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ई तो लोचा हो गया..! नीतीश कुमार के मंत्री 1 मिनट देरी से पहुंचे तो नामांकन नहीं कर पाए

बांका: बिहार विधानसभा चुनाव में हर दिन कुछ नया और दिलचस्प देखने को मिल रहा है। इसी बीच बांका से आई खबर ने सभी को हैरान कर दिया। नीतीश कुमार सरकार में भवन निर्माण मंत्री जयंत राज महज एक मिनट की देरी से पहुंचे और इस वजह से नामांकन दाखिल नहीं कर पाए । क्या है पूरा मामला? शुक्रवार को बिहार सरकार के मंत्

ई तो लोचा हो गया..! नीतीश कुमार के मंत्री 1 मिनट देरी से पहुंचे तो नामांकन नहीं कर पाए

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बांका: बिहार विधानसभा चुनाव में हर दिन कुछ नया और दिलचस्प देखने को मिल रहा है। इसी बीच बांका से आई खबर ने सभी को हैरान कर दिया। नीतीश कुमार सरकार में भवन निर्माण मंत्री जयंत राज महज एक मिनट की देरी से पहुंचे और इस वजह से नामांकन दाखिल नहीं कर पाए । क्या है पूरा मामला? शुक्रवार को बिहार सरकार के मंत्री जयंत राज अमरपुर विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू उम्मीदवार के रूप में नामांकन करने पहुंचे थे। वो समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बड़े लाव-लश्कर के साथ बांका के नामांकन कार्यालय पहुंचे। चारों ओर जयकारे गूंज रहे थे, कार्यकर्ता “जयंत राज ज़िंदाबाद” के नारे लगा रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मंत्री जी एक मिनट लेट हो गए जब तक जयंत राज नामांकन कक्ष में पहुंचे, तब तक नामांकन दाखिल करने का समय समाप्त हो चुका था । चुनाव आयोग के अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए साफ कहा कि — “नामांकन की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। अब आपका नामांकन आज संभव नहीं है।” जयंत राज ने भी नियमों का सम्मान करते हुए कहा — “एक मिनट लेट हो गया, चुनाव आयोग का नियम सब पर समान रूप से लागू होता है। हम उसका पालन करेंगे। अब शनिवार को नामांकन करेंगे।” नामांकन नहीं हो पाने के बाद का नज़ारा कार्यालय से बाहर निकलते हुए जयंत राज शांत दिखे। समर्थक भी थोड़े निराश हुए, लेकिन मंत्री ने सभी को धैर्य रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अभी दूसरे चरण का नामांकन समय सीमा (20 अक्टूबर) तक जारी है, इसलिए वे अगले दिन पर्चा दाखिल करेंगे। समय और अनुशासन का सबक यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि समय की एक मिनट की देरी कभी-कभी बड़े असर छोड़ जाती है। बिहार चुनाव में यह एक उदाहरण बन गया है कि चुनाव आयोग के नियमों के सामने कोई बड़ा या छोटा नहीं — सबके लिए समान कानून लागू होता है। सोमवार तक है नामांकन की अंतिम तारीख शुक्रवार पहले चरण के नामांकन का आखिरी दिन था, जबकि दूसरे चरण के लिए 20 अक्टूबर (सोमवार) तक उम्मीदवार अपना पर्चा दाखिल कर सकते हैं। जयंत राज के पास अभी तीन दिन का समय है, इसलिए वे अब शनिवार या रविवार को औपचारिक रूप से नामांकन करेंगे। जयंत राज कौन हैं? जयंत राज बिहार सरकार में भवन निर्माण मंत्री हैं और अमरपुर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं। वे नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं और जेडीयू के युवा चेहरों में से एक हैं। उनके पिता, राज किशोर राज , भी बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। 2020 का विधानसभा परिणाम 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जयंत राज ने कांग्रेस उम्मीदवार जितेन्द्र सिंह को 3,114 वोटों से हराया था। जयंत राज को कुल 54,308 वोट मिले थे। जितेन्द्र सिंह को 51,194 वोट प्राप्त हुए थे। यह सीट जेडीयू का पारंपरिक गढ़ मानी जाती है। नीतीश कुमार सरकार में यह पहली अनोखी घटना यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने कहा — “समय का पालन मंत्री हों या आम आदमी, सभी के लिए जरूरी है।” वहीं कुछ लोगों ने इसे ब्यूरोक्रेटिक सख्ती बताते हुए कहा कि “चुनाव आयोग ने निष्पक्षता की मिसाल पेश की।” मंत्री का बयान जयंत राज ने मीडिया से कहा — “एक मिनट का फर्क हो गया। यह मेरी चूक है। चुनाव आयोग का जो नियम है, हम सबको पालन करना चाहिए। शनिवार को नामांकन करेंगे।” राजनीतिक विरोधियों की प्रतिक्रिया विपक्षी दलों ने इस घटना पर चुटकी ली है। कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा — “जब मंत्री समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो जनता की समस्याओं का समाधान कैसे करेंगे?” हालांकि जेडीयू नेताओं ने इसे “सामान्य प्रशासनिक मामला” बताया और कहा कि मंत्री शनिवार को विधिवत नामांकन करेंगे। सोशल मीडिया पर '1 मिनट' ट्रेंड इस घटना के बाद ट्विटर (X) और फेसबुक पर #1MinuteLate और #JayantRaj ट्रेंड करने लगा। लोग मीम्स और मज़ेदार टिप्पणियों से इस घटना को वायरल कर रहे हैं। कई यूज़र्स ने लिखा — “अब बिहार चुनाव में टाइमिंग सबसे बड़ा मुद्दा है!” निष्कर्ष बांका से आई यह खबर दिखाती है कि चुनाव आयोग के नियम सभी के लिए समान हैं । भले ही मंत्री हों या आम उम्मीदवार — एक मिनट की देरी भी चुनावी प्रक्रिया में बड़ी चूक साबित हो सकती है। अब सबकी निगाहें शनिवार को जयंत राज के नामांकन पर टिकी हैं। FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न Q1. जयंत राज कौन हैं? 👉 बिहार सरकार में भवन निर्माण मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता हैं। Q2. नामांकन क्यों नहीं हो पाया? 👉 वे एक मिनट देरी से पहुंचे, जबकि चुनाव आयोग ने नामांकन का समय समाप्त कर दिया था। Q3. अब वे कब नामांकन करेंगे? 👉 शनिवार या रविवार को, क्योंकि 20 अक्टूबर तक समय है। Q4. किस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं? 👉 अमरपुर विधानसभा सीट (बांका जिला) से। Q5. 2020 में उन्होंने किसे हराया था? 👉 कांग्रेस उम्मीदवार जितेन्द्र सिंह को 3,114 वोटों से हराया था। 🔗 स्रोत: Election Commission of India – Bihar Assembly Elections 2025

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