
113 साल पहले बंगाल से हुआ अलग, 2 बार विभाजन; जानें कैसे बना आज का बिहार?
देश में आज बिहार दिवस मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार समेत कई दिग्गज हस्तियों ने इस पर्व पर शुभकामनाएं दी हैं। तो आइए जानते हैं बिहार का 113 साल पुराना इतिहास क्या है?
Bihar Diwas 2025 Historical Significance: 22 मार्च 1912…यह तारीख न सिर्फ बिहार बल्कि देश के इतिहास में हमेशा के लिए अमर है। इसी तारीख को बिहार पहली बार अस्तित्व में आया था, जिसके हम बिहार दिवस के रूप में मनात हैं। बिहार को बने आज 113 साल हो चुके हैं। मगर सवाल यह है कि 1912 के पहले बिहार कैसा दिखता था और आज के बिहार का निर्माण क्यों और कैसे किया गया?
बिहार दिवस की धूम
बिहार की गिनती आज देश के अहम राज्यों में होती है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बिहार दिवस की बधाई दी है। राष्ट्रपति ने बिहार को ज्ञान और विकास का केंद्र करार दिया है, तो वहीं पीएम मोदी ने बिहार को वीरों की पावन धरती कहा है। इसी के साथ सीएम नीतीश ने लिखा कि गर्व से कहो हम बिहारी हैं!
बंगाल से निकला बिहार
12 दिसंबर 1911 को अंग्रेजी हुकूमत ने देश की राजधानी कोलकाता से दिल्ली शिफ्ट कर दी। अंग्रेजी सत्ता का केंद्र रहा बंगाल अब विरान होने वाला था। हालांकि जाने से पहले अंग्रेजों ने बंगाल का भी विभाजन कर दिया। इसी कड़ी में 22 मार्च 2025 को बंगाल से बिहार अलग हुआ और इसी के साथ बिहार के रूप में देश को 12वां राज्य मिला।
बिहार का विभाजन
बंगाल से अलग होने के बाद भी बिहार का क्षेत्रफल काफी बड़ा था। ऐसे में बिहार को एक नहीं बल्कि 2 बार विभाजन का दंश झेलना पड़ा। 1936 में पहले ओडिशा को बिहार से अलग करके नए राज्य का दर्जा दिया गया। वहीं साल 2000 में झारखंड को भी बिहार से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद आज का बिहार बना है।