अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 23 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचारजमुई कांड में उलझी पुलिस को नई चुनौती, मुजफ्फरपुर में अस्पताल से अगवा कर रेप, तो कोचिंग में छात्रा का यौन शोषणभारत-नेपाल सीमा पर 3.9 लीटर कफ सिरप और नशीली दवा जब्तबिहार का अनोखा गांव, यहां 90% आबादी करती है सब्जियों की खेती, सालभर लहलहाते हैं खेत'बिछावन ठीक कर देना नीतीश की आदत है', बिहार के इस नेता ने बताये पूर्व रेल मंत्री के साथ बिताए अनसुने पलों की कहानीभारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की कार्रवाईDumka News: बिहार के कैमूर में एंबुलेंस हादसा, जामा के युवक समेत 3 की मौतजमुई यौन हिंसा मामला: मुठभेड़ के बाद मुख्य अभियुक्त गिरफ़्तार, अब तक क्या पता हैबिहार में बनी परीक्षा सुधार कमेटी, पटना हाईकोर्ट के जस्टिस हरीश कुमार बने अध्यक्षमुख्यमंत्री अपनी जुबान पर कायम हैं तो इस्तीफा दें, जमुई कांड में तेजस्वी का सम्राट को चैलेंजSamastipur News: पीएफसी बिहार ने दूसरे क्वार्टर फाइनल में झारखंड को हरायाबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 23 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचारजमुई कांड में उलझी पुलिस को नई चुनौती, मुजफ्फरपुर में अस्पताल से अगवा कर रेप, तो कोचिंग में छात्रा का यौन शोषणभारत-नेपाल सीमा पर 3.9 लीटर कफ सिरप और नशीली दवा जब्तबिहार का अनोखा गांव, यहां 90% आबादी करती है सब्जियों की खेती, सालभर लहलहाते हैं खेत'बिछावन ठीक कर देना नीतीश की आदत है', बिहार के इस नेता ने बताये पूर्व रेल मंत्री के साथ बिताए अनसुने पलों की कहानीभारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की कार्रवाईDumka News: बिहार के कैमूर में एंबुलेंस हादसा, जामा के युवक समेत 3 की मौतजमुई यौन हिंसा मामला: मुठभेड़ के बाद मुख्य अभियुक्त गिरफ़्तार, अब तक क्या पता हैबिहार में बनी परीक्षा सुधार कमेटी, पटना हाईकोर्ट के जस्टिस हरीश कुमार बने अध्यक्षमुख्यमंत्री अपनी जुबान पर कायम हैं तो इस्तीफा दें, जमुई कांड में तेजस्वी का सम्राट को चैलेंजSamastipur News: पीएफसी बिहार ने दूसरे क्वार्टर फाइनल में झारखंड को हराया

Article Advertisement

Sports

भारत की 1983 विश्व कप जीत के नायक यशपाल शर्मा का निधन

भारत की 1983 विश्व कप जीत के नायक यशपाल शर्मा का निधन नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) मध्यक्रम में अपनी जुझारू बल्लेबाजी के कारण भारतीय क्रिकेट में विशेष पहचान बनाने वाले और 1983 विश्व कप के नायक यशपाल शर्मा का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्

भारत की 1983 विश्व कप जीत के नायक यशपाल शर्मा का निधन

Article Advertisement

भारत की 1983 विश्व कप जीत के नायक यशपाल शर्मा का निधन नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) मध्यक्रम में अपनी जुझारू बल्लेबाजी के कारण भारतीय क्रिकेट में विशेष पहचान बनाने वाले और 1983 विश्व कप के नायक यशपाल शर्मा का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्रियां और एक पुत्र है। यशपाल के एक पूर्व साथी ने इसकी पुष्टि करते हुए पीटीआई से कहा, ‘‘हां, यशपाल हमारे बीच नहीं रहे। हमें अभी उनके परिवार से यह सूचना मिली। ’’ सूत्रों के अनुसार सुबह की सैर से लौटने के बाद यशपाल को दिल का दौरा पड़ा। यशपाल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 37 टेस्ट मैचों में 1606 रन और 42 वनडे में 883 रन बनाये। वनडे की अपनी 40 पारियों में वह कभी शून्य पर आउट नहीं हुए। उन्होंने दोनों प्रारूपों में एक-एक विकेट भी लिया। उन्हें अपने जुझारूपन के लिये जाना जाता है। विश्व कप 1983 में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी अर्धशतकीय पारी क्रिकेट प्रेमियों को हमेशा याद रहेगी। वह 2000 के दशक के शुरुआती वर्षों में राष्ट्रीय चयनकर्ता भी रहे थे। पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि वह अपने पूर्व साथी के निधन से सकते में है। दो सप्ताह पहले ही 1983 विश्व कप विजेता टीम एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर यहां इकट्ठा हुई थी। वेंगसरकर ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय है। वह हम सभी में सबसे अधिक फिट था। हम जब उस दिन मिले थे तो मैंने उससे उसकी दिनचर्या के बारे में पूछा थ। वह शाकाहारी था। रात को खाने में सूप लेता था और सुबह की सैर पर जरूर जाता था। मैं सकते में हूं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी के रूप में उसके लिये टीम हित सर्वोपरि था और कभी हार नहीं मानता था। मुझे दिल्ली में पाकिस्तान के खिलाफ 1979 का टेस्ट मैच याद है। हम दोनों ने साझेदारी निभायी थी जिससे हम मैच बचाने में सफल रहे थे। मैं उसे विश्वविद्यालय के दिनों से जानता था। मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है।’’ यशपाल शर्मा ने रणजी ट्राफी में तीन टीमों पंजाब, हरियाणा और रेलवे का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 160 प्रथम श्रेणी मैचों में 8,933 रन बनाये जिसमें 21 शतक शामिल हैं। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 201 रन रहा। वह अंपायर भी थे और दो महिला वनडे मैचों में उन्होंने अंपायरिंग भी की। वह उत्तर प्रदेश रणजी टीम के कोच भी रहे थे। यशपाल के एक अन्य पूर्व साथी कीर्ति आजाद ने कहा, ‘‘उस दिन जब हम मिले तो उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा वजन कम हो गया। हमारे लिये यादगार दिन था। मुझे विश्व कप 1983 का पहला मैच याद है। हमारा सामना वेस्टइंडीज की मजबूत टीम से था जिसके पास तूफानी गेंदबाजों की फौज थी। यशपाल ने अपनी योजना बनायी और हम मैच जीत गये। ’’ आजाद ने कहा, ‘‘उन्होंने सेमीफाइनल में भी शानदार पारी खेली और बॉब विलिस को छक्का जड़ा था। आजकल लोग कहते हैं कि रविंद्र जडेजा का निशाना सटीक है लेकिन अपने जमाने में यशपाल भी ऐसा करते थे। वह क्षेत्ररक्षण करते समय चुस्त रहते थे और जब भी स्टंप पर थ्रो करते थे तो उनका निशाना सटीक बैठता था। ’’

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read