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कश्मीर में कड़ाके की ठंड, गुलमर्ग में पारा शून्य से 8.8 डिग्री नीचे पहुंचा

कश्मीर में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है और गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 8.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है। कश्मीर घाटी में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में इस मौसम की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई , जहां

कश्मीर में कड़ाके की ठंड, गुलमर्ग में पारा शून्य से 8.8 डिग्री नीचे पहुंचा

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कश्मीर में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है और गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 8.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है। कश्मीर घाटी में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में इस मौसम की अब तक की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई , जहां न्यूनतम तापमान गिरकर शून्य से 8.8 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। गुलमर्ग में सबसे सर्द रात अधिकारियों के अनुसार, उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में स्थित स्की रिजॉर्ट गुलमर्ग में रविवार को ताजा हिमपात के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले लगातार दो रातों तक गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ था, लेकिन ताजा बर्फबारी के बाद ठंड और तेज हो गई। श्रीनगर में भी बढ़ी ठंड राजधानी श्रीनगर में भी ठंड का असर साफ देखने को मिला। रविवार रात यहां न्यूनतम तापमान गिरकर शून्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि इससे एक रात पहले यह शून्य से 3.2 डिग्री था। ठंड बढ़ने के कारण शहर में पानी की पाइपलाइनें जमने लगी हैं और सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहता है। पहलगाम और अन्य इलाकों का हाल दक्षिण कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। अन्य इलाकों में तापमान इस प्रकार रहा: काजीगुंड (घाटी का प्रवेश द्वार): शून्य से 2.0 डिग्री नीचे कोकरनाग : शून्य से 1.2 डिग्री नीचे कुपवाड़ा : शून्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे इन सभी इलाकों में रात के समय कड़ाके की ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। चिल्ला-ए-कलां का दौर जारी फिलहाल कश्मीर ‘चिल्ला-ए-कलां’ के दौर से गुजर रहा है। यह 40 दिनों की सबसे भीषण सर्द अवधि होती है, जिसमें रात का तापमान अक्सर जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे चला जाता है। इस दौरान झीलें, नदियां और पानी की आपूर्ति लाइनें जमने लगती हैं, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हिमपात की संभावना बनी हुई हालांकि इस सीजन में अब तक घाटी के मैदानी इलाकों में कोई बड़ी बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर हिमपात देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पांच और छह जनवरी को उत्तरी और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई है। पर्यटन और जनजीवन पर असर कड़ाके की ठंड के बावजूद गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की आवाजाही जारी है। स्कीइंग और स्नो एक्टिविटीज के शौकीनों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ठंड रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना रही है।

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