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Politics

CM नीतीश कुमार को बड़ा झटका, अली अशरफ फातमी ने दिया इस्तीफा

CM नीतीश कुमार को बड़ा झटका, अली अशरफ फातमी ने दिया इस्तीफा जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मो अली अशरफ फातमी ने नीतीश की पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है और मंगलवार को उन्होंने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया. लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा की जा चुकी है, उसके साथ ही नेता पाला बदलते नजर आ रहे हैं. पहले प

CM नीतीश कुमार को बड़ा झटका, अली अशरफ फातमी ने दिया इस्तीफा

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CM नीतीश कुमार को बड़ा झटका, अली अशरफ फातमी ने दिया इस्तीफा जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मो अली अशरफ फातमी ने नीतीश की पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है और मंगलवार को उन्होंने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया. लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा की जा चुकी है, उसके साथ ही नेता पाला बदलते नजर आ रहे हैं. पहले पशुपति पारस ने एनडीए का साथ छोड़ दिया और अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है तो अब खबर सामने आ रही है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मो अली अशरफ फातमी ने नीतीश की पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है और मंगलवार को उन्होंने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया. बता दें कि अली अशरफ फातमी केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. वहीं, उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. जानकारी के अनुसार वे आरजेडी में शामिल हो सकते हैं. इससे पहले अली अशरफ आरजेडी की टिकट से दरभंगा सीट से सांसद रह चुके हैं. वहीं, इस बार भी वह दरभंगा या मधुबनी से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. जेडीयू को लगा झटका अली अशरफ फातमी ने इस्तीफे वाले पत्र में लिखा कि मैं नैतिक मूल्यों की रक्षा हेतु जेडीयू के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं. इसके लिए कृपया स्वीकृति प्रदान करें. यह पत्र उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखा है. वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी नीतीश कुमार ने खुद के पास रखा है. कुछ समय पहले ही ललन सिंह ने इस पद से इस्तीफा दिया था और नीतीश कुमार ने खुद के पास यह जिम्मेदारी ली थी. पशुपति पारस ने छोड़ा एनडीए का साथ एनडीए में सीट बंटवारे के बाद कुछ नेताओं की नाराजगी की खबरें सामने आ रही है. बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले जेडीयू के साथ ही एनडीए को भी झटका लगा है. बिहार में कुल 40 लोकसभा सीट हैं, जिसमें 17 पर बीजेपी, 16 पर जेडीयू, 5 पर लोजपा (रामविलास) और वहीं जीतन राम मांझी व उपेंद्र कुशवाहा को 1-1 सीट दी गई है. वहीं, पशुपति पारस को एनडीए ने लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं दिया. इसकी जगह उन्हें एनडीए ने राज्यपाल बनने का ऑफर दिया था. वहीं, पशुपति की नाराजगी की खबरें सामने आ रही थी और आखिरकार पशुपति ने एनडीए का साथ छोड़ दिया और महागठबंधन का हाथ थामा सकते हैं. इसे लेकर आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव का बयान सामने आया है. आपको बता दें कि पशुपति ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन महागठबंधन में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है.  

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