अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
बिहार इतिहास परिषद के सम्मेलन में जुटेंगे इतिहासकारबिहार में एक और जमुई जैसा कांड... किशनगंज में युवती से बदसलूकीभारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी: ह्यूमन ट्रेफिकिंग व नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने को...बिहार विधान परिषद चुनाव में प्रशांत किशोर को बड़ा झटका, उम्मीदवार बनने के 24 घंटे में प्रत्याशी ने छोड़ी जन...शोक से समृद्धि की ओर! कोसी के दोनों तटबंधों पर बनेगा 354 KM फोरलेन, एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी'लुच्चा-लफंगा'... बिहार में लड़कियों से छेड़छाड़ पर आक्रोश के बीच जातीय बयानबाजी, मंत्री की यादव समाज पर वि...'उस लड़के ने मेरी बेटी का साथ...', जमुई कांड में पीड़िता की मां का बयानBihar News: बिहार में नहीं थम रहा छेड़खानी का सिलसिला, जमुई के बाद किशनगंज का वीडियो वायरलबिहार के मौसम वैज्ञानिक पॉलिटिशियन! मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर किसने दिया ज्ञान?Prashant Kishor News: बिहार के बाद दिल्ली में जन सुराज की एंट्री, 2027 MCD चुनाव से शुरू होगा सियासी सफरबिहार में सीमांचल-कोसी की सियासत पर भाजपा की नजर, मैदान में उतरे अनंत नारायण; ओवैसी फैक्‍टर पर भी नजरबिहार इतिहास परिषद के सम्मेलन में जुटेंगे इतिहासकारबिहार में एक और जमुई जैसा कांड... किशनगंज में युवती से बदसलूकीभारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी: ह्यूमन ट्रेफिकिंग व नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने को...बिहार विधान परिषद चुनाव में प्रशांत किशोर को बड़ा झटका, उम्मीदवार बनने के 24 घंटे में प्रत्याशी ने छोड़ी जन...शोक से समृद्धि की ओर! कोसी के दोनों तटबंधों पर बनेगा 354 KM फोरलेन, एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी'लुच्चा-लफंगा'... बिहार में लड़कियों से छेड़छाड़ पर आक्रोश के बीच जातीय बयानबाजी, मंत्री की यादव समाज पर वि...'उस लड़के ने मेरी बेटी का साथ...', जमुई कांड में पीड़िता की मां का बयानBihar News: बिहार में नहीं थम रहा छेड़खानी का सिलसिला, जमुई के बाद किशनगंज का वीडियो वायरलबिहार के मौसम वैज्ञानिक पॉलिटिशियन! मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर किसने दिया ज्ञान?Prashant Kishor News: बिहार के बाद दिल्ली में जन सुराज की एंट्री, 2027 MCD चुनाव से शुरू होगा सियासी सफरबिहार में सीमांचल-कोसी की सियासत पर भाजपा की नजर, मैदान में उतरे अनंत नारायण; ओवैसी फैक्‍टर पर भी नजर

Article Advertisement

Seemanchal

किसान सलाहकार द्वारा धान की खरीद प्रक्रिया की समुचित जानकारी किसानों को नहीं दिए

पौआखाली। प्रखंड के पंचायतों में स्थित पैक्स, किसान सलाहकार द्वारा धान की खरीद प्रक्रिया की समुचित जानकारी किसानों को नहीं दिए जाने के कारण किसान सरकार के समर्थन मूल्य 1868रू की जगह पर बेहद कम 1200 से 1300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिचौलियों को धान बेचने को विवश हैं। डुमरिया पंचायत के कुकुरमनी निवा

किसान सलाहकार द्वारा धान की खरीद प्रक्रिया की समुचित जानकारी किसानों को नहीं दिए

Article Advertisement

पौआखाली। प्रखंड के पंचायतों में स्थित पैक्स, किसान सलाहकार द्वारा धान की खरीद प्रक्रिया की समुचित जानकारी किसानों को नहीं दिए जाने के कारण किसान सरकार के समर्थन मूल्य 1868रू की जगह पर बेहद कम 1200 से 1300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिचौलियों को धान बेचने को विवश हैं। डुमरिया पंचायत के कुकुरमनी निवासी किसान उपेंद्र कुमार सिन्हा उर्फ पप्पू ने बताया कि पैक्स को धान बेचने की प्रक्रिया आम किसान के लिए बेहद जटिल है। खासकर आधी,बटाई करने वाले किसान पैक्स के झंझट में पड़ना ही नहीं चाहते हैं। किसान धान लेकर पैक्स गोदाम पहुंचते हैं तो वहां उन्हें ऑनलाइन निबंधन की बात बताई जाती है या फिर धान की नमी के मामले का हवाला देकर वापस कर दिया जाता है। जिससे निराश किसान स्थानीय व्यापारियों या बिचौलियों को समर्थन मूल्य से बेहद कम कीमत पर धान बेचने को विवश हो जाते हैं। धान की कटाई शुरू होने के साथ ही यदि पंचायत किसान सलाहकार संबंधित किसानों का निबंधन ऑनलाइन करवाने में मदद करें तो किसान को कुछ सहूलियत मिल सकती है, जिसका सर्वथा अभाव है। वही पैक्स में धान खरीद की प्रक्रिया के बाबत बताते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी महावीर प्रसाद ने बताया कि पैक्स में धान खरीद की प्रक्रिया बेहद सरल है। सबसे पहले किसान को अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पैक्स पोर्टल पर करवाना पड़ता है। जिसमें उन्हें अपने जमीन की रसीद देनी पड़ती है। वहीं आधी, बटाई करने वाले किसान ऑनलाइन घोषणा पत्र(एक तरह का फॉर्म जिसमें किसान द्वारा दी गई सूचना और उसके हस्ताक्षर तथा किसान सलाहकार या वार्ड सदस्य के हस्ताक्षर हों)में इसकी जानकारी देते हैं,जिसके बाद ऑनलाइन स्लिप के आधार पर संबंधित पैक्स में उनका निबंधन हो जाता है। इसके बाद किसान पैक्स को अपना धान,जिसकी नमी अधिकतम 21% हो,बेच सकते हैं,जिसका भुगतान यथाशीघ्र उनके खाते में कर दिया जाता है। मालिकाना हक वाले किसान जहां एक सौ से 200 क्विंटल तक मानक अनुरूप धान पैक्स को दे सकते हैं,वहीं आधी,बटाई करने वाले किसान एक सौ क्विंटल तक बिक्री कर सकते हैं।source hindustan

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read