अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
फर्जी आधार से भारतीय पहचान का खेल, सीमा पर बढ़ी चौकसीPurnia News: सिरसी की मिट्टी से बिहार सरकार के मंत्री तक पहुंचा सियासी सफरबिहार में NH-31 पर फिर महंगा हुआ सफर, साल में दूसरी बार बढ़ा टोल टैक्स, जानें कार से ट्रक तक का रेटसीमांचल एक्सप्रेस में मां की गोद से छूटा 9 माह का मासूम, खिड़की से गिरने पर चली गई जानबिहार के युवाओं को मुफ्त मिलती है 15 हजार तक की टूल किट, जानें कौन ले पाएगा लाभKatihar News: बिहार के विकास में संदेश वाहक बने व्यवसायी ः भाजपा प्रदेश अध्यक्षबिहार: असम से 50 लाख की हेरोइन की खेप लेकर पहुंचे थे तस्कर, पटना की युवती सहित पांच गिरफ्तार; लाखों रुपये जब्तथाना परिसर में पंखे से लटक कर दे दी जान! पटना से सटे पालीगंज में सनसनीखेज घटना से पुलिस महकमे में हड़कंपChapra News: बिहार नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष अजय सिंह व पूर्व सांसद कविता सिंह का स्वागतबिहार: मुजफ्फरपुर में स्कूल गेट पर ताबड़तोड़ फायरिंग, CCTV में कैद हुए दो शूटरOPINION: नेहा झा के चरित्र हनन का दोषी कौन? बिहार पुलिस आखिर कब सीखेगी कायदा-कानून, कैसे कर दी इतनी बड़ी भू...फर्जी आधार से भारतीय पहचान का खेल, सीमा पर बढ़ी चौकसीPurnia News: सिरसी की मिट्टी से बिहार सरकार के मंत्री तक पहुंचा सियासी सफरबिहार में NH-31 पर फिर महंगा हुआ सफर, साल में दूसरी बार बढ़ा टोल टैक्स, जानें कार से ट्रक तक का रेटसीमांचल एक्सप्रेस में मां की गोद से छूटा 9 माह का मासूम, खिड़की से गिरने पर चली गई जानबिहार के युवाओं को मुफ्त मिलती है 15 हजार तक की टूल किट, जानें कौन ले पाएगा लाभKatihar News: बिहार के विकास में संदेश वाहक बने व्यवसायी ः भाजपा प्रदेश अध्यक्षबिहार: असम से 50 लाख की हेरोइन की खेप लेकर पहुंचे थे तस्कर, पटना की युवती सहित पांच गिरफ्तार; लाखों रुपये जब्तथाना परिसर में पंखे से लटक कर दे दी जान! पटना से सटे पालीगंज में सनसनीखेज घटना से पुलिस महकमे में हड़कंपChapra News: बिहार नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष अजय सिंह व पूर्व सांसद कविता सिंह का स्वागतबिहार: मुजफ्फरपुर में स्कूल गेट पर ताबड़तोड़ फायरिंग, CCTV में कैद हुए दो शूटरOPINION: नेहा झा के चरित्र हनन का दोषी कौन? बिहार पुलिस आखिर कब सीखेगी कायदा-कानून, कैसे कर दी इतनी बड़ी भू...

Article Advertisement

Politics

कौन हैं छत्रपति शिवाजी के 2 वंशज? राजनीति में सक्रिय लेकिन पार्टी अलग!

कौन हैं छत्रपति शिवाजी के 2 वंशज? राजनीति में सक्रिय लेकिन पार्टी अलग! छत्रपति शिवाजी महाराज के दो वंशज उदयनराजे भोसले और शंभाजी राजे छत्रपति हैं। उदयनराजे महाराष्ट्र की सतारा लोकसभा से सांसद रह चुके हैं।   मराठा साम्राज्य की नींव रखने वाले और अपनी वीरता व पराक्रम से मुगलों को धूल चटाने वाले छत

कौन हैं छत्रपति शिवाजी के 2 वंशज? राजनीति में सक्रिय लेकिन पार्टी अलग!

Article Advertisement

कौन हैं छत्रपति शिवाजी के 2 वंशज? राजनीति में सक्रिय लेकिन पार्टी अलग! छत्रपति शिवाजी महाराज के दो वंशज उदयनराजे भोसले और शंभाजी राजे छत्रपति हैं। उदयनराजे महाराष्ट्र की सतारा लोकसभा से सांसद रह चुके हैं।   मराठा साम्राज्य की नींव रखने वाले और अपनी वीरता व पराक्रम से मुगलों को धूल चटाने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज की आज यानी सोमवार को जयंती है। शिवाजी का जन्म 19 फरवरी 160 को हुआ था। उनके शौर्य की कहानियां तो हम सबने पढ़ी हैं। इस रिपोर्ट में जानिए कि उनके वंशज कौन हैं और इस समय क्या कर रहे हैं। शिवाजी के दो वंशज हैं उदयनराज भोसले और शंभाजी राजे छत्रपति। दोनों ही महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय हैं। लेकिन एक वंश से आने के बाद भी दोनों के राजनीतिक दल अलग-अलग हैं। उदयनराज भोसले जहां भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद हैं। वहीं, शंभाजी राजे का ‘स्वराज्य संगठन’ नामक अपना राजनीतिक संगठन है। उदयनराजे पहले एनसीपी में थे और सतारा से सांसद थे। उदयनराजे भोसले उदयनराजे 1998 से 1999 तक महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य थे और भाजपा का हिस्सा थे। इस दौरान भाजपा-शिवसेना की सरकार के दौरान उन्हें महाराष्ट्र में रेवेन्यू मिनिस्ट्री दी गई थी। हालांकि, बाद में वह शरद पवार की एनसीपी में शामिल हो गए थे। साल 2009, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सतारा लोकसभा में एनसीपी के टिकट पर जीत हासिल की थी। लेकिन, सितंबर 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने फिर भाजपा में वापस लौटने का फैसला किया और एनसीपी से इस्तीफी दे दिया था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद साल 2020 में उन्हें महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए भेजा गया था। बता दें कि उदयनराजे भोसले का जन्म 24 फरवरी 1966 को हुआ था। शंभाजी राजे छत्रपति कोल्हापुर शाही परिवार के उत्तराधिकारी शंभाजी राजे का जन्म 11 फरवरी 1971 को हुआ था। मृदुभाषी कहे जाने वाले शंभा जी मराठा आरक्षण को लेकर साल 2011 से 2019 तक चले आंदोलन का चेहरा थे। वर्तमान में वह किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं हैं और निर्दलीय राजनीतिज्ञ हैं। 11 जून 2016 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया था। 22 मई 2022 को उन्होंने स्वराज्य संगठन नामके सामाजिक संगठन की स्थापना की थी। राज्यसभा सांसद शंभाजी राजे आगामी लोकसभा चुनाव भी लड़ सकते हैं। हाल ही में इसे लेकर उन्होंने कहा था कि हमें कोल्हापुर, नासिक और छत्रपति शंभाजीनगर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा था कि इसका उत्तर सही समय आने पर मिल जाएगा। समय बताएगा कि मैं चुनाव लड़ूंगा या नहीं। उल्लेखनीय है कि शंभाजी राजे ने 2009 का लोकसभा चुनाव एनसीपी के टिकट पर कोल्हापुर से लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।  

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read