World

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर चुनावों में युवराज की पंद्रहवीं लॉन्चिंग भी असफल रही : तरुण चुघ

Published: 11/10/2024, 2:52:10 pm23 viewsSeemanchal Live

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर चुनावों में युवराज की पंद्रहवीं लॉन्चिंग भी असफल रही : तरुण चुघ हरियाणा और जम्मू-कश्मीर चुनावों में युवराज की पंद्रहवीं लॉन्चिंग भी असफल रही : तरुण चुघ नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी महासचिव और जम्मू-कश्मीर प्रभारी तरुण चुघ ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी प

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर चुनावों में युवराज की पंद्रहवीं लॉन्चिंग भी असफल रही : तरुण चुघ
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर चुनावों में युवराज की पंद्रहवीं लॉन्चिंग भी असफल रही : तरुण चुघ हरियाणा और जम्मू-कश्मीर चुनावों में युवराज की पंद्रहवीं लॉन्चिंग भी असफल रही : तरुण चुघ नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी महासचिव और जम्मू-कश्मीर प्रभारी तरुण चुघ ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में मिली हार बताती है कि जनता को इनके नेता, नीति और नीयत पर विश्वास नहीं है। उन्होंने आईएएनएस से बात की। कहा, “जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। राहुल गांधी ने हाल ही में एक बैठक बुलाई, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे ने मामले को गहराई से समझने के लिए समिति के गठन की बात की। कांग्रेस के युवराज की पंद्रहवीं लॉन्चिंग एक बार फिर असफल रही है। जो लोग अपने अहंकार और वंशवाद के चलते पार्टी की नीतियों और विचारधारा को दरकिनार कर चुके हैं, वही आज निर्णय लेने की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी की विवेकहीनता का बोझ कांग्रेस और देश दशकों से उठा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “जनता ने स्पष्ट रूप से राहुल गांधी और कांग्रेस की तुष्टिकरण, जातिवाद को बढ़ावा देने वाली सोच, विदेश में भारत को बदनाम करने और टुकड़े-टुकड़े गैंग की राजनीति को नकार दिया है। कांग्रेस के पास न तो नेता हैं, न नीति, और न ही कोई सच्ची नीयत है।” केरल विधानसभा ने केंद्र सरकार के एक राष्ट्र-एक चुनाव प्रस्ताव के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें सरकार से इस प्रस्ताव को वापस लेने का आग्रह किया गया है। इस प्रस्ताव में इसे असंवैधानिक भी घोषित किया गया है। इस पर तरुण चुघ ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “चुनावी खर्चे को कम करना जरूरी है, और देश की वित्तीय स्थिरता को आगे बढ़ाना चाहिए। लेकिन कांग्रेस और उसके गठबंधन के सहयोगी हमेशा अच्छे निर्णयों में रुकावट डालते हैं। एक राष्ट्र-एक चुनाव देश की आवश्यकता है, और इस गंभीर विषय पर सदन में चर्चा होनी चाहिए, न कि इस पर राजनीति की जानी चाहिए।

What do you think?

Leave a Comment

Related News

Trending News

Most Read