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बिहार में बन रहा बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय है बेहद खूबसूरत, लगाए गए हैं 38500 राजस्थानी गुलाबी पत्थर

बिहार में बन रहा बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय है बेहद खूबसूरत, लगाए गए हैं 38500 राजस्थानी गुलाबी पत्थर Bihar Tourism : बिहार के वैशाली में बन रहे बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मारक स्तूप का निर्माण अपने अंतिम चरण में है. यहां फिनिशिंग का काम किया जा रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा. यह जगह बे

बिहार में बन रहा बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय है बेहद खूबसूरत, लगाए गए हैं 38500 राजस्थानी गुलाबी पत्थर

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बिहार में बन रहा बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय है बेहद खूबसूरत, लगाए गए हैं 38500 राजस्थानी गुलाबी पत्थर Bihar Tourism : बिहार के वैशाली में बन रहे बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मारक स्तूप का निर्माण अपने अंतिम चरण में है. यहां फिनिशिंग का काम किया जा रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा. यह जगह बेहद खूबसूरत और शांत है. Bihar Tourism: बिहार के वैशाली में बन रहे बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मारक स्तूप का निर्माण लगभग पूरा हो गया है. 550.48 करोड़ रुपये की लागत से 72.94 एकड़ में बन रहा यह स्तूप न केवल धार्मिक स्थल है बल्कि यह कला और सौंदर्य का भी बेहतरीन संगम है. इस संग्रहालय की खूबसूरती देखने लायक है. यह पूरा परिसर हरियाली और शांति से भरपूर है. जो इसके बन जाने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देगा. लगाए गए हैं राजस्थान से लाए गए 38500 गुलाबी पत्थर इस स्तूप को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए राजस्थान से गुलाबी पत्थर मंगवाए गए हैं. इसमें 38500 पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. यह संरचना पूरी तरह से पत्थरों से बनी है और पत्थरों को जोड़ने के लिए सीमेंट या किसी चिपकने वाली चीज या अन्य चीजों का इस्तेमाल नहीं किया गया है. आने वाले समय में इस स्तूप का आर्किटेक्चर अपनी एक अलग पहचान बनाएगा. यहां आने वाले पर्यटक भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन और स्मृति चिन्हों का अनूठा चित्रण देख सकेंगे. स्तूप का निरीक्षण करने आईएएस कुमार रवि 33 मीटर ऊंचा है स्तूप परिसर में करीब 4300 वर्ग मीटर जमीन पर स्तूप का निर्माण किया गया है. स्तूप की कुल ऊंचाई 33 मीटर है. स्तूप के अंदर करीब 2000 श्रद्धालुओं के बैठने और ध्यान लगाने के लिए एक विशाल हॉल बनाया गया है. भगवान बुद्ध से जुड़ी यादों को संजोने के लिए संग्रहालय में भगवान बुद्ध से जुड़ी प्रदर्शनी और कलाकृतियां भी लगाई गई हैं. पर्यावरण का भी रखा गया है विशेष ध्यान स्तूप परिसर में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया है. परिसर को खूबसूरत दिखाने के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ लगाकर हरियाली विकसित की गई है. कुल हरियाली क्षेत्र करीब 271689 वर्ग मीटर है. सौर ऊर्जा से बिजली आपूर्ति के लिए सोलर पावर प्लांट लगाए गए हैं. इसके साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए गए हैं. परिसर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए तालाब का निर्माण भी कराया जा रहा है. इसके अलावा स्तूप परिसर में कई जगहों पर छोटे-छोटे काम कराए जा रहे हैं, ताकि परिसर और भी खूबसूरत और आकर्षक दिख सके. स्तूप में रखा जाएगा भगवान बुद्ध का अस्थि कलश वैशाली में भगवान बुद्ध का अस्थि कलश मिला है, जिसे बुद्ध स्मृति स्तूप में स्थापित किया जाएगा. संग्रहालय में महात्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी घटनाओं और बौद्ध धर्म से जुड़ी घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है. इस निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद बौद्ध धर्मावलंबियों के साथ-साथ देश-विदेश से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आएंगे. यह बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा. इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.  

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