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एक ही ट्रेन में असली और नकली TTE बागमती एक्सप्रेस में यात्रियों से अवैध वसूली करता शिक्षक रंगे हाथों पकड़ा गया

Published: 5/1/2026, 12:09:32 pm21 viewsSeemanchal Live

बिहार फर्जी TTE मामला एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा और सतर्कता का उदाहरण बन गया है। समस्तीपुर रेल मंडल अंतर्गत बागमती एक्सप्रेस ट्रेन में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक व्यक्ति खुद को टिकट निरीक्षक यानी टीटीई बताकर यात्रियों से अवैध वसूली करता पकड़ा गया। हैरानी की बात यह रही कि उसी ट्रेन में अस

एक ही ट्रेन में असली और नकली TTE  बागमती एक्सप्रेस में यात्रियों से अवैध वसूली करता शिक्षक रंगे हाथों पकड़ा गया
बिहार फर्जी TTE मामला एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा और सतर्कता का उदाहरण बन गया है। समस्तीपुर रेल मंडल अंतर्गत बागमती एक्सप्रेस ट्रेन में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक व्यक्ति खुद को टिकट निरीक्षक यानी टीटीई बताकर यात्रियों से अवैध वसूली करता पकड़ा गया। हैरानी की बात यह रही कि उसी ट्रेन में असली टीटीई भी ड्यूटी पर मौजूद था। यह सनसनीखेज मामला रविवार को सामने आया, जब यात्रियों की सूझबूझ और रेलवे कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से एक नकली टीटीई की पोल खुल गई। आरोपी की पहचान एक निजी स्कूल शिक्षक के रूप में हुई है। यात्रियों की शिकायत से खुला राज समस्तीपुर रेल डिवीजन के अनुसार, ट्रेन संख्या 12578 बागमती एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे कुछ यात्रियों ने शिकायत की कि सामान्य कोच में एक व्यक्ति बिना किसी पहचान पत्र के टिकट जांच कर रहा है और बिना टिकट यात्रियों से पैसे वसूल रहा है। यात्रियों को तब शक हुआ जब उस व्यक्ति का व्यवहार और पूछताछ का तरीका असली टीटीई से अलग लगा। इसके बाद उन्होंने तुरंत ड्यूटी पर तैनात टिकट निरीक्षक डंडन चौधरी को इसकी जानकारी दी। असली TTE ने किया फर्जी TTE को गिरफ्तार शिकायत मिलते ही टिकट निरीक्षक डंडन चौधरी संबंधित कोच में पहुंचे। जांच के दौरान आरोपी व्यक्ति से पहचान पत्र मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। सख्ती से पूछताछ करने पर उसकी सच्चाई सामने आ गई। ट्रेन के समस्तीपुर स्टेशन पहुंचते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेल पुलिस (GRP) को सूचना दी गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। आरोपी ने कबूला जुर्म समस्तीपुर रेल डिवीजन के मीडिया प्रभारी आर.के. सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम हर्षवर्धन भारद्वाज उर्फ चुलबुल बताया। उसकी उम्र करीब 43 वर्ष है और वह बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र का निवासी है। पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह कोई रेल कर्मचारी नहीं है और बिना अधिकार के टिकट जांच कर रहा था। “यात्रियों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया। वह कोई वैध प्राधिकार पत्र नहीं दिखा सका और उसने अवैध वसूली की बात स्वीकार कर ली।” — आर.के. सिंह, मीडिया प्रभारी, समस्तीपुर रेल डिवीजन शिक्षक होने का हुआ खुलासा जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह एक निजी स्कूल में शिक्षक है। उसने बताया कि कम वेतन और पारिवारिक आर्थिक दबाव के कारण उसने यह गलत रास्ता अपनाया। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने साफ कहा कि आर्थिक तंगी अपराध का बहाना नहीं हो सकती और कानून अपना काम करेगा। GRP थाने में दर्ज हुई FIR टिकट निरीक्षक डंडन चौधरी के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामला रेलवे अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। रेल थाना अध्यक्ष ने बताया कि आरोपी को सोमवार को रेल न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा। अदालत की प्रक्रिया के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। रेल प्रशासन की यात्रियों से अपील इस घटना के बाद रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बिना वर्दी या पहचान पत्र के टिकट जांच करता दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना असली टीटीई, RPF या GRP को दें। रेल अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सतर्कता से ही इस तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सकती है। फर्जी TTE पर सख्ती जरूरी रेलवे अधिकारियों ने माना कि फर्जी टीटीई बनकर वसूली की घटनाएं यात्रियों के विश्वास को तोड़ती हैं और रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और नियमित जांच अभियान जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न कर सके।

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