अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
जमुई कांड पर बिहार की राजनीति गरम, तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांगा इस्तीफाबिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती, 25 सितंबर से आवेदन; एक परीक्षा और नेगेटिव मार्किंग का नया नियमOTT पर इस हफ्ते लगेगा मनोरंजन का तड़का, Shaque से Toxic तक कई बड़े रिलीजटेढ़ागाछ में 360 बोतल नेपाली शराब जब्त: भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस की कार्रवाई, तस्कर फरारनेपाल सीमा पर 4.62 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो नेपाली नागरिक गिरफ्तारबिहार और बंगाल में फिर से चुनाव कराने की मांग! तेजस्वी यादव ने फर्जी इलेक्शन का आरोप लगाते हुए रखी बड़ी डिमांडएग्जाम सेंटर पर बार-बार कटी बिजली, जैमर बंद होने का शक, बिहार दारोगा भर्ती में EOU की जांच में कई खुलासेपटना में जन सुराज के नेता अनिल यादव पर बदमाशों ने गोलियां बरसाईं, प्रशांत किशोर सरकार पर उखड़ेबिहार की घटना के विरोध में निकाला प्रतिरोध मार्चभारत-नेपाल सीमा: तस्करी रोकने को अफसरों की बैठकपटना में जन सुराज नेता के पति को मारी पांच गोलियां, अस्पताल पहुंचे प्रशांत किशोरजमुई कांड पर बिहार की राजनीति गरम, तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांगा इस्तीफाबिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती, 25 सितंबर से आवेदन; एक परीक्षा और नेगेटिव मार्किंग का नया नियमOTT पर इस हफ्ते लगेगा मनोरंजन का तड़का, Shaque से Toxic तक कई बड़े रिलीजटेढ़ागाछ में 360 बोतल नेपाली शराब जब्त: भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस की कार्रवाई, तस्कर फरारनेपाल सीमा पर 4.62 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो नेपाली नागरिक गिरफ्तारबिहार और बंगाल में फिर से चुनाव कराने की मांग! तेजस्वी यादव ने फर्जी इलेक्शन का आरोप लगाते हुए रखी बड़ी डिमांडएग्जाम सेंटर पर बार-बार कटी बिजली, जैमर बंद होने का शक, बिहार दारोगा भर्ती में EOU की जांच में कई खुलासेपटना में जन सुराज के नेता अनिल यादव पर बदमाशों ने गोलियां बरसाईं, प्रशांत किशोर सरकार पर उखड़ेबिहार की घटना के विरोध में निकाला प्रतिरोध मार्चभारत-नेपाल सीमा: तस्करी रोकने को अफसरों की बैठकपटना में जन सुराज नेता के पति को मारी पांच गोलियां, अस्पताल पहुंचे प्रशांत किशोर

Article Advertisement

Crime

सरकार ने संवेदनशील जानकारी के प्रकाशन से सेवानिवृतत अधिकारियों को रोकने के नियमों को दिया विस्तार

सरकार ने संवेदनशील जानकारी के प्रकाशन से सेवानिवृतत अधिकारियों को रोकने के नियमों को दिया विस्तार नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) केंद्र सरकार ने खुफिया और सुरक्षा संबंधी संस्थानों में काम कर चुके सेवानिवृत्त अधिकारियों को संवेदनशील जानकारी प्रकाशित करने से रोकने संबंधी अपने नियमों में संशोधन करके नए उपनि

सरकार ने संवेदनशील जानकारी के प्रकाशन से सेवानिवृतत अधिकारियों को रोकने के नियमों को दिया विस्तार

Article Advertisement

सरकार ने संवेदनशील जानकारी के प्रकाशन से सेवानिवृतत अधिकारियों को रोकने के नियमों को दिया विस्तार नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) केंद्र सरकार ने खुफिया और सुरक्षा संबंधी संस्थानों में काम कर चुके सेवानिवृत्त अधिकारियों को संवेदनशील जानकारी प्रकाशित करने से रोकने संबंधी अपने नियमों में संशोधन करके नए उपनियम शामिल किए हैं। इनमें यह शर्त भी शामिल है कि अधिकारी ‘‘संस्थान के कार्य क्षेत्र’’ या किसी कर्मचारी संबंधी कोई सामग्री साझा नहीं कर सकते। केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) संशोधन नियम, 2021 को मंगलवार देर रात अधिसूचित किया गया। इन नियमों में कहा गया है कि सेवानिवृत्त कर्मियों को इस प्रकार की सामग्री प्रकाशित करने के लिए ‘‘संस्थान प्रमुख’’ से पूर्व में अनुमति लेनी होगी। इससे पहले, 2007 के नियमों के अनुसार, विभाग के प्रमुख से अनुमति लेनी होती थी। संशोधन में कहा गया है, ‘‘सभी कर्मियों को संस्थान प्रमुख को वचन देना होगा कि वे इस प्रकार की सूचना प्रकाशित नहीं करेंगे और ऐसा नहीं करने पर उनकी पेंशन रोक ली जाएगी या वापस ले ली जाएगी।’’ मार्च 2008 में अधिसूचित केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) संशोधन नियम 2007 के अनुसार, इस प्रकार से कभी कर्मचारियों के लिए ऐसी कोई भी संवेदनशील जानकारी प्रकाशित करना पहले से ही प्रतिबंधित है, ‘‘जिसका खुलासा करने से भारत की सम्प्रभुता एवं अखंडता को नुकसान पहुंचता हो।’’ संशोधित प्रावधान में अब कहा गया है, ‘‘किसी खुफिया या सुरक्षा संबंधी संस्थान में काम कर चुका कोई भी अधिकारी संगठन प्रमुख की पूर्व अनुमति के बिना सेवानिवृत्ति के बाद संगठन के कार्य क्षेत्र संबंधी कोई सामग्री प्रकाशित नहीं करेगा, वह किसी कर्मचारी या उसके पद के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं करेगा और संस्थान में काम के दौरान प्राप्त ज्ञान या विशेषज्ञता को साझा नहीं करेगा।’’ इससे पहले 2007 के नियमों में संस्थान के कार्य क्षेत्र और किसी कर्मी संबंधी जानकारी का जिक्र नहीं था। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कार्य क्षेत्र का अर्थ किसी संस्थान के कामकाज के मुख्य क्षेत्र या मुख्य क्षेत्रों से हो सकता है।’’ संशोधित नियमानुसार संगठन प्रमुख फैसला करेगा कि प्रस्तावित सामग्री संवेदनशील है या नहीं और वह संस्थान के कार्य क्षेत्र में आती है, या नहीं। 2007 नियमों के तहत कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद ऐसी संवेदनशील जानकारी प्रकाशित करना प्रतिबंधित था, ‘‘ जिसके खुलासा होने से भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, रणनीतिक, वैज्ञानिक या आर्थिक हितों, या किसी अन्य देश के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है या किसी अपराध को उकसाया जा सकता है’’। ये नियम उन कर्मचारियों पर लागू होते हैं जो खुफिया विभाग (आईबी), अनुसंधान एवं विश्लेषण विंग (रॉ), राजस्व खुफिया निदेशालय, केंद्रीय आर्थिक खुफिया ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, विमानन अनुसंधान केंद्र, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस आदि से सेवानिवृत्त हैं।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read