Politics

नई शैली में सम्राट कैबिनेट की फाइनल लिस्ट जारी, BJP से 15 और JDU से 13 चेहरे तय

Published: 7/5/2026, 10:41:08 am23 viewsSeemanchal Live

सम्राट कैबिनेट की फाइनल लिस्ट: BJP से 15 और JDU से 13 नए मंत्री, आज गांधी मैदान में शपथ बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन माना जा रहा है, क्योंकि सम्राट कैबिनेट की फाइनल लिस्ट लगभग तय हो चुकी है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आज होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह में 31 से 32 नए मंत्री शपथ लेंगे। इस

नई शैली में सम्राट कैबिनेट की फाइनल लिस्ट जारी, BJP से 15 और JDU से 13 चेहरे तय
सम्राट कैबिनेट की फाइनल लिस्ट: BJP से 15 और JDU से 13 नए मंत्री, आज गांधी मैदान में शपथ बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन माना जा रहा है, क्योंकि सम्राट कैबिनेट की फाइनल लिस्ट लगभग तय हो चुकी है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आज होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह में 31 से 32 नए मंत्री शपथ लेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी पटना में राजनीतिक हलचल तेज है। एनडीए के कई दिग्गज नेता समारोह में शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी और जेडीयू के बीच मंत्रिमंडल में सीटों का बंटवारा लगभग फाइनल हो चुका है। बीजेपी कोटे से 14 से 15 और जेडीयू कोटे से 13 नेताओं को मंत्री बनाया जाएगा। इसके अलावा एलजेपीआर, हम और आरएलएम को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। BJP कोटे से इन नेताओं के नाम लगभग तय बीजेपी की तरफ से जिन नेताओं को मंत्री पद मिलने की चर्चा है, उनमें कई पुराने और अनुभवी चेहरे शामिल हैं। पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नामों का चयन किया है। संभावित नाम इस प्रकार हैं: • विजय कुमार सिन्हा • रामकृपाल यादव • केदार गुप्ता • नीतीश मिश्रा • मिथिलेश तिवारी • रमा निषाद • दिलीप जायसवाल • प्रमोद चंद्रवंशी • लखविंदर पासवान • संजय टाइगर • इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र • नंद किशोर राम • रामचंद्र प्रसाद • अरुण शंकर प्रसाद इसके अलावा निशानेबाज और युवा नेता श्रेयसी सिंह के नाम की भी चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा है कि बीजेपी इस बार युवाओं और महिलाओं को भी प्राथमिकता देना चाहती है। JDU से 13 नए चेहरों को मिलेगा मौका जेडीयू ने भी अपने सामाजिक समीकरण को मजबूत करने के लिए कई नए और पुराने नेताओं को शामिल करने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से जिन नेताओं को फोन आने की जानकारी सामने आई है, उनमें शामिल हैं: • निशांत कुमार • श्रवण कुमार • अशोक चौधरी • रत्नेश सदा • मदन सहनी • लेसी सिंह • श्वेता गुप्ता • बुलो मंडल • दामोदर रावत • भगवान सिंह कुशवाहा • सुनील कुमार • शीला मंडल • जमा खान बताया जा रहा है कि इन नेताओं को राजभवन से औपचारिक सूचना भी मिल चुकी है। वहीं विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव पहले से ही मंत्रिमंडल में शामिल हैं। बुलो मंडल का बड़ा बयान जेडीयू विधायक शैलेश कुमार मंडल उर्फ बुलो मंडल ने मीडिया से बातचीत में कहा: “विस्तार तो प्रक्रिया है, यह तो होना ही है। आज सभी शपथ ग्रहण करेंगे और फिर अपने-अपने विभाग का काम करेंगे।” उनके इस बयान के बाद यह लगभग स्पष्ट माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। LJP (रामविलास) से इन नेताओं को मौका चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। पार्टी की तरफ से: • संजय पासवान • संजय सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। दोनों नेताओं को पहले भी सरकार में जिम्मेदारी मिल चुकी है। HAM से संतोष सुमन बनेंगे मंत्री हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) से पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन को फिर से मंत्री बनाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार उन्हें भी आधिकारिक फोन कॉल मिल चुका है। संतोष सुमन पिछली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। आरएलएम से दीपक प्रकाश को बुलावा राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने की चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि उन्हें दूसरी बार मंत्री पद मिल सकता है। हालांकि वह फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उन्हें छह महीने के भीतर विधायक या विधान परिषद सदस्य बनना होगा। शपथ ग्रहण में शामिल होंगे मोदी और अमित शाह आज के इस बड़े राजनीतिक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए के वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। गांधी मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की संभावना है। जातीय और राजनीतिक संतुलन पर खास फोकस इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी और जेडीयू दोनों ने जातीय समीकरण को संतुलित करने की कोशिश की है। पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और महिला प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार काफी अहम माना जा रहा है। सम्राट कैबिनेट की फाइनल लिस्ट क्यों है खास? • NDA के भीतर सीट संतुलन का संकेत • युवाओं और महिलाओं को मौका • चुनावी रणनीति का हिस्सा • क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश • सहयोगी दलों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व निष्कर्ष बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। सम्राट कैबिनेट की फाइनल लिस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। बीजेपी और जेडीयू दोनों ने अपने-अपने समीकरणों को साधने की कोशिश की है। अब सभी की नजर शपथ ग्रहण समारोह और विभागों के बंटवारे पर रहेगी। अगर यह संभावित सूची अंतिम रूप लेती है, तो बिहार की राजनीति में कई नए चेहरे अहम जिम्मेदारी निभाते नजर आएंगे।

What do you think?

Leave a Comment

Related News

Trending News

Most Read