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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बिहार दौरा, नालंदा यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह, विश्वमित्रालय उद्घाटन, अंतरराष्ट्रीय छात्र डिग्री, Nalanda University Convocation 2026

Published: 31/3/2026, 12:55:53 pm23 viewsSeemanchal Live

बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय आज एक बार फिर वैश्विक मंच पर चमकने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित संस्थान में द्वितीय दीक्षांत समारोह का आयोजन हो रहा है, जिसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के रूप में यह उनका पहला नालंदा दौरा है,

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बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय आज एक बार फिर वैश्विक मंच पर चमकने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित संस्थान में द्वितीय दीक्षांत समारोह का आयोजन हो रहा है, जिसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के रूप में यह उनका पहला नालंदा दौरा है, जिससे इस कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया है। यह समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के संगम का भी प्रतीक है। 🎓 भव्य दीक्षांत समारोह की खास बातें इस समारोह में देश-विदेश के छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार 13 देशों के छात्र इसमें भाग ले रहे हैं, जो नालंदा विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है। ✔️ 13 देशों के छात्रों को डिग्री ✔️ 10 पीएचडी शोधार्थियों को सम्मान ✔️ 36 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक इससे यह साफ होता है कि नालंदा विश्वविद्यालय अब वैश्विक शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। 🏛️ ‘विश्वमित्रालय’ सभागार का उद्घाटन समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्वारा 2000 सीटों वाले अत्याधुनिक ‘विश्वमित्रालय’ सभागार का उद्घाटन किया जाएगा। यह सभागार भविष्य में बड़े शैक्षणिक और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का केंद्र बनेगा। इस आधुनिक भवन में नवीनतम तकनीक और सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर वातावरण मिलेगा। 🌍 अंतरराष्ट्रीय भागीदारी की झलक इस दीक्षांत समारोह की एक और खास बात इसकी वैश्विक भागीदारी है। अर्जेंटीना, वियतनाम, भूटान, इंडोनेशिया, केन्या, लाओस, म्यांमार, घाना, सर्बिया, थाईलैंड, नेपाल, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे जैसे देशों के छात्र इसमें शामिल हो रहे हैं। यह विविधता नालंदा विश्वविद्यालय को एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करती है, जहां विभिन्न संस्कृतियों और विचारों का आदान-प्रदान होता है। 📚 दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र का शुभारंभ इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र का भी शुभारंभ किया जाएगा। यह केंद्र भारत की Act East Policy को मजबूत करेगा और एशियाई देशों के साथ शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देगा। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिलेंगे। 👗 परंपरागत परिधानों में बदलाव इस बार दीक्षांत समारोह में एक खास बदलाव देखने को मिल रहा है। पारंपरिक भारी गाउन की जगह अब खादी के वस्त्रों को अपनाया गया है। ✔️ छात्रों के लिए खादी परिधान ✔️ अतिथियों के लिए अहिंसा रेशम (पीस सिल्क) ✔️ भागलपुरी रेशम का उपयोग यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि भारतीय संस्कृति को भी सम्मान देती है। 🧵 बिहार की पारंपरिक कला को बढ़ावा समारोह में अतिथियों को दिए जाने वाले अंगवस्त्र बिहार के स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार किए गए हैं। ‘बावन बूटी’ जैसी पारंपरिक कला को इसमें शामिल किया गया है, जो राज्य की समृद्ध विरासत को दर्शाती है। इससे स्थानीय कारीगरों को रोजगार और पहचान दोनों मिल रही है। 📢 नालंदा विश्वविद्यालय का महत्व नालंदा विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का प्रतीक है। प्राचीन काल में यह विश्व का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र था, जहां दुनिया भर से छात्र पढ़ने आते थे। आज भी यह विश्वविद्यालय उसी गौरव को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। ✅ निष्कर्ष नालंदा विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह कई मायनों में खास है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की भागीदारी, आधुनिक सभागार का उद्घाटन और पारंपरिक संस्कृति का समावेश—ये सभी इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाते हैं। यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा के क्षेत्र में भारत की प्रगति को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक सहयोग और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करता है। ❓ FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) Q1. नालंदा विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह कब है? 👉 यह समारोह आज आयोजित किया जा रहा है। Q2. मुख्य अतिथि कौन हैं? 👉 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि हैं। Q3. ‘विश्वमित्रालय’ क्या है? 👉 यह 2000 सीटों वाला नया सभागार है। Q4. कितने देशों के छात्र शामिल हैं? 👉 13 देशों के छात्र शामिल हैं। Q5. क्या नए केंद्र का उद्घाटन होगा? 👉 हां, दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र का शुभारंभ होगा। Q6. क्या परिधानों में बदलाव हुआ है? 👉 हां, खादी और अहिंसा रेशम को अपनाया गया है।

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