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बीजेपी को इस सीट पर सिर्फ 4 बार मिली जीत, क्या 2024 में RJD खत्म करेगी 20 साल का सूखा?

बीजेपी को इस सीट पर सिर्फ 4 बार मिली जीत, क्या 2024 में RJD खत्म करेगी 20 साल का सूखा? बिहार की नवादा लोकसभा सीट से बीजेपी और आरजेडी के बीच सीधा मुकाबला होने की उम्मीद है। यहां से पिछले 20 साल से आरजेडी को जीत नहीं मिली है। इस बार उसने यहां से श्रवण कुशवाहा को, जबकि बीजेपी ने विवेक ठाकुर को चुनावी म

बीजेपी को इस सीट पर सिर्फ 4 बार मिली जीत, क्या 2024 में RJD खत्म करेगी 20 साल का सूखा?

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बीजेपी को इस सीट पर सिर्फ 4 बार मिली जीत, क्या 2024 में RJD खत्म करेगी 20 साल का सूखा? बिहार की नवादा लोकसभा सीट से बीजेपी और आरजेडी के बीच सीधा मुकाबला होने की उम्मीद है। यहां से पिछले 20 साल से आरजेडी को जीत नहीं मिली है। इस बार उसने यहां से श्रवण कुशवाहा को, जबकि बीजेपी ने विवेक ठाकुर को चुनावी मैदान में उतारा है। देखें, नवादा का सियासी समीकरण... लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण के लिए बिहार में नामांकन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। पहले चरण में चार सीटों औरंगाबाद, नवादा, गया और जमुई में 19 अप्रैल को वोटिंग होगी। इसमें से नवादा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विवेक ठाकुर, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने श्रवण कुशवाहा को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, भोजपुरी लोक गायक गुंजन सिंह ने निर्दलीय नामांकन कर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है। नवादा लोकसभा सीट का इतिहास क्या है, यहां से किस पार्टी को कितनी बार जीत मिली और अब तक कितने सांसद चुने गए, आइए जानते हैं… विवेक ठाकुर कौन हैं? विवेक ठाकुर राज्यसभा सांसद हैं। वे पटना के रहने वाले हैं। यह उनका पहला लोकसभा चुनाव है। उनके पिता डॉ. सीपी ठाकुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। वे 2 मई 2013 से 6 मई 2014 तक एमएलसी भी रहे। उन्हें 10 अप्रैल 2020 को राज्यसभा भेजा गया। विवेक ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड से मास्टर डिग्री हासिल की है। उनके हलफनामे के मुताबिक, वे 2,85,43,552.36 रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। विवेक के खिलाफ कहीं भी कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। उनकी साफ-सुथरी छवि है।   कौन हैं श्रवण कुशवाहा? श्रवण कुशवाहा आरजेडी के पुराने नेता हैं। वे 2001 में राजनीति में आए। वे विधानसभा और विधानपरिषद का चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि, दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।   नवादा में 2019 में किसे मिली जीत? नवादा संसदीय क्षेत्र से 2019 में लोक जनशक्ति पार्टी के चंदन सिंह को जीत मिली। उन्होंने आरजेडी की विभा देवी को 1,48,073 वोटों से हराया। चंदन सिंह को 4,95,684, जबकि विभा देवी को 3,47, 612 वोट मिले। कुल 49.73 फीसदी मतदान हुआ। यहां कुल 9,44,691 मतदाताओं ने वोट डाले थे।   नवादा लोकसभा चुनाव 2014 का चुनाव परिणाम नवादा लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी के गिरिराज सिंह ने आरजेडी के राज बल्लभ प्रसाद को 1,40,157 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। गिरिराज को 3,90,248, जबकि राज बल्लभ को 2,50,091 मत मिले। यहां कुल 52.18 फीसदी मतदान हुआ था। कुल 8,84,474 मतदाताओं ने अपने मतदाधिकार का उपयोग किया। नवादा से कब किसे मिली जीत? साल सांसद पार्टी 1952 ब्रजेश्वर प्रसाद राम धनी दास कांग्रेस 1957 सत्यभामा देवी रामधनी दास कांग्रेस 1962 राम धनी दास कांग्रेस 1967 सूर्य प्रकाश पुरी निर्दलीय 1971 सुखदेव प्रसाद वर्मा कांग्रेस 1977 नथुनी राम जनता पार्टी 1980 कुंवर राम कांग्रेस 1984 कुंवर राम कांग्रेस 1989 प्रेम प्रदीप सीपीआई 1991 प्रेम चंद राम सीपीआई 1996 कमलेश्वर पासवान बीजेपी 1998 मालदी देवी आरजेडी 1999 संजय पासवान बीजेपी 2004 वीरचंद्र पासवान आरजेडी 2009 भोला सिंह बीजेपी 2014 गिरिराज सिंह बीजेपी 2019 चंदन सिंह लोक जनशक्ति पार्टी शुरुआती दो चुनाव में चुने गए दो सांसद बता दें कि नवादा संसदीय क्षेत्र में शुरुआती दो चुनावों में दो सांसद चुने गए थे। पहली बार 1952 में ब्रजेश्वर प्रसाद और राम धनी दास, जबकि दूसरी बार 1957 में सत्यभामा देवी और रामधनी दास सांसद चुने गए। सभी कांग्रेस पार्टी से थे। राम धनी दास 1962 में लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए थे। नवादा लोकसभा क्षेत्र में कितनी विधानसभा सीटें हैं? नवादा लोकसभा क्षेत्र में कुल 6 विधानसभा सीटें हैं। इसमें शेखपुरा जिले की बरबीघा, जबकि नवादा की रजौली, हिसुआ, नवादा, गोबिंदपुर और वारिसअलीगंज विधानसभा सीटें शामिल हैं।  

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