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वादियों का आनंद लेने के लिए अब कश्मीर जाने की जरूरत नहीं, इस जिले में ही मिलेगा शिमला का मजा

वादियों का आनंद लेने के लिए अब कश्मीर जाने की जरूरत नहीं, इस जिले में ही मिलेगा शिमला का मजा   लोग प्राकृतिक वादियों का आनंद लेने के लिए अक्सर शिमला - कश्मीर जाते रहते हैं, लेकिन कैमूर जिले के अधौरा पहाड़ी पर स्थित तेल्हर कुंद लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है. पहाड़ के ऊपर से नीचे गिरते हुए पानी

वादियों का आनंद लेने के लिए अब कश्मीर जाने की जरूरत नहीं, इस जिले में ही मिलेगा शिमला का मजा

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वादियों का आनंद लेने के लिए अब कश्मीर जाने की जरूरत नहीं, इस जिले में ही मिलेगा शिमला का मजा   लोग प्राकृतिक वादियों का आनंद लेने के लिए अक्सर शिमला - कश्मीर जाते रहते हैं, लेकिन कैमूर जिले के अधौरा पहाड़ी पर स्थित तेल्हर कुंद लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है. पहाड़ के ऊपर से नीचे गिरते हुए पानी और पहाड़ी वादियां सबका मन मोह ले रही है. कोई पिकनिक स्पॉट के रूप में तेलहाड़ कुंड का उपयोग कर रहा है तो कई लोग तेल्हर कुंद पर नहाते सेल्फी लेते मौज मस्ती करते देखे गए. वन विभाग भी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहाड़ के किनारे किनारे वेरीकेटिंग करा रहा है. वन विभाग कुंड को देखने के लिए जाने वाले मार्ग की सड़कों को दुरुस्त करा रहा तो बाहर से आ रहे पर्यटकों के लिए बैठने का इंतजाम किया रहा है, जिससे कि लोगों को कोई परेशानी ना हो. पर्यटकों की लगती है भीड़ कुंड विशेषकर बारिश के मौसम में देखने लायक मनमोहक दृश्य होता है. जहां पहाड़ी इलाकों में हो रहे पानी पहाड़ी रास्ते पकड़कर कुंड में गिरता है तो आसपास चारों तरफ धुआं सा नजारा हो जाता है जो काफी ही मनमोहक लगता है. अक्सर यहां पर पर्यटकों की भीड़ देखी जाती है. कश्मीर से कम नहीं है तेल्हर कुंद लोगों ने बताया कि प्राकृतिक नेचर को देखने के लिए हम लोग पटना से अपने दोस्तों के साथ आए हुए हैं. लोग तो कहते हैं बिहार में कुछ नहीं है, लेकिन बिहार में काफी प्राकृतिक छटा है जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती है. कैमूर जिले के रहने वाले मेरे दोस्त द्वारा काफी इसका चर्चा किया गया था. जिसके बाद यह देखने के लिए आया हूं. जो लोग बिहार छोड़कर बाहर घूमने के लिए जाते हैं एक बार बिहार के नेचर को देखें कश्मीर से कम नहीं है. पहाड़ी पर किया गया बैरिकेटिंग वहीं, झारखंड से आए लोगों ने बताया कि कैमूर जिले के तेल्हर कुंद के बारे में मित्रों से काफी सुना था जिसके बाद आज मैं देखने के लिए आया हूं. यहां आया तो देखा कि पर्यटन विभाग द्वारा इसे विकसित किया जा रहा है जो जबलपुर के पास नर्मदा नदी में धुआंधार जलप्रपात है. ठीक उसी तरह का नजारा यहां भी देखने को मिल रहा है. प्रशासन ने जो यहां पर बैरिकेटिंग पहाड़ी पर कराया है वह सराहनीय है. पर्यटकों के लिए की गई हर व्यवस्था कैमूर डीएफओ चंचल प्रकाश ने बताया कि भभुआ अधौरा पथ पर तेल्हर कुंद सीजनल जलप्रपात है. यहां बारिश के समय में पानी गिरता है और उसे देखने के लिए काफी संख्या में लोग आते हैं. कुंड के आसपास हम लोगों ने बैरिकेटिंग कराया है क्योंकि कुंड बहुत गहरा है. जब बैरिकेडिंग नहीं था तो लोगों के गिरने की संभावना बनी रहती थी. इसकी खूबसूरती बढ़ी है और सुरछित हो गया है. यहां पर पर्यटकों को बैठने के लिए बेंच और डेस्क की व्यवस्था करा दी गई है. यहां पर पश्चिम बंगाल, बिहार ,यूपी ,झारखंड सहित कई राज्यों के लोग आते हैं क्योंकि इसकी गिनती गहरे कुंडों में होती है.    

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