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History: चमत्कार! बच्ची जिंदा बची, 155 लाशें मिली; उड़ान भरते समय हुए विमान हादसे की खौफनाक कहानी

Published: 16/8/2024, 11:20:29 am60 viewsSeemanchal Live

History: चमत्कार! बच्ची जिंदा बची, 155 लाशें मिली; उड़ान भरते समय हुए विमान हादसे की खौफनाक कहानी प्लेन क्रैश में 155 लोग जिंदा जलकर मारे गए, लेकिन 4 साल की बच्ची जिंदा बच गई। उसे हादसे में मामूली चोटें लगी। टेकऑफ होते ही विमान पेड़ों और बिल्डिंग से टकराकर क्रैश हो गया था और उसमें भीषण आग भी लग गई थ

History: चमत्कार! बच्ची जिंदा बची, 155 लाशें मिली; उड़ान भरते समय हुए विमान हादसे की खौफनाक कहानी
History: चमत्कार! बच्ची जिंदा बची, 155 लाशें मिली; उड़ान भरते समय हुए विमान हादसे की खौफनाक कहानी प्लेन क्रैश में 155 लोग जिंदा जलकर मारे गए, लेकिन 4 साल की बच्ची जिंदा बच गई। उसे हादसे में मामूली चोटें लगी। टेकऑफ होते ही विमान पेड़ों और बिल्डिंग से टकराकर क्रैश हो गया था और उसमें भीषण आग भी लग गई थी। Northwest Airlines Flight 255 Crash Memoir: हाल ही में ब्राजील और नेपाल में 2 भीषण विमान हादसे हुए, जिनमें दोनों विमानों में सवार लोग जिंदा नहीं बचे। इस बीच आपको बताते हैं, उस विमान हादसे की कहानी, जिसमें 155 लोगों के मारे जाने के बावजूद एक ऐसा चमत्कार हुआ था, जिसके बारे में जानकर कोई यकीन नहीं कर पाएगा कि ऐसा भी हो सकता है। हादसा आज के दिन 16 अगस्त 1987 को हुआ था। हादसे में जहां पैसेंजर्स और क्रू मेंबर्स जिंदा जलकर मारे गए, वहीं 4 साल की बच्ची किस्मत से बच गई और उसे मामूली चोटें लगी। जांचकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हो सकता है, बच्ची क्रैश होते वक्त आग लगने से पहले छिटककर बाहर गिर गई। इसलिए वह आग की चपेट में आने से बच गई। हादसा गलत फ्लैपिंग और स्लैट्स कॉन्फ़िगरेशन के कारण हुआ। दोनों एक्टिविटी टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान की जाती है।     अमेरिका के इतिहास का दूसरा सबसे घातक विमान हादसा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विमान हादसा संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास की दूसरी सबसे घातक विमान दुर्घटना थी। 17 अगस्त की सुबह नॉर्थवेस्ट एयरलाइंस की फ्लाइट 255 ने अमेरिका के मिशिगन शहर में बने MBS इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। अमेरिका के ही डेट्रोइट मेट्रोपॉलिटन वेन काउंटी एयरपोर्ट पर फ्लाइट का पहला स्टॉपेज था। अमेरिका के ही अरिजोना शहर के स्काई हार्बर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दूसरा स्टॉपेज था। फ्लाइट कैलिफोर्निया के जॉन वेन एयरपोर्ट पर लैंड होनी थी, लेकिन पहले स्टॉपेज ट्रोइट मेट्रोपॉलिटन वेन काउंटी एयरपोर्ट से टेकऑफ होते समय क्रैश हो गई। जहाज का मलबा रेलवे पुल के पास गिरा था। फ्लाइट के कैप्टन 57 वर्षीय जॉन आर. मौस और फर्स्ट पायलट 35 वर्षीय डेविड जे. डोड्स थे। 4 फ्लाइट अटेंडेंट थे और 149 पैसेंजर्स थे। इन 156 लोगों में से 155 लोग मारे गए थे और 4 साल की बच्ची जिंदा बची थी, जो रेस्क्यू टीम को रोते बिलखते हुए मिली थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विमान 200 मील प्रति घंटे; 310 किमी/घंटे की रफ्तार से रनवे से उड़ा। जमीन से लगभग 50 फीट (15 मीटर) ऊपर जाते ही एक तरफ से दूसरी तरफ लुढ़कने लगा, क्योंकि फ्लैप्स सही तरीके से नहीं खुले। रनवे से 2760 फीट (840 मीटर) दूर जाकर विमान का बायां पंख हवाई अड्डे पर लगे लाइट पोल से टकराया और इसमें आग लग गई। विमान 90 डिग्री के एंगल से बाईं ओर लुढ़का और एविस कार रेंटल बिल्डिंग की छत से टकराया। फिर अनियंत्रित विमान मिडलबेल्ट रोड पर उल्टा होकर फिसलता चला गया। मलबा नेरफॉक साउथ रेलवे ओवरपास और हाईवे-94 के ओवरपास से टकराया। रेलवे पुल के नीचे मलबा धू-धू कर जला।

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