
अब तोहरा बगैर कैसे रहबे होे बब्बू...
अब तोहरा बगैर कैसे रहबे होे बब्बू... बब्बू रे बब्बू अब तोहरा बिन कैसे रहबे रे बब्बु के चित्कार से मृतक विकास की मां संगीता जहां बार बार बेहोश जाती वहीं रु दन क्रंदन से आसपास का माहौल गमगीन हो गया। एक ही समुदाय के दर्जनों महिलाओं के चीख और चीत्कार से पूरा गांव शोक में डूब गया। गांव की सभी महिला एकत्र

















