अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
‘बिहार में यूसीसी लागू नहीं होगा’, अमित शाह के ऐलान पर नीतीश कुमार की पार्टी की ‘ना’बिहार का 400 साल पुराना वो मंदिर, जहां सूर्यास्त के बाद पुजारी भी नहीं ठहरते, आ रही है कहानी पर बेस्ड मूवीगणेश चतुर्थी के दिन बिहार में मनाया जाता है दिन चौरचन, जानें अपने शहर में चांद निकलने का समयभिट्ठामोड़ पर जगह-जगह लगा कचरे का ढेर: देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों पर पड़ रहा बुरा असर, संक्रमण और बीमार...अमित शाह के UCC वाले बयान पर बिहार में सियासी घमासान, जदयू विधायक बोले- बिहार में किसी कीमत पर लागू नहीं हो...भारत-नेपाल सीमा पर 47 पैकेट हुक्का मसाला बरामद: निचलौल में पिलर संख्या 498 के पास SSB-पुलिस की संयुक्त कार्...जदयू पर मंडरा रहा कौन सा खतरा? नाम जेडीयू का पर नैरेटिव नीतीश का, यह ताकत या सबसे बड़ी कमजोरीबिहार में BJP की सरकार, फिर भी UCC पर JDU की दो टूक; श्याम रजक ने समझाया गठबंधन का गणितछठ में कैसे जाएंगे बिहार, ट्रेन की सारी टिकट बुक, दिल्ली-पटना फ्लाइट किराया ₹22,000 के पार पहुंचा100 साल पुरानी विरासत: 900000 चांदी के सिक्कों से बना था बिहार का ये महल, नक्काशी देख रह जाएंगे दंगबिहार में अब नहीं कटेगी बिजली! बक्सर में 1320 मेगावाट उत्पादन शुरू, राज्य में ही 85% खपत‘बिहार में यूसीसी लागू नहीं होगा’, अमित शाह के ऐलान पर नीतीश कुमार की पार्टी की ‘ना’बिहार का 400 साल पुराना वो मंदिर, जहां सूर्यास्त के बाद पुजारी भी नहीं ठहरते, आ रही है कहानी पर बेस्ड मूवीगणेश चतुर्थी के दिन बिहार में मनाया जाता है दिन चौरचन, जानें अपने शहर में चांद निकलने का समयभिट्ठामोड़ पर जगह-जगह लगा कचरे का ढेर: देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों पर पड़ रहा बुरा असर, संक्रमण और बीमार...अमित शाह के UCC वाले बयान पर बिहार में सियासी घमासान, जदयू विधायक बोले- बिहार में किसी कीमत पर लागू नहीं हो...भारत-नेपाल सीमा पर 47 पैकेट हुक्का मसाला बरामद: निचलौल में पिलर संख्या 498 के पास SSB-पुलिस की संयुक्त कार्...जदयू पर मंडरा रहा कौन सा खतरा? नाम जेडीयू का पर नैरेटिव नीतीश का, यह ताकत या सबसे बड़ी कमजोरीबिहार में BJP की सरकार, फिर भी UCC पर JDU की दो टूक; श्याम रजक ने समझाया गठबंधन का गणितछठ में कैसे जाएंगे बिहार, ट्रेन की सारी टिकट बुक, दिल्ली-पटना फ्लाइट किराया ₹22,000 के पार पहुंचा100 साल पुरानी विरासत: 900000 चांदी के सिक्कों से बना था बिहार का ये महल, नक्काशी देख रह जाएंगे दंगबिहार में अब नहीं कटेगी बिजली! बक्सर में 1320 मेगावाट उत्पादन शुरू, राज्य में ही 85% खपत

Article Advertisement

Politics

गंगा जमुनी तहजीब: यहां 200 वर्षों से हिन्दू ब्राह्मण लेते रहे हैं ताजिया की सलामी

गंगा जमुनी तहजीब: यहां 200 वर्षों से हिन्दू ब्राह्मण लेते रहे हैं ताजिया की सलामी 200 वर्ष पहले ब्राह्मण परिवार से सम्बन्ध रखनेवाले चेत पांडे के द्वारा इस परंपरा की शुरुआत की गई थे. इस बार चेत पांडे के वंशज सोनू पांडे ने ताजिए की सलामी ली. सोनू पांडे को इस्लाम धर्मावलंबियों के सामाजिक कार्यकर्ताओं द

गंगा जमुनी तहजीब: यहां 200 वर्षों से हिन्दू ब्राह्मण लेते रहे हैं ताजिया की सलामी

Article Advertisement

गंगा जमुनी तहजीब: यहां 200 वर्षों से हिन्दू ब्राह्मण लेते रहे हैं ताजिया की सलामी 200 वर्ष पहले ब्राह्मण परिवार से सम्बन्ध रखनेवाले चेत पांडे के द्वारा इस परंपरा की शुरुआत की गई थे. इस बार चेत पांडे के वंशज सोनू पांडे ने ताजिए की सलामी ली. सोनू पांडे को इस्लाम धर्मावलंबियों के सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया एक तरफ मोहर्रम के अवसर पर अताताइयों द्वारा ताजिए पर हमला किया जाता है, आपसी भाईचारा बिगाड़ने की पूरी कोशिश की जाती है तो दूसरी तरफ रोहतास जिले के करगहर में मुहर्रम पर्व पर दोनों समुदायों के बीच अद्भुत परंपरा बीते दो वर्षों से चली आ रही है. ये परंपरा है ताजिए की सलामी लेने की. यहां बीते 200 वर्षों से हिंदू ब्राम्हण के द्वारा ताजिए की सलामी ली जाती है. इस बार ताजिए की सलामी हिंदू ब्राम्हण सोनू पांडे के द्वारा ली गई. स्थानीय लोगों के मुताबिक, ये परंपरा 200 साल से ऐसी ही चली आ रही है. हिंदू ब्राह्मण पहले ताजिए की सलामी लेता है और उसे सम्मानित किया जाता और उसके बाद पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. बताया जाता है कि 200 वर्ष पहले ब्राह्मण परिवार से सम्बन्ध रखनेवाले चेत पांडे के द्वारा इस परंपरा की शुरुआत की गई थे. इस बार चेत पांडे के वंशज सोनू पांडे ने ताजिए की सलामी ली. सोनू पांडे को इस्लाम धर्मावलंबियों के सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया. ये भी पढ़ें-मिशन 2024: JDU निकालेगी 'भाईचारा यात्रा', जानिए-क्या है CM नीतीश का प्लान? इतना ही नहीं लोगों ने करगहर थानाध्यक्ष को भी पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया. इतना ही नहीं त्यौहार कोई भी यहां दोनों समुदाय के लोग मिलकर खुशियां बांटते हैं. बीते 200 साल से यहां के लोग गंगा जमुनी तहजीब को जिंदा रखे हुए हैंय 15 वर्षों से सलामी ले रहे हैं सोनू पांडे सामाजिक कार्यकर्ता सोनू पांडे बीते 15 वर्षों से ताजिए की सलामी ले रहे हैं. मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा सम्मानित किया जाता रहा है। सोनू पांडे भी मुस्लिमों के हर त्यौहार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और उनसे जो भी हो पाता है मदद भी करते हैं. मौहर्रम के दिन ताजिए की सलामी लेने के बाद सोनू पांडे ने कहा कि यहां 200 वर्षों से ये परंपरा चली आ रही है. कोई भी त्यौहार को दोनों पक्षों के लोग मिलजुलकर मनाते हैं.

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read