भी करना चाहिए क्योंकि वे उस काम को कर रहे हैं जो हम अपनी जिंदगी की आपा-धापी में नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने मध्यम वर्ग और सभी वर्गों के संघर्ष को सड़कों पर ला दिया है।’’   उन्होंने कहा, ‘‘किसानों को सरकार से उम्मीद नहीं है, लेकिन देश से उम्मीद है। अगर लोग मौन समर्थन भी देंगे तो देश का बहुत भला होगा।’’   उल्लेखनीय है कि पिछले 100 दिनों से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर कई किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी वाला कानून बनाने की है।   दूसरी तरफ, सरकार ने तीनों कानूनों को कृषि सुधारों की दिशा में बड़ा कदम करार देते हुए कहा है कि इससे किसानों को लाभ होगा और अपनी उपज बेचने के लिए उनके पास कई विकल्प होंगे।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read