अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
सीमांचल में आज मौसम बदलेगा: अररिया, किशनगंज, पूर्णिया समेत कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवा का अलर्टबिहार कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह: 29 नेताओं को Show-Cause Notice, क्या पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं?अररिया में भारत-नेपाल सीमा के पास 55 किलो गांजा बरामद, तस्कर फरार; SSB और पुलिस की संयुक्त कार्रवाईकिशनगंज में ट्रक रोककर सोयाबीन तेल की लूट, SP ने किया घटनास्थल का निरीक्षण; हाईवे सुरक्षा पर उठे सवालDigital Arrest Scam से रहें सावधान: वीडियो कॉल पर पुलिस बनकर ठग रहे साइबर अपराधी, जानिए कैसे बचेंभारत-अफगानिस्तान T20 से पहले बड़ा अपडेट: बुमराह फिट, हर्षित राणा बाहर; दिल्ली में मैच को लेकर सुरक्षा चुनौतीHaiwaan Box Office: अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म ने पहले दिन कैसी शुरुआत की, जानिए पूरी रिपोर्टकच्चा तेल 108 डॉलर के पार: क्या बिहार में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? जानिए आपकी जेब पर कितना असर पड़ सकता हैहत्या के 12 साल बाद जिंदा! : बिहार में कहां आया यह मामला सामने? आप पुलिस ने किस तरफ शुरू किया अनुसंधानबाइक एक्सीडेंट में टूटे पैर तो सरकारी अस्पताल ने लपेटे दिए ‘गत्ते’, तेजस्वी यादव बोले- विभाग ही ICU में हैफरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं : जदयूशुभाशीष बने बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश सचिवसीमांचल में आज मौसम बदलेगा: अररिया, किशनगंज, पूर्णिया समेत कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवा का अलर्टबिहार कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह: 29 नेताओं को Show-Cause Notice, क्या पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं?अररिया में भारत-नेपाल सीमा के पास 55 किलो गांजा बरामद, तस्कर फरार; SSB और पुलिस की संयुक्त कार्रवाईकिशनगंज में ट्रक रोककर सोयाबीन तेल की लूट, SP ने किया घटनास्थल का निरीक्षण; हाईवे सुरक्षा पर उठे सवालDigital Arrest Scam से रहें सावधान: वीडियो कॉल पर पुलिस बनकर ठग रहे साइबर अपराधी, जानिए कैसे बचेंभारत-अफगानिस्तान T20 से पहले बड़ा अपडेट: बुमराह फिट, हर्षित राणा बाहर; दिल्ली में मैच को लेकर सुरक्षा चुनौतीHaiwaan Box Office: अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म ने पहले दिन कैसी शुरुआत की, जानिए पूरी रिपोर्टकच्चा तेल 108 डॉलर के पार: क्या बिहार में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? जानिए आपकी जेब पर कितना असर पड़ सकता हैहत्या के 12 साल बाद जिंदा! : बिहार में कहां आया यह मामला सामने? आप पुलिस ने किस तरफ शुरू किया अनुसंधानबाइक एक्सीडेंट में टूटे पैर तो सरकारी अस्पताल ने लपेटे दिए ‘गत्ते’, तेजस्वी यादव बोले- विभाग ही ICU में हैफरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं : जदयूशुभाशीष बने बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश सचिव

Article Advertisement

India

‘मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती’ Amazon के फाउंडर Jeff Bezos ने क्यों कहा ऐसा?

‘मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती’ Amazon के फाउंडर Jeff Bezos ने क्यों कहा ऐसा? Amazon founder Jeff Bezos: अमेजन के फाउंडर ने एक समिट के दौरान बताया कि उन्हें "डिसआर्गेनाइज्ड" स्टाइल मीटिंग पसंद है और मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती। चलिए जानें Jeff Bezos ने ऐसा क्यों कहा... Amazon founder Jeff

‘मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती’ Amazon के फाउंडर Jeff Bezos ने क्यों कहा ऐसा?

Article Advertisement

‘मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती’ Amazon के फाउंडर Jeff Bezos ने क्यों कहा ऐसा? Amazon founder Jeff Bezos: अमेजन के फाउंडर ने एक समिट के दौरान बताया कि उन्हें "डिसआर्गेनाइज्ड" स्टाइल मीटिंग पसंद है और मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती। चलिए जानें Jeff Bezos ने ऐसा क्यों कहा... Amazon founder Jeff Bezos: क्या आप जानते हैं Amazon के फाउंडर जेफ बेजोस मीटिंग के अपने खास अंदाज के लिए काफी ज्यादा पॉपुलर हैं। उनकी मीटिंग में सबसे ज्यादा फोकस इन-डेप्थ डिस्कशन और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देना पर रहता है। जेफ बेजोस मीटिंग की शुरुआत में ही सभी पार्टिसिपेंट्स को 6 पन्नों का एक दस्तावेज पढ़ने के लिए कहते हैं। इससे सभी को जरूरी जानकारी मिलती है और चर्चा के लिए एक मजबूत बेस तैयार हो जाता है लेकिन न्यू यॉर्क टाइम्स DealBook समिट के दौरान उन्होंने यह कहा कि मीटिंग का अव्यवस्थित होना भी काफी ज्यादा अच्छा होगा है। चलिए जानें कैसे… बेजोस का “डिसआर्गेनाइज्ड” स्टाइल बेजोस का कहना है कि मीटिंग में कभी-कभी मुद्दों का भटकना और अलग-अलग विचारों को जगह देना काफी इम्पोर्टेन्ट होता है। यह प्रोसेस नई सोच और नए विचारों को बढ़ावा देता है। यह हर लेवल के लोगों को अपनी राय रखने के लिए इनकरेज करता है। बेजोस का कहना है कि “मुझे मीटिंग में विषयों का भटकना अच्छा लगता है। मैं तब तक मीटिंग खत्म नहीं करता जब तक हम पूरी तरह से काम खत्म नहीं कर लेते।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हर मीटिंग ऐसी नहीं हो सकती। मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती बेजोस का कहना है कि मीटिंग सिर्फ प्रोडक्टिविटी नहीं बढ़ाती बल्कि ये आपसी रिलेशन्स को भी मजबूत करती हैं। डिफिकल्ट इशू पर खुलकर बात करने से टीम के बीच भरोसा बढ़ता है और मनोबल बना रहता है। यही नहीं बदलाव और कंपनी जिस चैलेंज को फेस कर रही है, उस पर ईमानदारी से बात करना काफी जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एक लीडर को हमेशा पॉजिटिव रहना चाहिए। बेजोस ने कहा कि एक नेगेटिव सोच वाला फाउंडर कभी सफलता हासिल नहीं कर सकता। लीडरशिप की असली पहचान बेजोस का तरीका बताता है कि क्रिएटिविटी और पाजिटिविटी किसी भी टीम या कंपनी की सफलता के लिए कितनी जरूरी है। उनके विचार यह सिखाते हैं कि मुश्किल टाइम में भी ऊर्जा और उम्मीद बनाए रखना Leadership की असली पहचान है।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read