अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
1 अक्टूबर को पटना में जमा होंगे बिहार में वोटिंग का अधिकार खोने वाले, वाम नेता दीपांकर भट्टाचार्य का बड़ा ऐलानChapra News: सांसद राजीव प्रताप चुने गए वालीबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्षबिहार विधान परिषद चुनाव: JDU में सीट बंटवारे के बाद BJP उम्मीदवारों पर मंथन जारी, जानिए किसे मिल सकता है टिकटNew Flyover : बिहार में बनेगा 2 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर, खत्म हो जाएगा बाजार का पूरा जामक्या है कुख्यात कोढ़ा गिरोह? जिसके लिए बिहार पुलिस ने बनाया स्पेशल टास्क फोर्स, कटिहार जिले से कनेक्शनबिहार मुसहर सेवा संघ के शिष्टमंडल ने पीड़ित परिवारों से मिलकर जुटाई जानकारीबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 27 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार'बिहार में कोई सुरक्षित नहीं' चिराग के कमेंट को जन सुराज ने लपका, CM की 'चाटुकारिता' में लगे नेताओं से पूछा सवालBhagalpur News: जमुई: झाझा में बिहार महादलित विकास संघ का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित'मुझे खुद शर्म आती है कि मैं ऐसी सरकार का हिस्सा हूं', बिहार में लगातार हो रही घटनाओं पर बोले चिराग पासवानअररिया: जोगबनी बीसीपी गेट में एसएसबी एपीएफ की समन्वय बैठक1 अक्टूबर को पटना में जमा होंगे बिहार में वोटिंग का अधिकार खोने वाले, वाम नेता दीपांकर भट्टाचार्य का बड़ा ऐलानChapra News: सांसद राजीव प्रताप चुने गए वालीबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्षबिहार विधान परिषद चुनाव: JDU में सीट बंटवारे के बाद BJP उम्मीदवारों पर मंथन जारी, जानिए किसे मिल सकता है टिकटNew Flyover : बिहार में बनेगा 2 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर, खत्म हो जाएगा बाजार का पूरा जामक्या है कुख्यात कोढ़ा गिरोह? जिसके लिए बिहार पुलिस ने बनाया स्पेशल टास्क फोर्स, कटिहार जिले से कनेक्शनबिहार मुसहर सेवा संघ के शिष्टमंडल ने पीड़ित परिवारों से मिलकर जुटाई जानकारीबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 27 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार'बिहार में कोई सुरक्षित नहीं' चिराग के कमेंट को जन सुराज ने लपका, CM की 'चाटुकारिता' में लगे नेताओं से पूछा सवालBhagalpur News: जमुई: झाझा में बिहार महादलित विकास संघ का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित'मुझे खुद शर्म आती है कि मैं ऐसी सरकार का हिस्सा हूं', बिहार में लगातार हो रही घटनाओं पर बोले चिराग पासवानअररिया: जोगबनी बीसीपी गेट में एसएसबी एपीएफ की समन्वय बैठक

Article Advertisement

Border News

नेपाल-भारत संबंधों में बढ़ा तनाव. नए नक्शे के लिए बिल नेपाली संसद में पेश..चयनित बॉर्डर पर ही मिलेगी भारतीयों को एंट्री.

नेपाल ने लिया विवादास्पद फैसला, पहली बार भारतीय सीमा पर करेगा सेना की तैनाती......... अररिया/फारबिसगंज - नेपाल और भारत‌ के बीच‌ चल रहे सीमा विवाद में नेपाल के तरफ से एक और विवादास्पद फैसला किया गया है. नेपाल सरकार ने नेपाल प्रवेश करने के लिए खुली सीमाओं को बंद करने और सरकार द्वारा निर्धारित सीमा क्ष

नेपाल-भारत संबंधों में बढ़ा तनाव. नए नक्शे के लिए बिल नेपाली संसद में पेश..चयनित बॉर्डर पर ही मिलेगी भारतीयों को एंट्री.

Article Advertisement

नेपाल ने लिया विवादास्पद फैसला, पहली बार भारतीय सीमा पर करेगा सेना की तैनाती......... अररिया/फारबिसगंज - नेपाल और भारत‌ के बीच‌ चल रहे सीमा विवाद में नेपाल के तरफ से एक और विवादास्पद फैसला किया गया है. नेपाल सरकार ने नेपाल प्रवेश करने के लिए खुली सीमाओं को बंद करने और सरकार द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र से ही नेपाल में एंट्री देने का फैसला किया है. भारत के साथ तनाव को देखते हुए नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दी है. ऐसा पहली बार हो रहा है. नेपाल और भारत के बीच करीब 1,700 किलोमीटर की खुली सीमाएं हैं. अभी तक नेपाल आने वाले भारतीय नागरिकों को बिना रोक-टोक अपनी सुविधा के मुताबिक इन खुली सीमाओं से एंट्री मिलती थी. नेपाल सरकार के ताजा फैसले से अब सिर्फ निर्धारित सीमा से ही नेपाल में प्रवेश करने की इजाजत मिलेगी. जिस दिन नेपाल सरकार ने भारतीय क्षेत्रों को मिलाकर अपना नया नक्शा जारी किया था, यह निर्णय उसी दौरान लिया गया है. लेकिन सरकार ने एक हफ्ते तक इस निर्णय को छिपा कर रखा. राजपत्र में प्रकाशित करने के बाद इसे सार्वजनिक किया गया है. सीमा विवाद को लेकर भारत से टकराव के मूड में रहे नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की कैबिनेट ने सीमा व्यवस्थापन और सुरक्षा के नाम पर सख्ती दिखाते हुए भारत से लगी 20 सीमाओं को छोड़कर बाकी सभी को बन्द करने का निर्णय किया है.भारत के साथ तनाव को देखते हुए नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दे दी है. यह पहली बार है जब नेपाल-भारत सीमा पर सेना की तैनाती होने जा रही है. अब तक भारत के तरफ सीमा की निगरानी एसएसबी करती थी वहीं नेपाल की तरफ से सशस्त्र प्रहरी बल के हवाले सुरक्षा की जिम्मेदारी थी. नेपाल के हर सीमावर्ती जिलों में सैन्य बैरक होने के बावजूद सीमा की निगरानी या सुरक्षा के नाम पर सेना को बॉर्डर पर कभी नहीं भेजा गया था.नेपाल भारत के बीच बॉर्डर को नियंत्रित करना, बन्द करना और सेना की तैनाती करना दोनों देशों के बीच 1950 में हुए मैत्री संधि के खिलाफ है. नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से इस संधि के खिलाफ रही है. इनके चुनावी घोषणा पत्र से लेकर हर सभा सम्मेलन में आजाद भारत के साथ हुए पहले समझौते का विरोध किया जाता रहा है. कम्युनिस्ट नेताओं का एक बड़ा एजेंडा‌ भारत के साथ रहे सांस्कृतिक, धार्मिक, पारिवारिक और राजनीतिक संबंधों को खत्म करना रहा है. 20 जगहों से ही होगी भारतीयों की एंट्री.इस निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिव नारायण बिडारी ने कहा कि कैबिनेट ने यह फैसला लिया है कि ‌भारत से आने वाले लोगों को अब सिर्फ 20 सीमा गेट से ही आने की इजाजत मिलेगी. नेपाल के 22 जिलों की सीमा भारत से जुड़ी है. सरकार ने सिर्फ 20 जिलों के लिए एक-एक एंट्री प्वाइंट तय किए हैं.सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले होंगे परेशान.नेपाल सरकार के निर्णय से सबसे अधिक परेशानी सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ही होने वाली है. व्यापार, व्यवसाय रोजगार और शादी-विवाह तक दोनों देशों के बीच सामान्य तरीके से होता है. ऐसे में नए नियमों से लोगों को परेशान होना पड़ेगा. लाखों की संख्या में लोग हर रोज सीमा आर-पार करते हैं. अब नेपाल में वैध आईडी कार्ड के साथ ही एंट्री मिलेगी. शादी के संबंध में नेपाल ने बदली नीति- नेपाल के नए संविधान में भारतीय लड़कियों ‌के नेपाल में शादी होने पर उन्हें राजनीतिक अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है. यह नियम लगाकर पारिवारिक रिश्तों को खत्म करने योजना बनाई गई है. नेपाल कभी पशुपतिनाथ के पुजारी को हटाने के बहाने तो कभी भारत के चारधामों और कुम्भ को न मानने के बहाने धार्मिक रिश्तों पर चोट पहुंचा रहा है. अब सीमा नियंत्रण करके जन-जन के संबंधों को खत्म करने की साजिश की जा रही है. विशेष संवाददाता -विनय ठाकुर (सीमांचल लाइव )

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read