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इंडो-नेपाल बॉर्डर पर सख्ती: बिहार सरकार का बड़ा एक्शन, ‘नो मैन्स लैंड’ से हटाए जा रहे अतिक्रमण

Published: 10/4/2026, 9:57:25 am22 viewsSeemanchal Live

बिहार सरकार ने इंडो-नेपाल बॉर्डर बिहार अलर्ट के तहत सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इस पहल के अंतर्गत सीमा प्रबंधन, अवैध अतिक्रमण हटाने और घुसपैठ रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का यह एक्शन न केवल सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि सीमावर्ती गांवों के विकास

इंडो-नेपाल बॉर्डर पर सख्ती: बिहार सरकार का बड़ा एक्शन, ‘नो मैन्स लैंड’ से हटाए जा रहे अतिक्रमण
बिहार सरकार ने इंडो-नेपाल बॉर्डर बिहार अलर्ट के तहत सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इस पहल के अंतर्गत सीमा प्रबंधन, अवैध अतिक्रमण हटाने और घुसपैठ रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का यह एक्शन न केवल सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि सीमावर्ती गांवों के विकास को भी गति देगा। सीमा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बिहार के सीमावर्ती जिलों—पूर्वी चम्पारण, मधुबनी, किशनगंज, सीतामढ़ी और सुपौल—में सीमा स्तंभों (बॉर्डर पिलर) के रखरखाव और सत्यापन के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। सरकार के अनुसार, पूर्वी चम्पारण में 1,237 और मधुबनी में 358 सीमा स्तंभों की नियमित निगरानी की जा रही है। वहीं, किशनगंज और सीतामढ़ी में क्षतिग्रस्त या गायब स्तंभों की मरम्मत के लिए फील्ड सर्वे टीम सक्रिय है। सुपौल जिले में सभी क्षतिग्रस्त स्तंभों की मरम्मत पूरी हो चुकी है, जो सीमा सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ‘नो मैन्स लैंड’ पर बुलडोजर एक्शन बिहार के मुख्य सचिव Pratyay Amrit की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के भीतर 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज किया गया है। मधुबनी में 186 अवैध अतिक्रमण पूरी तरह ध्वस्त किए जा चुके हैं, जबकि किशनगंज में पिछले एक महीने में सभी 34 चिन्हित अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। पश्चिमी चम्पारण में 272 में से 261 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, और बाकी के लिए नेपाल प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है। यह कार्रवाई खास तौर पर ‘नो मैन्स लैंड’ क्षेत्र को सुरक्षित और स्पष्ट रखने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। जाली नोट और अपराध पर सख्ती सीमा सुरक्षा के साथ-साथ अपराध नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में पूर्वी चम्पारण में जाली नोट गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें 18,500 भारतीय और 25 लाख नेपाली जाली नोट बरामद किए गए। सीतामढ़ी में भी 49 लाख नेपाली और 20,100 भारतीय जाली नोट पकड़े गए हैं। इन मामलों में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा थे। इसके अलावा, मधुबनी और अररिया में फर्जी पहचान पत्र और आधार कार्ड बनाने वाले गिरोहों का भी भंडाफोड़ किया गया है। यह कार्रवाई सीमा पार अपराधों पर लगाम लगाने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। घुसपैठियों पर कड़ी नजर सुरक्षा एजेंसियों ने विदेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। हाल के दिनों में उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, चीन और अमेरिका के नागरिकों को अवैध रूप से सीमा पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह दिखाता है कि सीमा सुरक्षा अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II से विकास को बढ़ावा सीमावर्ती इलाकों के विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II’ के तहत सैकड़ों गांवों का चयन किया गया है। इस योजना का उद्देश्य इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना है। इस कार्यक्रम के तहत सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा, जिससे सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके। सरकार का स्पष्ट संदेश बिहार सरकार का यह अभियान साफ संकेत देता है कि सीमा सुरक्षा और विकास दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। अवैध गतिविधियों पर सख्ती और विकास योजनाओं के जरिए सरकार एक संतुलित रणनीति अपना रही है। FAQs 1. इंडो-नेपाल बॉर्डर बिहार अलर्ट क्या है? यह बिहार सरकार का एक सुरक्षा अभियान है, जिसके तहत सीमा पर निगरानी और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। 2. ‘नो मैन्स लैंड’ पर क्या कार्रवाई हो रही है? यहां अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर एक्शन चलाया जा रहा है। 3. किन जिलों में यह अभियान चल रहा है? पूर्वी चम्पारण, मधुबनी, किशनगंज, सीतामढ़ी, सुपौल और पश्चिमी चम्पारण में। 4. जाली नोट गिरोह पर क्या कार्रवाई हुई? कई जिलों में लाखों के जाली नोट बरामद कर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 5. क्या घुसपैठ पर भी नजर रखी जा रही है? हाँ, विदेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 6. वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II क्या है? यह सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए शुरू की गई सरकारी योजना है। इंडो-नेपाल बॉर्डर बिहार अलर्ट के तहत चल रही कार्रवाई से साफ है कि सरकार सीमा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अतिक्रमण हटाने, अपराध नियंत्रण और विकास योजनाओं के जरिए बिहार एक मजबूत और सुरक्षित सीमावर्ती राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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