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पीत पत्र पर बवाल: विजय सिन्हा ने नीतीश सरकार पर खड़े किए सवाल

पीत पत्र पर बवाल: विजय सिन्हा ने नीतीश सरकार पर खड़े किए सवाल   बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर पर हमला करते हुए कहा कि आप शिक्षा मंत्री बने रहने के योग्य नहीं हैं. वहीं, सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि सुशासन बाबू को बिहार के विकास से कोई मतलब न

पीत पत्र पर बवाल: विजय सिन्हा ने नीतीश सरकार पर खड़े किए सवाल

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पीत पत्र पर बवाल: विजय सिन्हा ने नीतीश सरकार पर खड़े किए सवाल   बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर पर हमला करते हुए कहा कि आप शिक्षा मंत्री बने रहने के योग्य नहीं हैं. वहीं, सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि सुशासन बाबू को बिहार के विकास से कोई मतलब नहीं रह गया है.   पीत पत्र को लेकर बिहार में सियासत जारी है. बीजेपी लगातार शिक्षामंत्री प्रो. चंद्रशेखर और शिक्षा विभाग के सचिव आईएएस केके पाठक के बीच जारी विवाद को लेकर हमलावर हो रही है. ताजा मामले में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर पर हमला करते हुए कहा कि आप शिक्षा मंत्री बने रहने के योग्य नहीं हैं. वहीं, सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि सुशासन बाबू को बिहार के विकास से कोई मतलब नहीं रह गया है. विजय सिन्हा ने महागठबंधन सरकार पर जमकर हमला बोला. अब तो हद ही हो गई... विजय सिन्हा ने आगे कहा कि जबसे छोटे भाई (सीएम नीतीश) ने बड़े भाई चरवाहा विद्यालय वाले (लालू/आरजेडी) से गलबहिया कर बिहार में सरकार बनाई है और प्रो. चंद्रशेखर को शिक्षा मंत्री बनाया है तभी से बिहार लगातार शिक्षा व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में हैं. अब तो हद ही हो गई है माननीय मंत्री जी के आप्य सचिव को विभाग में ही प्रवेश करने पर रोक लगा दिया गया है. जब मंत्री और अपर मुख्य सचिव की लड़ाई ऐसी सतही स्तर पर उभर कर सामने आ गई है तो विभाग का भगवान ही मालिक है. अपर मुख्य सचिव और मंत्री के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. ये विवाद शिक्षा व्यवस्था को रसातल में ले जाएगा. सुशासन बाबू का विवाद पर कोई ध्यान नहीं! विजय सिन्हा ने आगे कहा कि सुशासन बाबू (सीएम नीतीश कुमार) का अपर मुख्य सचिव केके पाठक और शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के बीच हो रहे विवाद की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं है. ध्यान भी कैसे हो प्रधानमंत्री बनने का सपना जो मन के अंदर सजोकर बैठे हैं और विपक्षी एकता का राग अलाप रहे हैं. चरवाहा विद्यालय वाले और चारा घोटाला करने वाले लोगों के दिल से मिली गलबहियां आज किस स्तर पर पहुंचा दिया है यहां नौजवानों और नौनिहालों को, जो भविष्य बर्बाद हो रहा है, शिक्षा मंत्री जी का उसपर ध्यान नहीं है. युवा पीढ़ी के साथ कर रहे पाप विजय सिन्हा ने आगे कहा कि नीतीश सरकार जो बिहार के युवाओं, शिक्षकों और छात्रों के साथ जो पाप कर रही है उस पाप का फल उसे जरूर मिलेगा और आने वाले समय में इसकी सजा मिलेगी शिक्षा मंत्री जी. आपके द्वारा बिहार की प्रतिभा का अपमान किया जा रहा है. आप कहते हैं कि बिहार के शिक्षकों में प्रतिभा नहीं है, शिक्षक नहीं मिल रहे हैं, आपके द्वारा इस तरह से बिहार की प्रतिभा का अपमान किया जा रहा है जो बिहार की जनता के दिलों में चुभ रहा है. हकीकत तो ये है कि आप बिहार के शिक्षा मंत्री के योग्य नहीं है. बिहार में बढ़ रहा लेटर वॉर बिहार में शिक्षामंत्री और विभागीय अधिकारियों में टकराव लगातार बढ़ता दिख रहा है. अब शिक्षा विभाग ने एक पत्र जारी कर अधिकारियों को निर्देश दिया है. सह-अपर सचिव सुबोध कुमार चौधरी ने पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि शिक्षा मंत्री के आप्त सचिव का कोई भी पत्र विभाग रिसीव नहीं करेगा. पत्र में लिखा गया है कि कृष्ण नन्द यादव माननीय विभागीय मंत्री के आप्य सचिव द्वारा प्रेषित पत्र / पीत पत्र या अन्य कोई भी पत्र अपर मुख्य सचिव महोदय के आदेशानुसार प्राप्त नहीं करना है. कृष्णा नंद यादव की शिक्षा विभाग में No Entry आपको बता दें कि पीत पत्र को लेकर बिहार के शिक्षामंत्री प्रो. चंद्रशेखर और शिक्षा सचिव आईएएस केके पाठक के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है. प्रो. चंद्रशेखर के PA कृष्णा नंद यादव की शिक्षा विभाग में एंट्री पर भी रोक लगा दी गई है. साथ ही पीत पत्र के जवाब में कहा गया था कि निदेशानुसार, पिछले एक सप्ताह में आपके द्वारा भांति-भांति के पीत-पत्रों में भांति-भांति के निदेश विभाग और विभागीय पदाधिकारियों को भेजे गये हैं. इस संबंध में आपको आगाह किया गया था कि आप आप्त सचिव (बाह्य ) तौर पर हैं. अतः आपको नियमतः सरकारी अधिकारियों से सीधे पत्राचार नहीं करना चाहिए.

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