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Crime

पाकिस्तान ने दो भारतीय नागरिकों को किया रिहा, आठ साल से देश की एक जेल में थे कैद

पाकिस्तान ने दो भारतीय नागरिकों को किया रिहा, आठ साल से देश की एक जेल में थे कैद लाहौर, 31 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान की एक जेल में करीब आठ साल से बंद दो भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान ने सोमवार को वाघा बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवाले कर दिया। इन दोनों को ‘‘गैरकानूनी तरीके से सीमा पार करने’’ क

पाकिस्तान ने दो भारतीय नागरिकों को किया रिहा, आठ साल से देश की एक जेल में थे कैद

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पाकिस्तान ने दो भारतीय नागरिकों को किया रिहा, आठ साल से देश की एक जेल में थे कैद लाहौर, 31 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान की एक जेल में करीब आठ साल से बंद दो भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान ने सोमवार को वाघा बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के हवाले कर दिया। इन दोनों को ‘‘गैरकानूनी तरीके से सीमा पार करने’’ के आरोप में पकड़ा गया था। एक सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि 2013 में भारतीय मूल के शर्मा राजपूत और राम बहादुर कश्मीर में नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तानी क्षेत्र में दाखिल हो गए थे, जिसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद, जांच में पाया गया कि वे मानसिक रूप से अक्षम हैं और गलती से उन्होंने सीमा पार कर ली थी। अधिकारी ने कहा, ‘‘उनकी तस्वीरें और अन्य सामान भारत के साथ साझा किया गया और भारत के उन्हें अपना नागरिक स्वीकार करने के बाद पाक सैनिकों ने सोमवार को उन्हें बीएसएफ के हवाले कर दिया।’’ वहीं, करीब एक साल पहले कथित ‘‘जासूसी और गैरकानूनी तरीके से सीमा पार करने’’ के आरोप में पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए गए 19 भारतीय नागरिकों के खिलाफ मामला अब भी संघीय समीक्षा बोर्ड के समक्ष लंबित है। पुलिस और सैनिकों ने देश के सुरक्षा अधिनियम और गोपनीय सेवा अधिनियम के तहत 19 भारतीयों को देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया था। ये सभी अलग-अलग जेलों में बंद हैं। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें संघीय समीक्षा बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जिसमें ‘सुपीरियर कोर्ट’ के न्यायाधीश शामिल थे। संघीय आंतरिक मंत्रालय ने अपने आरोप प्रस्तुत किए और बोर्ड ने उनकी नजरबंदी तब तक के लिए बढ़ा दी, जब तक कि उनके मामलों पर निर्णय आंतरिक मंत्रालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर नहीं किया जाता है कि उन्हें मुकदमे का सामना करना चाहिए या उन्हें छोड़ दिया जाना चाहिए।

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