अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
सीमा पर तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, लैलोखर में 102 लीटर नेपाली शराब बरामदबिहार में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर जोर, विभागों की गतिविधियां तेजभारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 मुकाबले से पहले बढ़ी चुनौती, भारतीय टीम की गेंदबाजी पर उठे सवालदुर्गा पूजा के रंग में रंगा बॉलीवुड, काजोल ने परिवार के साथ मनाया उत्सवAI एजेंट्स को लेकर बड़ा साइबर खतरा, CERT-In ने भारतीय संगठनों को किया सतर्कपश्चिम एशिया में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर नजरबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 17 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचारChandauli News: बिहार भेजी जा रही 5200 लीटर डीजल बरामदPurnia News: किलकारी बिहार बाल भवन में डांडिया उत्सव की धूमSitamarhi News: सीमा सुरक्षा को समन्वय बढ़ाने पर जोरदिवाली और छठ पूजा के दौरान नहीं मिल रहा कंफर्म टिकट? इन ट्रेनों में करें ट्राई, रेलवे चला रहा पूजा स्पेशल ट्रेनेंसीमा पर तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, लैलोखर में 102 लीटर नेपाली शराब बरामदबिहार में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर जोर, विभागों की गतिविधियां तेजभारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 मुकाबले से पहले बढ़ी चुनौती, भारतीय टीम की गेंदबाजी पर उठे सवालदुर्गा पूजा के रंग में रंगा बॉलीवुड, काजोल ने परिवार के साथ मनाया उत्सवAI एजेंट्स को लेकर बड़ा साइबर खतरा, CERT-In ने भारतीय संगठनों को किया सतर्कपश्चिम एशिया में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर नजरबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 17 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचारChandauli News: बिहार भेजी जा रही 5200 लीटर डीजल बरामदPurnia News: किलकारी बिहार बाल भवन में डांडिया उत्सव की धूमSitamarhi News: सीमा सुरक्षा को समन्वय बढ़ाने पर जोरदिवाली और छठ पूजा के दौरान नहीं मिल रहा कंफर्म टिकट? इन ट्रेनों में करें ट्राई, रेलवे चला रहा पूजा स्पेशल ट्रेनें

Article Advertisement

Business

बिहार चुनाव से पहले अमित शाह के दौरे के क्या मायने, सीएम चेहरा नीतीश होंगे या नहीं?

बिहार चुनाव से पहले अमित शाह के दौरे के क्या मायने, सीएम चेहरा नीतीश होंगे या नहीं?   हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह के दो दिवसीय बिहार दौरे के दौरान ऐसे संकेत मिले कि नीतीश कुमार ही विधानसभा चुनाव में एनडीए का चेहरा होंगे। गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। बीजेपी की

बिहार चुनाव से पहले अमित शाह के दौरे के क्या मायने, सीएम चेहरा नीतीश होंगे या नहीं?

Article Advertisement

बिहार चुनाव से पहले अमित शाह के दौरे के क्या मायने, सीएम चेहरा नीतीश होंगे या नहीं?   हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह के दो दिवसीय बिहार दौरे के दौरान ऐसे संकेत मिले कि नीतीश कुमार ही विधानसभा चुनाव में एनडीए का चेहरा होंगे। गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। बीजेपी की रणनीति क्या है, क्या चुनाव के नतीजों के बाद कुछ परिवर्तन किया जा सकता है? विस्तार से पूरी बात को जानते हैं। कुछ ही महीने बाद बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। जेडीयू चाह रही है कि नीतीश कुमार को एनडीए सीएम फेस घोषित करे। पार्टी नहीं चाहती कि किसी भी सूरत में किसी और नेता को सीएम कैंडिडेट बनाया जाए। बीजेपी भी मामले में फूंक-फूंककर कदम रख रही है। कुछ समय पहले एक चैनल से बातचीत में अमित शाह ने कहा था कि नीतीश कुमार को लेकर दोनों पार्टियों की बैठक में फैसला लिया जाएगा। हाल ही में अमित शाह बिहार के दो दिवसीय दौरे से लौटे हैं। एक तरह से वे इस बात पर मुहर लगा चुके हैं कि एनडीए नीतीश कुमार के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगा। दूसरी तरफ कुछ अलग बात नजर आती है। एक तरह से अमित शाह ने ये कहा है कि नीतीश कुमार एनडीए का चेहरा होंगे। इस बात पर अमित शाह नहीं बोले कि चुनाव में जीत के बाद उनको ही सीएम बनाया जाएगा। पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा था कि 2025 में मोदी जी और नीतीश जी के नेतृत्व में राज्य में एनडीए की सरकार बनाइए और केंद्र सरकार को बिहार के विकास का एक और मौका दीजिए। शाह ने कहा कि नीतीश सरकार ने बिहार में बहुत बदलाव किए हैं। शाह के बयान से स्पष्ट है कि नीतीश को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। राजनीतिक जानकार इस पर संदेह जता रहे हैं। प्रशांत किशोर साबित हो सकते हैं विकल्प हाल ही में नीतीश कुमार की तबीयत खराब होने की बातें सामने आई थीं। उनकी बढ़ती उम्र का मुद्दा भी विपक्ष उठा सकता है। ऐसे में नीतीश कुमार को फ्री हैंड देने का नुकसान बीजेपी को हो सकता है। बीजेपी के कार्यकर्ता नीतीश के सीएम फेस के ऐलान के बाद मायूस हो सकते हैं। बीजेपी के कोर वोटर भी उससे छिटक सकते हैं। एंटी इनकंबेंसी का लाभ विपक्ष को न मिले, बीजेपी ऐसा चाह रही है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुछ ऐसी ही रणनीति आप ने बनाई थी। आप की सोच थी कि उसके नाराज वोटर छिटककर बीजेपी के साथ न जाए, कांग्रेस को इसके विकल्प के तौर पर देखा गया था। बीजेपी बिहार में प्रशांत किशोर की पार्टी को इसका विकल्प मानकर चल रही है।   महाराष्ट्र की तर्ज पर रणनीति आज तक की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही चेहरा थे। एक कार्यक्रम में शिंदे की मौजूदगी में पत्रकारों ने फडणवीस से अगले सीएम के बारे में पूछा था। इस पर फडणवीस ने शिंदे की ओर इशारा किया था। हालांकि नतीजों के बाद फडणवीस को बीजेपी ने सीएम बनाया। कयास ये लगाए जा रहे हैं कि कहीं चुनाव के बाद बिहार में बीजेपी कुछ और फैसला न ले ले। हो सकता है कि शिंदे की तर्ज पर बीजेपी नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करे।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read