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छपरा में अस्पताल की ही जमीन बेच डाली गई, अब फंसा है ये पेंच

छपरा में अस्पताल की ही जमीन बेच डाली गई, अब फंसा है ये पेंच प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा सीओ को दिए आवेदन में बताया गया है की अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वाली इस भूमि को रामपुर कला के ही रहने वाले विश्वप्रताप सिंह द्वारा अवैध रूप यह भूमि पटेढा के रहने वाले धनंजय पांडे को बेचा गया है. छपर

छपरा में अस्पताल की ही जमीन बेच डाली गई, अब फंसा है ये पेंच

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छपरा में अस्पताल की ही जमीन बेच डाली गई, अब फंसा है ये पेंच प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा सीओ को दिए आवेदन में बताया गया है की अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वाली इस भूमि को रामपुर कला के ही रहने वाले विश्वप्रताप सिंह द्वारा अवैध रूप यह भूमि पटेढा के रहने वाले धनंजय पांडे को बेचा गया है. छपरा में नगरा प्रखंड के रामपुर कलां स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित प्रखंड स्तरीय चिकित्सालय परिसर की भूमि से लगभग एक कट्ठा जमीन बेचने का मामला प्रकाश में आया है. इस मामले में नगर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी महेंद्र मोहन ने अंचलाधिकारी को आवेदन देकर अस्पताल की भूमि का दाखिल खारिज ना करने के साथ साथ आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है. वहीं, सीओ मोहित शर्मा ने कहा कि जब रजिस्ट्री वाले कागजात दाखिल खारिज के लिए आयेंगे तब उसे दाखिल खारिज से रोक दिया जायेगा. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा सीओ को दिए आवेदन में बताया गया है की अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वाली इस भूमि को रामपुर कला के ही रहने वाले विश्वप्रताप सिंह द्वारा अवैध रूप यह भूमि पटेढा के रहने वाले धनंजय पांडे को बेचा गया है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि इस जमीन पर करीबन 50 वर्षो से पुराने स्वास्थ्य उपकेंद्र के बाद नया अस्पताल का संचालन हो रहा है, जिसको को लेकर उन्होंने अवैध बिक्री पर कानूनी कारवाई की बात लिखी है. मामला प्रकाश में आने के बाद आरोपी विश्वप्रताप सिंह ने बताया की वह जमीन उसके पूर्वजों द्वारा अस्पताल संचालन के लिए दिया गया था. 20 वर्ष पहले जब पुराना भवन था, उसके बाद 2006 में संबंधित भूमि के एक साइड में नया भवन बनाया गया और ये जमीन आज भी उसके दादा राजेश्वर सिंह के नाम से जमाबंदी कायम है. जिसका मौजूदा समेय का लगान रसीद उनके पास है. उन्होंने कहा की यह जमीन मेरी तो फिर बिक्री अवैध कैसी? मामला प्रकाश में आने के बाद सीओ ने जांच का आश्वासन दिया है. अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा की अस्पताल वाली भूमि किसकी है. एक तरफ अस्पताल प्रबंधन विक्रेता को अवैध बता रही है तो दूसरी तरफ विक्रेता इस जमीन को पैतृक जमीन बता रहे है. अब देखने वाली बात यह होगी की आखिर जांच के बाद नतीजा क्या समाने आता है.

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