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Politics

Bihar Bhumi: CO पर फिर सख्त हुए विजय सिन्हा, रेवेन्यू कोर्ट के आदेशों में लापरवाही अब नहीं चलेगी

पटना: बिहार में भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। विजय कुमार सिन्हा , जो उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री हैं, ने एक बार फिर अंचल अधिकारियों (CO) को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि रेवेन्यू कोर्ट (Reven

Bihar Bhumi: CO पर फिर सख्त हुए विजय सिन्हा, रेवेन्यू कोर्ट के आदेशों में लापरवाही अब नहीं चलेगी

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पटना: बिहार में भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। विजय कुमार सिन्हा , जो उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री हैं, ने एक बार फिर अंचल अधिकारियों (CO) को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि रेवेन्यू कोर्ट (Revenue Court) के आदेशों को सात दिनों के भीतर लागू करना अनिवार्य होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही या जानबूझकर देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सख्ती Bihar Bhumi से जुड़े मामलों में तेजी लाने और आम नागरिकों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से की गई है। 7 दिन में आदेश लागू करना अनिवार्य मंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि सुपीरियर रेवेन्यू कोर्ट से जारी आदेश जैसे ही RCMS पोर्टल पर अपलोड होंगे, संबंधित अंचल अधिकारी को सात दिनों के भीतर उसका अनुपालन सुनिश्चित करना होगा । यदि किसी मामले में सरकारी जमीन या सरकार के हित जुड़े हैं, तो उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। “रेवेन्यू कोर्ट के आदेशों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही या जानबूझकर देरी स्वीकार्य नहीं होगी। दोषी अधिकारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।” — विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री Bihar Bhumi मामलों में बढ़ी शिकायतें हाल के महीनों में Bihar Bhumi से जुड़े मामलों में यह शिकायत सामने आई थी कि कई अंचल अधिकारी, एडिशनल कलेक्टर और भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) के अर्द्ध-न्यायिक आदेशों को लंबे समय तक लंबित रख रहे हैं। खासकर जमाबंदी रद्द , सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराने और नामांतरण (Mutation) जैसे मामलों में देरी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया। प्रधान सचिव ने जारी किया सख्त निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने इस संबंध में सभी अंचल अधिकारियों को एक विस्तृत पत्र जारी किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के भूमि सुधार जन संवाद के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई स्थानों पर न्यायिक आदेशों का जानबूझकर पालन नहीं किया जा रहा। विभाग ने इसे न्यायिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताया है। रेवेन्यू कोर्ट सिस्टम कैसे काम करता है पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि— अंचल अधिकारी (CO) प्राथमिक रेवेन्यू कोर्ट के रूप में कार्य करते हैं भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) , CO के आदेशों के अपीलीय प्राधिकारी होते हैं एडिशनल कलेक्टर जमाबंदी रद्द मामलों की प्रारंभिक सुनवाई करते हैं जिला कलेक्टर जिले में रेवेन्यू कोर्ट प्रशासन के सर्वोच्च अधिकारी होते हैं डिविजनल कमिश्नर कलेक्टर के आदेशों के अपीलीय प्राधिकारी होते हैं इन सभी स्तरों पर पारित आदेश निचली अदालतों और अधिकारियों के लिए बाध्यकारी होते हैं। RCMS पोर्टल से होगी निगरानी अब रेवेन्यू कोर्ट के आदेशों की निगरानी RCMS पोर्टल के जरिए की जाएगी। अंचल अधिकारियों को आदेश के अनुपालन की ऑथेंटिक रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर जिला कलेक्टर को भेजनी होगी। डिविजनल कमिश्नर अपने-अपने प्रमंडल में यह सुनिश्चित करेंगे कि— आदेश समय सीमा में लागू हों सरकारी भूमि की सुरक्षा हो अनावश्यक विवाद और भ्रष्टाचार पर रोक लगे लापरवाही पर तय है कार्रवाई मंत्री विजय सिन्हा ने साफ कर दिया है कि— जानबूझकर आदेश लंबित रखने वाले CO पर विभागीय कार्रवाई होगी जरूरत पड़ने पर निलंबन और वेतन रोक जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है जिम्मेदारी तय कर दोषी अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा सरकार का मानना है कि इससे Bihar Bhumi से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आम जनता को क्या फायदा होगा इस फैसले से— भूमि विवादों का तेजी से निपटारा होगा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कम होंगे रेवेन्यू कोर्ट के आदेशों का सम्मान बढ़ेगा नागरिकों का भरोसा प्रशासन पर मजबूत होगा Bihar Bhumi को लेकर सरकार का यह सख्त रुख साफ संकेत है कि अब राजस्व व्यवस्था में ढिलाई नहीं चलेगी। रेवेन्यू कोर्ट के आदेशों का पालन समय पर होगा और लापरवाह अधिकारियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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