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BPSC ने क्यों रद्द की शिक्षक भर्ती परीक्षा? 15 मार्च को बिहार के 26 जिलों में हुआ था एग्जाम

BPSC ने क्यों रद्द की शिक्षक भर्ती परीक्षा? 15 मार्च को बिहार के 26 जिलों में हुआ था एग्जाम बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा रद्द करने के फैसले से अभ्यर्थियों में काफी रोष है। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर रद्द करने में पांच दिन क्यों लगे? इस मामले में बिहार पुलिस ने अब तक 300 लोगों को गिर

BPSC ने क्यों रद्द की शिक्षक भर्ती परीक्षा? 15 मार्च को बिहार के 26 जिलों में हुआ था एग्जाम

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BPSC ने क्यों रद्द की शिक्षक भर्ती परीक्षा? 15 मार्च को बिहार के 26 जिलों में हुआ था एग्जाम बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा रद्द करने के फैसले से अभ्यर्थियों में काफी रोष है। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर रद्द करने में पांच दिन क्यों लगे? इस मामले में बिहार पुलिस ने अब तक 300 लोगों को गिरफ्तार किया है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 3.0) रद्द हो गई है। पेपर लीक के बाद बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने यह निर्णय लिया। बीपीएससी के अनुसार 15 मार्च 2024 को हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। बिहार पुलिस की तरफ से पेपर लीक होने की शिकायत मिली थी। साक्ष्यों की विवेचना के बाद यह फैसला लिया गया है।   300 छात्रों को गिरफ्तार किया गया बता दें इससे पहले BPSC ने पुलिस से इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य देने का आग्रह किया था। वहीं, पुलिस ने परीक्षा वाले दिन बिहार के अलग-अलग जगहों से करीब 300 छात्रों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार पकड़े गए लोगों में छात्र और पेपर लीक करने वाले आरोपी शामिल हैं। बता दें पेपर दो पाली में हुए थे, दोपहर की पाली में परीक्षा शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर पेपर की प्रति वायरल हुई थी। 10-10 लाख में पेपर का सौदा हुआ सूचना मिलने के बाद तुरंत बिहार पुलिस की EOU यूनिट हरकत में आई। अलग-अलग जगह छापेमारी कर पुलिस ने मामले में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि छात्रों से 10-10 लाख में पेपर का सौदा हुआ था। पेपर लीक करने वाले दलाल के पास से छात्रों की एक लिस्ट और उनके मोबाइल नंबर मिले हैं। अभ्यर्थियों में काफी रोष पुलिस को मामले में सरकारी तंत्र के भी शामिल होने का शक है। पुलिस छात्रों से अलग-अलग बैठाकर पूछताछ कर रही है। वहीं, बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा रद्द करने के फैसले से अभ्यर्थियों में काफी रोष है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पेपर रद्द करने में पांच दिन क्यों लगे? छात्रों ने सवाल उठाया कि इन पांच दिनों में आयोग किस को बचा रहा था? जब पुलिस ने पेपर वाले दिन ही 300 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था तो कार्रवाई करने में इतनी देरी क्यों की गई?  

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